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घंटों इंतज़ार के बाद भी नहीं मिला इलाज, अस्पताल खोजते हुए वकील ने बाइक पर ही दम तोड़ दिया

मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में इलाज के अभाव में 40 साल के एक वकील ने चलती बाइक पर दम तोड़ दिया. रतलाम के मेडिकल कॉलेज में वकील को लेकर उसकी मां और भाई ढाई घंटे तक इलाज का इंतजार करते रहे. जब कोई इलाज नहीं मिला तो वो मरीज को दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए. लेकिन वहां भी इलाज नहीं मिला और फिर तीसरे अस्पताल की तरफ जाते वक्त वकील ने बाइक पर ही दम तोड़ दिया.

2 घंटे इंतजार के बाद भी भर्ती नहीं किया

रतलाम शहर में रहने वाले 40 साल के वकील सुरेश डागर की तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही थी. 4 मई यानी मंगलवार की सुबह उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. ऐसे में सुरेश के भाई अनिल और मां उन्हें बाइक पर लेकर करीब 10.30 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे. दो घंटे इंतज़ार के बाद भी उन्हें अंदर नही लिया गया. इस बीच सुरेश की हालत लगातार खराब होती जा रही थी. परिजन, वकील सुरेश को पास के एक प्राइवेट अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां भी इलाज नहीं मिला.

इलाज नहीं मिलने के बाद भाई और मां जब वकील सुरेश डागर को बाइक पर लेकर राम मंदिर क्षेत्र से गुजर रहे थे तभी उनकी मौत हो गई. कोरोना पॉजिटिव होने की आशंका के चलते सड़क पर ही दम तोड़ते सुरेश की मां और भाई की मदद के लिए भी कोई आगे नहीं आया. ऐसे में वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल एम्बुलेंस को बुलाया. वकील को एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय भेजा गया. जहां डॉक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया. आशंका थी कि वकील सुरेश डागर कोरोना संक्रमित थे. ऐसे में उनके शव का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया. सुरेश डागर के भाई अनिल डागर ने आजतक को बताया,

भैया की तबियत 4-5 दिन से खराब थी. सीटी स्कैन में 10 प्रतिशत इन्फेक्शन बताया था. आज उनको सांस लेने में दिक्कत हुई तो सुबह मेडिकल कालेज ले गए. गेट नम्बर 2 पर ढाई घंटे तक इलाज के लिए बैठे रहे. भैया के कई वकील दोस्तों ने कई लोगो को फोन लगाकर इलाज के लिए विनती की, लेकिन मेडिकल कालेज में बेड नहीं होने के चलते उनको भर्ती नहीं किया गया. मैं उनको लेकर एक प्राइवेट हॉस्पिटल भी गया. लेकिन वहां भी बेड खाली नहीं था. हम करीब डेढ़ बजे वहां से दूसरे हॉस्पिटल की तलाश में निकले. बाइक पर भैया और मां साथ में थे. राम मंदिर के पास अचानक भैया ने चलती बाइक पर ही दम तोड़ दिया.

अस्पताल में नया वार्ड बनता रहा, वकील का दम निकल गया

वकील सुरेश डागर मेडिकल कॉलेज में गेट नंबर 2 पर इलाज का इंतजार कर रहे थे. उसी समय मेडिकल कॉलेज में 60 नए बेड वाले वार्ड को शुरू करने का काम हो रहा था. नए वार्ड के लिए 70 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर मशीन देने के लिए चैतन्य कश्यप फाउंडेशन के अध्यक्ष चैतन्य कश्यप भी वहां पर मौजूद थे. चैतन्य कश्यप रतलाम के विधायक भी हैं. विधायक की अगुआई के लिए जिला कलेक्टर गोपाल डांड़ भी आये हुए थे. मेडिकल कालेज के डीन से लेकर दूसरा स्टाफ भी विधायक और कलेक्टर के साथ लगा हुआ था. वकील के साथियों का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर भी सुरेश डागर के लिए मेडिकल कॉलेज में बेड का इंतजाम करवाने की कोशिश की, लेकिन इंतजाम नहीं हो पाया.


वीडियो – ओडिशा: अस्पताल में महिला का यौन शोषण करने के आरोप में कोरोना संक्रमित मरीज केस दर्ज

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