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आसिफ को भीड़ ने पीटकर मार डाला तो आरोपियों की रिहाई के लिए महापंचायतें क्यों हो रही हैं?

यूं तो हरियाणा (Haryana) में किसान आंदोलन के समर्थन में कई महापंचायतें हुई हैं. पिछले दिनों भी कुछ महापंचायतें हुईं, लेकिन इस बार वज़ह किसान आंदोलन नहीं है. 16 मई को राज्य के मेवात इलाक़े में आसिफ़ हुसैन खान (Asif Hussain Khan) नाम के एक युवक की कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. हत्या के बाद कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया. फ़िलहाल हो रही महापंचायतें इन आरोपियों के पक्ष में हैं. हालांकि हरियाणा में फ़िलहाल लॉकडाउन है और धारा 144 लागू है.

दिल्ली से क़रीब 60 किलोमीटर दूर हरियाणा के नूंह ज़िले के इंद्री गांव में 30 मई को एक महापंचायत हुई थी. वेबपोर्टल ‘द वायर’ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इसमें 50,000 लोगों ने भागीदारी की थी. इस व्यक्ति के मुताबिक़ इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से लोगों ने भाग लिया था. महापंचायत सुबह 11 बजे से 3 बजे तक गांव के संगम स्कूल में आयोजित चली जिसकी अध्यक्षता अरुण जैलदार नाम के एक शख्स ने की थी.

कहां से शुरू हुआ मामला

नूंह ज़िले के खेड़ा खलीलपुर गांव का रहने वाला 27 साल का आसिफ़ हुसैन खान पेशे से एक जिम ट्रेनर था. परिवार का ऐसा दावा है कि वो 16 मई को अपने एक चचेरे भाई के साथ दवाइयां लेने मेवात गया था. उसी वक्त कुछ गाड़ियों ने उन्हें घेर लिया और कई लोग मिलकर लाठी डंडों से वार करने लगे. आसिफ़ के चचेरे भाई इस घटना में घायल हुए लेकिन अपने को बचा कर भागने में कामयाब हुए. वहीं इस हमले में आसिफ़ की जान चली गई. उनकी लाश गुरुग्राम के सोहना इलाक़े के एक गांव में मिली.

आसिफ़ के पिता जाकिर हुसैन ने वेबपोर्टल ‘द क्विंट’ से कहा,

“16 मई की शाम को मेरा बेटा आसिफ, भतीजे राशिद के साथ सोहना के एक मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने गया था. जब वे वापस जा रहे थे, तो वहां उनकी मुलाक़ात वासिफ से हुई. वासिफ़ को उन्होंने घर वापस जाने के लिए लिफ्ट भी दी. फिर कुछ आरोपी तीन से चार कारों में आए और मेरे बेटे की गाड़ी को टक्कर मारी.”

जाकिर हुसैन ने मुताबिक़ ये घटना जाखोपुर के पास एक रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक हुई. घटना के वक्त वासिफ उनके साथ नहीं था. वासिफ को उन्होंने पहले ही छोड़ दिया था.

जाकिर हुसैन ने वेबपोर्टल न्यूज़लॉन्ड्री से कहा, “राशिद किसी तरह भागने में कामयाब रहा लेकिन आसिफ का उन्होंने अपहरण कर लिया.”

वहीं आसिफ़ के चचेरे भाई राशिद के मुताबिक़ आरोपियों ने आसिफ को कार से बाहर निकाला और उसकी हत्या कर दी. राशिद ने कहा,

“उन्होंने कहा कि वे हम में से किसी को भी ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे और ये भी कहा कि वो हमसे जय श्री राम बुलवाएंगे.”

इस मामले में पुलिस ने 14 लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज़ की थी. जिसमें मुख्य आरोपी पटवारी, आडवाणी, महेंद्र और अनूप हैं. इसमें कई लोगों की गिरफ़्तारी भी हुई है. वेबपोर्टल ‘द वायर’ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पटवारी, आडवाणी और तीन अन्य आरोपी कथित तौर पर बीजेपी और संघ परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं.

पंचायतों के आरोप, निर्दोष हैं सभी आरोपी

इंद्री में बड़ी महापंचायत से पहले अलग-अलग गांवों में छोटी महापंचायतें आयोजित की जा चुकी थीं. नूंह तहसील के किरा गांव में एक महापंचायत हुई थी, दूसरी फरीदाबाद जिले के बडोली गांव हुई थी. इन छोटी-छोटी महापंचायतों में इंद्री में आयोजित कार्यक्रम की जानकारी लोगों को दी गई थी. ‘द वायर’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ इन सभी महापंचायतों का आयोजन आसिफ की हत्या में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग के लिए किया गया था. हालांकि, महापंचायतों का आयोजन करने वाले और इसमें भाग लेने वाले लोगों का दावा है कि सभी आरोपी बेगुनाह हैं और उनकी मांग है कि सभी को फ़ौरन रिहा किया जाना चाहिए. इंद्री में हुई महापंचायत में प्रशासन पर आरोपियों की रिहाई के लिए दबाव बनाने को 101 लोगों की कमेटी बनाई गई है.

करणी सेना प्रमुख का वीडियो वायरल

करणी सेना के अध्यक्ष सूरज पाल अमू ने भी इंद्री महापंचायत में भाग लिया था. उन्होंने अपने फ़ेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो भाषण देते नज़र आ रहे हैं. वीडियो में भाषण शुरू करने से पहले वो लोगों से पूछते हैं,

“भाई जरा सच्चा और अच्छा हिंदू अपना हाथ खड़ा कर ले…अगर एक आध पाकिस्तान की औलाद बैठा हो तो वो भी अपना हाथ खड़ा कर ले.”

उन्होंने अपनी भाषण में आसिफ़ की मौत के लिए उसके कर्मों को ज़िम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा,

“न तो पटवारी ने मर्डर किया न ही आडवाणी ने मर्डर किया. अगर उसकी हत्या हुई है तो उसके कर्मों की वजह से हुई है. यह कहने की जुर्रत आप लोग और कहें! दोषियों को पकड़ लो निर्दोषों को छोड़ दो. हम नही हैं दोषी. नहीं हैं हमारे बच्चे दोषी. हमारी बहन बेटियों की अश्लील पिक्चर बनाते हैं और हम उनका मर्डर भी न करें. वो हमारी बहन बेटियों को कॉलेज के बाहर गोली मार देते हैं. हम उनका विरोध भी न करें. पंचायत में टेंट लगाने वालों को रोक रहे हैं, कहते हैं देख लेंगे….पंचायत करने वालों को जो रोकेंगे हम उन्हें ठोकेंगे, अगर मां का दूध पिया है तो रोक के दिखाए.”

‘द लल्लनटॉप’ ने अमू से संपर्क किया लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर बात करने से इंकार कर दिया.

टीवी न्यूज़ चैनल NDTV के मुताबिक़ हरियाणा पुलिस, करणी सेना के प्रमुख कुंवर सूरज पाल अमू के एक वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है. जो कथित तौर पर राज्य में एक मुस्लिम व्यक्ति की हत्या के मामले में गिरफ्तार लोगों के पक्ष में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए वीडियो में नज़र आ रहे हैं. नूंह जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया ने NDTV को बताया, “हमने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और हम कार्रवाई करेंगे.”

मुस्लिम रक्षा दल का आरोप

मुस्लिम रक्षा दल, हरियाणा ने इन महापंचायतों के खिलाफ मेवात एसपी के पास शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें आयोजकों और वक्ताओं पर “घृणा फैलाने, कानून तोड़ने, भाईचारे को नुकसान पहुंचाने और दंगे भड़काने” का आरोप लगाया गया है. MRL के हरियाणा अध्यक्ष तकीर अली मेव द्वारा मंगलवार को दायर की गई शिकायत में मुख्य आयोजक और इंद्री गांव के सरपंच कमल, सतबीर पहलवान , दमदमा , सुभाष चौधरी, पलवल, सूरज पाल अमू, सोहना और योगेश हिलालपुरिया को नामज़द किया गया है. 

हिंदू संगठन आरोपियों के पक्ष में खड़े

वहीं हिंदुत्ववादी संगठन भारत माता वाहिनी के प्रमुख दिनेश ठाकुर ने भी आरोपियों की रिहाई की मांग की है. उन्होंने कई लोगों के साथ इस संबंध में एक रैली भी निकाली थी. इस रैली की एक वीडियो उन्होंने वाहिनी के फेसबुक पर 27 मई को पोस्ट की थी.

पलवल में बीजेपी के आईटी सेल के जिलाध्यक्ष सुनील ने भी बसालत में आयोजित एक महापंचायत की तस्वीरें पोस्ट की. जिसमें कहा कि इसमें 40 गांवों से 36 बिरादरी के लोगों ने भाग लिया.

सुनील ने स्थानीय पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो पलवल से मेवात जानी वाली पानी की लाइन रोक देंगे. उन्होंने कहा,

“हम 10 दिन इंतज़ार करेंगे. 10 दिन बाद 100 लोगों की कमेटी आगे की कार्रवाई तय करेगी. जरूरत पड़ी तो दूसरी पंचायत कराई जाएगी. पुलिस को 10 दिन के भीतर गिरफ्तार किए गए लोगों में दोषियों और निर्दोषों के बीच अंतर कर कमेटी को संतुष्ट करना होगा. अगर वे संतुष्ट नहीं हैं तो एक और महापंचायत होगी जिसमें वे प्रशासन के खिलाफ आगे का एजेंडा तय करेंगे. हम पलवल से मेवात जानी वाली पानी की लाइन रोक देंगे.”

पुलिस का क्या कहना है

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक आसिफ के परिवार वालों ने आरोप लगाए हैं कि आसिफ को ‘जय श्री राम’ कहने पर मजबूर किया गया. हालांकि, FIR में ऐसा कोई भी आरोप नहीं लगाया गया है. राशिद ने पुलिस को आरोपियों के नाम भी बताए हैं. उसने बताया कि हमले में आडवाणी, कालू, ऋषि, कुलदीप, संदीप और महेंदर शामिल थे. इनके अलावा कुछ आरोपी आटा बरौंधा और खेड़ा खलीलपुर के थे. पुलिस के मुताबिक कुल 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जिनमें से 6 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है. बल्कि गांव के युवकों के दो समूहों के बीच दुश्मनी के चलते यह घटना हुई है.


वीडियो- मेवात में आसिफ की मॉब लिंचिंग, घर वाले कह रहे- जय श्री राम नहीं बोला, इसलिए मारा

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