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PM मोदी और मुख्यमंत्रियों की मीटिंग में लॉकडाउन को लेकर क्या फ़ैसला हुआ?

लॉकडाउन 3.0. आख़िरी हफ़्ता शुरू हो चुका है. और आख़िरी हफ़्ते के बाद क्या होगा, इसको लेकर केंद्र सरकार और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच कल यानी 11 मई को एक मीटिंग हुई. निर्णय तो नहीं लेकिन इस मीटिंग में कमोबेश अधिकतर राज्यों ने कहा कि धीरे-धीरे लॉकडाउन को खोलने की तरफ़ सरकार को आगे बढ़ना चाहिए.

केंद्र की ओर से मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा प्रमुख रूप से वित मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन मौजूद थे. पहले की मीटिंग में जहां कुछ ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बोलने दिया जाता था, इस बार की मीटिंग में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपनी बात रखने का बराबर का मौक़ा दिया गया.

इसके पहले लॉकडाउन 2.0 के दौरान अधिकतर राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की सिफ़ारिश की थी. कहना था कि मामले बढ़ रहे हैं. लॉकडाउन बढ़ाना ज़रूरी है. लेकिन अब कहा जा रहा है कि आर्थिक मोर्चे पर हो रही क्षति को देखते हुए राज्यों ने इस बार अपना पक्ष पलट दिया है.

किसने क्या कहा?

सबसे पहले नरेंद्र मोदी की बात. ANI के हवाले से बात करें तो नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोनावायरस से लड़ाई अब ज़्यादा फ़ोकस होकर लड़नी होगी. बीते कुछ दिनों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं. आगे आने वाले समय में और गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

मीटिंग में ममता बनर्जी ने ट्रेन चलाने के निर्णय का विरोध तो किया लेकिन केंद्र सरकार पर कोरोना के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगा दिया. कहा,

“हम केंद्र के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, लेकिन आप राजनीति क्यों कर रहे हैं? ये राजनीति का समय नहीं है. हम जितने अच्छे से काम कर सकते हैं, कर रहे हैं. लेकिन लगातार केंद्र पश्चिम बंगाल पर हमले कर रहा है.”

ममता बनर्जी का यूँ कहना बीते दिनों कोरोना के आँकड़ों को लेकर बंगाल और केंद्र में हुए संघर्ष को लेकर था. केंद्र का आरोप था कि पश्चिम बंगाल कोरोना से जुड़े आंकड़े छिपा रहा है.

राज्यों के CM के साथ हुई PM मोदी की मीटिंग का स्नैप. अधिकतर राज्यों ने लॉकडाउन खोलने की वकालत की है.
राज्यों के CM के साथ हुई PM मोदी की मीटिंग का स्नैप. अधिकतर राज्यों ने लॉकडाउन खोलने की वकालत की है.

बहरहाल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानिस्वामी ने नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि उनके राज्य में ट्रेन और हवाई सेवाएं न शुरू की जायें. कारण ये कि तमिलनाडु में 7 हज़ार से ज़्यादा कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं. कहा,

“12 मई से दिल्ली और चेन्नई के बीच ट्रेन सेवा शुरू हो रही है. लेकिन चेन्नई में मामले लगातार बढ़ रहे हैं. हमारा कहना है कि 31 मई तक राज्य में ट्रेन को संचालित नहीं किया जाए.”

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल गांधी वाली लाइन पकड़ी. कहा कि राज्यों को ये शक्ति और छूट दी जाए कि आर्थिक मोर्चे पर वे फ़ैसले ले सकें. यहां राहुल गांधी का नाम इसलिए कि क्योंकि पिछले हफ़्ते अपनी प्रेसवार्ता में राहुल गांधी ने भी यही मांग की थी. कहा था कि सरकार को राज्यों और ज़िला प्रशासन के स्तर पर ज़्यादा शक्ति का वितरण करना होगा. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी राज्यों को ज़्यादा ताक़त देने की वकालत की.

अब बारी आती है पंजाब की. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि ग्रीन, रेड और ऑरेंज ज़ोन कैसे डिसाइड होंगे, इसकी छूट राज्य की सरकारों को देनी चाहिए. और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अमरिंदर सिंह की बात का समर्थन किया.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन बढ़ाने की वकालत की. कहा कि अगर लॉकडाउन जारी रहेगा, तो कोरोनावायरस का फैलाव कम रहेगा. हालाँकि उद्धव ठाकरे ने धीरे-धीरे लॉकडाउन को खोलने की वकालत की. कहा,

“हम कोरोना वायरस के साथ रहने के लिए तैयार हैं, लेकिन सवाल ये है कि क्या कोरोना वायरस हमारे साथ रहने के लिए तैयार है?”

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने भी लॉकडाउन बढ़ाने की वकालत की. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने कहा कि कोरोनावायरस से हमारी लड़ाई का इकॉनमी पर कोई इम्पैक्ट नहीं पड़ना चाहिए.

राज्यों के CM के साथ हुई PM मोदी की मीटिंग का स्नैप. कुछ राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की भी वकालत की है.
राज्यों के CM के साथ हुई PM मोदी की मीटिंग का स्नैप. कुछ राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की भी वकालत की है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल. केजरीवाल भी कमोबेश पंजाब की ही लाइन पर गए. कहा कि पूरे जिले को रेड ज़ोन घोषित करने से अच्छा है कि कुछ कंटेन्मेंट ज़ोन को ही चिन्हित किया जाए. जिले को रेड ज़ोन में डालने से दिल्ली जैसे घनी बसावट वाले शहर में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

केरल के मुख्यमंत्री पिनरयी विजयन ने लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोलने का अनुरोध किया. कहा कि आर्थिक मोर्चे पर गतिविधियाँ बढ़ाने और उन्हें संचालित करने की जिम्मेदारी राज्य को दी जाए.

आख़िर में नरेंद्र मोदी ने क्या कहा?

मीटिंग चली लगभग 6 घंटे. मोदी ने राज्यों को कहा कि अब थोड़ा ब्लूप्रिंट बनाने का समय है. कहा कि अगर लॉकडाउन में छूट दी जाएगी, तो छूट के दौरान और छूट के बाद राज्य अपनी गतिविधियां कैसे जारी रखेंगे, इसका ब्लूप्रिंट सरकार के साथ साझा करें. इसके लिए राज्यों को 15 मई तक का समय दिया गया है. कहा जा रहा है कि इस तारीख़ के आसपास एक और मीटिंग हो सकती है.

आंकड़े क्या कहते हैं?

लॉकडाउन खोला जाए या बंद किया जाए, इसके लिए आंकड़े चाहिए होते हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का रूख करें. कहना है कि देश के 216 जिलों में 8 मई तक कोरोनावायरस का एक भी केस सामने नहीं आया है. इनमें 42 जिले ऐसे हैं, जहां पिछले 28 दिनों से कोरोना का कोई भी नया केस सामने नहीं आया है.इसके बाद 29 जिले ऐसे हैं, जहां पिछले 21 दिनों में एक भी नया केस सामने नहीं आया है. इसके बाद इन 36 जिलों का नम्बर आता है जहां 14 दिनों से नया केस नहीं आया है, और फिर 46 जिले ऐसे जहां 8 मई से पहले के सात दिनों में एक भी नया केस सामने नहीं आया है. हालांकि इन आकड़ों के साथ ये बात भी जुड़ी हुई है कि ये आंकड़े कभी भी बदल सकते हैं.


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