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लॉकडाउन 4.0 : दफ्तर जाने वाले लोगों के लिए क्या नियम हैं? किन बातों का रखना होगा ध्यान

सरकार ने लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया है. हालांकि इस बार सरकार ने कई राहतें दी हैं. साथ ही नियम-कानून बनाने का जिम्मा राज्यों पर छोड़ दिया है. यानी राज्य सरकारें अपने हालात और जरूरत के हिसाब से गाइडलाइंस तैयार कर सकती हैं. केंद्र सरकार की ओर से दी गई राहतों में ऑफिस खोलने की छूट भी काफी अहम है.

ऑफिस खोलने पर सरकार ने क्या कहाः

# ऑफिसों में फेस मास्क पहनना जरूरी होगा.

# ऑफिस में आने और जाने के गेट पर हाथ धोने, सैनिटाइज करने और थर्मल स्कैनिंग की सुविधा होनी चाहिए.

# काम करने की जगह, वॉशरूम, दरवाजों के हैंडल सबसे ज्यादा उपयोग में आते हैं. ऐसे में इन्हें बार-बार सैनेटाइज किए जाएं.

# ऑफिस में काम के दौरान शिफ्टों में काम कराने पर जोर रहे. यानी एक साथ सभी कर्मचारियों को न बुलाया जाए.

# ऑफिस में कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए. यानी कर्मचारियों के बैठने के बीच पर्याप्त दूरी हो.

# अगर हो सके तो ज्यादा से ज्यादा घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम ही कराया जाए.

# ऑफिसों में अब तक 33 प्रतिशत स्टाफ के काम करने की ही अनुमति थी. सरकार ने अब यह बाध्यता खत्म कर दी है. यानी अब दफ्तर में पूरा स्टाफ काम कर सकता है.

सरकार ने मेट्रो ट्रेन चलाने की परमिशन नहीं दी है. यह तस्वीर नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन की है. (Photo: PTI)
सरकार ने मेट्रो ट्रेन चलाने की परमिशन नहीं दी है. यह तस्वीर नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन की है. (Photo: PTI)

पर दफ्तर जाएं कैसे

# गृह मंत्रालय ने ऑटो, टैक्सी, ई-रिक्शा चलाने की परमिशन दे दी है. अब रेड जोन वाले इलाकों में भी ट्रांसपोर्ट के साधन चल सकेंगे.

# सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा. जैसे- ऑटो में ड्राइवर के अलावा केवल एक सवारी ही बैठ सकती है. ओला-उबर जैसी टैक्सियों में ड्राइवर के अलावा दो लोग और बैठ सकते हैं.

# निजी वाहनों से भी दफ्तर जा सकते हैं. ऑफिस का आईडी कार्ड ही पास के रूप में काम करेगा.

# सभी शहरों की मेट्रो ट्रेनें अभी बंद रहेंगी.

# राज्यों के अंदर आने-जाने के लिए बसें चल सकती हैं. इस बारे में राज्य के मुख्यमंत्री फैसला लेंगे. यानी हो सकता है कि दिल्ली में डीटीसी की बसें या जयपुर में मिनी बसें शुरू हो जाएं. इसी तरह मुंबई में बेस्ट बसें फिर से सड़कों पर उतर सकती है.

सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप को मोबाइल में रखने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है. अब इसे रखने का फैसला जिला प्रशासन पर छोड़ा गया है. (Photo: AP)
सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप को मोबाइल में रखने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है. अब इसे रखने का फैसला जिला प्रशासन पर छोड़ा गया है. (Photo: AP)

क्या एहतियात बरतने होंगे?

# घर से बाहर आने-जाने का समय सरकार ने फिक्स कर रखा है. आदेश के अनुसार, सुबह 7 से शाम 7 बजे के दौरान ही बाहर जाने या यात्रा करने की परमिशन होगी. रात के समय बाहर निकलने की परमिशन नहीं है.

# कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों को इमरजेंसी के अलावा बाहर जाने की अनुमति नहीं है, साथ ही यहां पर इमरजेंसी चीज़ों की होम डिलिवरी की जाएगी..

# आरोग्य सेतु ऐप मोबाइल को लेकर सरकार ने थोड़ी राहत दी है. अब इसे रखना अनिवार्य नहीं है. लेकिन दफ्तर मालिक या नौकरी देने वाले कर्मचारियों से आरोग्य सेतु ऐप रखने को कह सकते हैं.

# जिला प्रशासन भी लोगों को आरोग्य सेतु का इस्तेमाल करने को कह सकता है.

भारत में कोरोना वायरस के मामलों का स्टेटस


Video: गृह मंत्रालय की तरफ से लॉकडाउन 4.0 के लिए जारी की गई गाइडलाइन्स क्या हैं?

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