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कानपुर: हिस्ट्रीशीटर को भगाने का आरोपी BJP नेता गिरफ्तार, पार्टी ने क्या एक्शन लिया?

यूपी के कानपुर से हिस्ट्रीशीटर को भगाने के आरोपी बीजेपी नेता को दो साथियों के साथ नोएडा से गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले पुलिस ने फरार हिस्ट्रीशीटर को भी गिरफ्तार कर लिया था. आरोपी नेता को पार्टी ने भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. इसके अलावा फरार होने में जिन भी लोगों ने हिस्ट्रीशाटर की मदद की थी, उन सभी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है.

क्या है पूरा मामला?

मनोज सिंह. वॉन्टेड अपराधी है. कानपुर पुलिस को लंबे वक्त से इसकी तलाश है. आजतक के मुताबिक, 2 जून की दोपहर पुलिस को भनक लगी कि मनोज सिंह शहर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में पार्टी कर रहा है. कोरोना काल में भी यहां के उस्मानपुर में एक निजी गेस्टहाउस में पार्टी चल रही थी. पार्टी भाजपा के दक्षिण जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया के जन्मदिन की थी. इसी पार्टी में हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह भी पहुंचा था.

पार्टी शबाब पर थी कि पुलिस आ धमकी. पार्टी में मौजूद अपराधी मनोज सिंह को गिरफ्तार कर लिया, और साथ लेकर जाने लगी. पुलिस उसे पार्टी हॉल से बाहर ले आई. अपनी जीप में बैठा लिया. आरोप है कि तभी बीजेपी नेता नारायण सिंह भदौरिया अपने समर्थकों के साथ तमतमाते हुए वहां आ गए. लोगों की भीड़ ने पुलिस जीप को घेर लिया. पुलिसवालों के साथ बहस करने लगे. वो लोग मनोज सिंह को छोड़ने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस तैयार नहीं थी.

आरोप है कि भीड़ में शामिल बीजेपी नेता और उनके समर्थकों ने हाइवे पर हंगामा करना शुरू कर दिया. पुलिस उन्हें समझाने की कोशिश करने लगी. लेकिन लोग भड़क गए और पुलिस से ही भिड़ गए. धक्का मुक्की होने लगी. इसी बीच, लोगों ने जीप में बैठे हिस्ट्रीशीटर को उतारकर वहां से भगा दिया. भीड़ के आगे पुलिसवाले बेबस और लाचार नजर आए. इस पूरी घटना का वीडियो वायरल है.

वीडियो के आधार पर पुलिस कर रही कार्रवाई

पुलिस को वीडियो फुटेज मिली जिसके आधार पर ये पता चला कि कौन-कौन लोग मनोज सिंह की फरार होने में मदद कर रहे थे. इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की और मनोज सिंह के अलावा, नारायण भदौरिया, उसके दो साथियों (गोपाल और रॉकी) को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इससे पहले रणधीर सिंह नाम के एक शख्स को भी वीडियो फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया था. हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह पर हत्या और रेप जैसी धाराओं में 34 मुकदमे दर्ज हैं. वहीं नारायण भदौरिया का भी आपराधिक इतिहास है. पुलिस ने फरार अपराधी मनोज सिंह पर 25 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था.

बीजेपी ने भी दिखाया बाहर का रास्ता

इस मामले में बीजेपी ने भी नारयण सिंह भदौरिया को पार्टी से बाहर कर दिया है. पार्टी ने इस मामले में एक जांच कमेटी बनाई थी, जिसकी सिफारिश पर ये फैसला लिया गया. बीजेपी कानपुर दक्षिण की जिलाध्यक्ष वीना आर्या पटेल ने 4 जून को एक लेटर जारी किया है जिसमें कहा गया है कि,

“दिनांक दो जून को किदवई नगर के गेस्ट हाउस के पास घटनाक्रम को संज्ञान में लेते हुए 3 सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट क्षेत्र व प्रदेश को भेज दी गई है. शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार जिलामंत्रा नारायण सिंह भदौरिया को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से मुक्त किया जाता है.”

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बीजेपी ने भी आरोपी नेता को पार्टी से बाहर निकाल दिया है. फोटो- ट्विटर

पुलिस ने क्या कुछ कहा?

कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि नौबस्ता पुलिस ने 25 हजार के इनामी बदमाश मनोज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. उन्होंने बताया कि मनोज को फरार कराने वाले 12 लोगों को चिन्हित किया गया था जिनमें से रणधीर सिंह, गोपाल, रॉकी और नारायण भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी 8 लोगों की भी तलाश की जा रही है. इनमें से नारायण भदौरिया, गोपाल, रॉकी को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है. इन सभी से पूछताछ की जाएगा और कानपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा.


वीडियो- कानपुर: गैंगस्टर को छुड़ाने में BJP ने एक को निकाला

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