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कानपुर की मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल ने तबलीग़ी जमात वालों को ये क्या कह डाला!

डॉक्टर आरती लालचंदानी. कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल हैं. इनका सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में डॉ. आरती कह रही हैं –

“ये फर्ज़ी हैं. ये तो आए ही हैं ये करने. ये तो टेररिस्ट हैं. कहना नहीं चाहिए. पर ये टेररिस्ट हैं और इनको हम वीआईपी ट्रीटमेंट दे रहे हैं. खाना-पीना दे रहे, अपनी मैनपावर लगा रहे हैं. अपना रिसोर्स इन पर लगा रहे हैं. अपने डॉक्टरों को बीमार कर रहे हैं. रोज लाख-सवा लाख होटल बिल पे कर रहे हैं. अगर ये नहीं होते, तो हमारे पास एक मरीज़ था पॉज़िटिव.”

ये वीडियो देखिए.

बातों से साफ है कि डॉक्टर साहिबा किसके संदर्भ में बात कर रही हैं. डॉ लालचंदानी ही थीं, जिन्होंने अप्रैल की शुरुआत में कानपुर में भर्ती हुए तबलीग़ी जमात के कोविड पॉज़िटिव मरीज़ों पर आरोप लगाया था कि वे डॉक्टरों पर थूक रहे हैं. ये वीडियो भी तभी का है. डॉ लालचंदानी पत्रकारों से ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ बात कर रही थीं. किसी ने रिकॉर्ड कर लिया. अब वायरल हो गया.

उन्हें टेस्टिंग किट की भी चिंता है. कहती हैं –

“100 किट रोज़ इस्तेमाल हो रहे हैं. एक किट सरकार को ढाई हज़ार रुपए पड़ रहा है. ये किट रोज़ इनके लिए. ये न हों, तो हमें नहीं चाहिए किट.”

इसी बीच ये भी कहती हैं कि डीएम तो वही करेंगे, जो सीएम कहेंगे. और सीएम कहीं न कहीं तुष्टिकरण का मार्ग अपना रहे हैं. इसके तुरंत बाद वो पूछती भी हैं –

“आप लोग कोई रिकॉर्ड तो नहीं कर रहे हैं?”

ऐसा नहीं है कि साथ में खड़े पत्रकार बहुत दूध के धुले हैं. इन्हीं में से एक कहते हैं –

“मैम इंजेक्शन लगवा दीजिए. हाहाहा..एक-एक करके धीरे-धीरे.”

डॉक्टर की सफाई – इलाज़ भी तो किया, सब ख़ुश थे

‘दी लल्लनटॉप’ ने डॉक्टर आरती लालचंदानी से बात की. सफाई में उनका कहना है –

“तबलीग़ी जमात के मरीज़ यहां से स्वस्थ होकर गए हैं. हमने एक डॉक्टर के तौर पर कभी किसी से भेदभाव नहीं किया. सबने जाते-जाते मुझे शुक्रिया कहा. जाने के बाद भी वो मैसेज करके मुझे थैंक्यू बोलते रहते हैं. ये वीडियो गलत इरादे से शूट किया गया. मुझे धमकाने के लिए ये रिकॉर्ड किया गया है और बातों को ग़लत तरीके से पेश कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश है. वरना 75 दिन पुराना वीडियो अब वायरल करने का क्या उद्देश्य हो सकता है?”

जब डॉक्टर आरती लालचंदानी को फोन किया, तो उनकी कॉलर ट्यून सेट थी– ‘रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम’. इतना ही बजा था कि फोन रिसीव हो गया. गांधी जी ये भजन गाते थे. आगे की एक लाइन हम पूरी कर देते हैं –

“ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान”


क्या तबलीग़ी जमात के मौलाना साद ने कोरोना के लिए PM रिलीफ़ फंड में 1 करोड़ रुपये दिए हैं?

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