Submit your post

Follow Us

मुलायम सिंह कुनबे के वो नेता, जिन्होंने पंचायत चुनाव से उगाई सियासी फसल

उत्तर प्रदेश में सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार माना जाने वाला मुलायम सिंह यादव का परिवार पंचायत चुनावों में भी सक्रिय रहा है. इस बार भी परिवार के कई सदस्य मैदान में हैं. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के परिवार की बहू और बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव की समधन मृदुला यादव ने बुधवार 8 अप्रैल को सैफई की क्षेत्र पंचायत सीट से नामांकन दाखिल किया. मृदुला ने सैफई क्षेत्र पंचायत की वार्ड संख्या बीस से अपना पर्चा भरा. उनके साथ उनके बेटे और पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव और बहू राजलक्ष्मी भी नामांकन स्थल पर पहुंचीं थीं. मृदुला यादव दूसरी बार यह चुनाव लड़ने जा रहीं हैं. मृदुला वर्ष 2015 के चुनाव में सैफई से BDC सदस्य निर्वाचित हुई थीं. इसके बाद वे सैफई की ब्लॉक प्रमुख बनीं.

क्या है इतिहास?

सैफई ब्लॉक 1995 में बना था. पहली बार मुलायम सिंह के सबसे बड़े भाई रतन सिंह के बेटे रणवीर सिंह ब्लॉक प्रमुख बने. पांच साल बाद 2000 में भी रणवीर ही ब्लॉक प्रमुख बने, लेकिन 2002 में रणवीर सिंह की अचानक मौत हो जाने के बाद यह जिम्मेदारी मुलायम के करीबी चौधरी नत्थू सिंह के बेटे अरविंद को दी गई. 2005 में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव मुलायम के छोटे भाई अभयराम के बेटे धर्मेंद्र यादव ने जीता था. बदायूं का सांसद बनने से पहले धर्मेंद्र यादव 2005 से 2010 तक ब्लॉक प्रमुख रहे. 2014 में जब तेज प्रताप मैनपुरी से सांसद बनकर आए तब उनकी मां मृदुला यादव सैफई की ब्लॉक प्रमुख बनीं.

जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए मुलायम के भतीजे मैदान में

जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट के लिए मुलायम सिंह यादव के भतीजे अभिषेक यादव उर्फ अंशुल लगातार दूसरी बार मैदान में हैं. वो  निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष हैं. उन्होंने सैफई द्वितीय सीट से नामांकन दाखिल किया है.

Yadav Family
मुलायम सिंह यादव का परिवार.

इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 1989 से सपा का कब्जा रहा है. 89 में सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो रामगोपाल यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे. इसके बाद 1994 में सपा के राम सिंह शाक्य, 1996 में शिवपाल सिंह यादव, 1996 में ही महेंद्र सिंह राजपूत, 2000 में प्रेम दास कठेरिया, 2006 और 2011 में प्रेमलता यादव, 2016 में अभिषेक उर्फ अंशुल यादव पंचायत अध्यक्ष बने.

संध्या यादव बीजेपी की ओर से मैदान में

संध्या यादव- मुलायम सिंह यादव की भतीजी और सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन हैं. संध्या यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के जरिए साल 2015 में राजनीति में एंट्री की. उन्हें सपा प्रत्याशी के तौर पर मैनपुरी से जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए निर्विरोध चुना गया.

संध्या यादव मैनपुरी से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष हैं. लेकिन चाचा भतीजे के पारिवारिक झगड़े में वह राजनीति का शिकार हुईं. 2017 के बीच संध्या यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था. उसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान संध्या यादव के पति अनुजेश प्रताप सिंह यादव बीजेपी में शामिल हो गए थे. अब बीजेपी ने संध्या यादव को टिकट देकर मुलायम के कुनबे में सेंध लगाने की कोशिश की है.

Sandhya Yadav (2)
नामांकन भरने के बाद संध्या यादव

मुलायम की चचेरी बहन और रामगोपाल यादव की सगी बहन गीता देवी के बेटे अरविंद यादव 2006 में मैनपुरी के करहल ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख के पद पर निर्वाचित हुए. लेकिन 2011 में ये सीट आरक्षित होने के बाद वह चुनाव मैदान में नहीं उतर सके.

सैफई की प्रधानी सीट SC के लिए आरक्षित

सैफई सीट को इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है. इससे पहले यह सीट कभी इस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रही. यहां लगातार मुलायम सिंह यादव के बालसखा दर्शन सिंह यादव निर्विरोध प्रधान निर्वाचित होते रहे. मुलायम सिंह यादव के बचपन के साथी दर्शन सिंह यादव सैफई ग्राम पंचायत के 48 साल तक प्रधान रहे थे. पहली बार वह 1972 में सैफई के ग्राम प्रधान बने थे, तब से लेकर पिछले चुनाव तक लगातार वे ही चुनाव जीत रहे थे. अक्टूबर 2020 में उनके निधन के बाद जिलाधिकारी ने उनके परिवार की बहू को प्रधान पद की जिम्मेदारी सौंप दी थी. लेकिन अब ये सीट भी SC के लिए आरक्षित हो गई है. सैफई ब्लॉक परिसर में ग्राम प्रधान पद के लिए रामफल बाल्मीकि ने पर्चा दाखिल किया है. रामफल भी मुलायम परिवार के खास माने जाते हैं और उनके निर्विरोध चुने जाने की भी संभावनाएं हैं.


वीडियो- यूपी पंचायत चुनाव में महिला सीट पर प्रधानी हासिल करने के लिए तोड़ डाला ब्रह्मचर्य का व्रत

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

सरकार ने FCAT बंद करने का मनमाना फैसला लेकर बोल्ड फिल्मों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी

फिल्म मेकर्स भड़क गए हैं. जानिए क्या है पूरा मामला.

अनिल देशमुख का महाराष्ट्र के गृह मंत्री पद से इस्तीफा, जानिए क्या कारण बताया है

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे.

अमेरिकी संसद पर हमले के बारे में अब तक क्या-क्या पता चला है?

हमले में पुलिसवाले की मौत हो गई, हमलावर मारा गया.

यूपी पुलिस ने जिस हिस्ट्रीशीटर आबिद को गनर दिया है, वो है कौन?

आबिद पर आरोप है कि उसने अतीक के कहने पर अपनी बहन की हत्या करवाई थी.

मनसुख हिरेन मर्डर केस: NIA को मीठी नदी में कौन से अहम सुराग मिले हैं?

आरोपी सचिन वाझे को लेकर नदी पहुंची थी जांच एजेंसी.

फिल्मी अंदाज में अस्पताल से भागने वाला गैंगस्टर कुलदीप फज्जा एनकाउंटर में मारा गया!

पुलिस की आंखों में मिर्च पाउडर फेंक कुलदीप को भगा ले गए थे उसके साथी.

सुशांत सिंह राजपूत की बहन के खिलाफ़ मुकदमा खारिज करने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ इंकार कर दिया

सुशांत को गैरकानूनी दवाइयां देने के मामले में रिया चक्रवर्ती ने केस दर्ज करवाया था.

पंजाब से यूपी की जेल भेजा जाएगा मुख्तार अंसारी, SC में काम कर गई विजय माल्या वाली दलील!

यूपी सरकार के बार-बार कहने पर भी मुख्तार को क्यों नहीं भेज रही थी पंजाब सरकार?

लॉकडाउन के दौरान लोन की EMI टाली थी तो ब्याज को लेकर सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला पढ़ लीजिए

EMI टालने की छूट बढ़ाने और पूरा ब्याज माफ करने पर भी कोर्ट ने रुख साफ कर दिया है.

भारत में कोरोना की सेकेंड वेव पहले से भी ज्यादा खतरनाक?

पिछले 24 घंटे में नवंबर 2020 के बाद अब सबसे ज़्यादा मामले आए हैं.