Submit your post

Follow Us

कंगना ने ट्वीट किया- मोदी जी! 2000 की शुरुआत जैसा विराट रूप दिखाओ, अकाउंट सस्पेंड हो गया

कंगना रनौत का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड हो गया है. कंगना कई ट्वीट्स कर के बंगाल में मतगणना के बाद हो रही हिंसा पर टिप्पणी की थी. हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कंगना ने बेहद भड़काऊ बात लिख दी. जिसके बाद उनकी खासी आलोचना हुई, उस ट्वीट को कई लोगों ने रिपोर्ट किया जिसके चलते कंगना का अकाउंट ट्विटर ने सस्पेंड कर दिया.

दरअसल लेखक और बीजेपी नेता स्वपन दासगुप्ता ने एक ट्वीट किया,

”ननूर (जिला बीरभूम) में खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है जहां हिंसक भीड़ से बचने के लिए हजार से ज़्यादा हिंदू परिवार खेतों में भाग गए हैं. ये भीड़ बीजेपी के समर्थकों से बदला लेना चाहती है. महिलाओं के उत्पीड़न की भी खबरें आ रही हैं. अमित शाह कृपया इस इलाके में सुरक्षाकर्मियों को भेजिए.”

जिसे री-ट्वीट करते हुए कंगना ने लिखा,

”ये भयानक है, इस गुंडई को खत्म करने के लिए हमें इससे भी बड़े लेवल पर गुंडई दिखाने की ज़रूरत है. वो (ममता) एक दानव की तरह हैं जिसे खुला छोड़ दिया गया है. मोदी जी, उन्हें काबू करने के लिए कृपया अपना 2000 के दशक की शुरुआत वाला विराट रूप दिखाइए.”

कंगना रनौत ने कुछ देर पहले ये ट्वीट किया था जिसके बाद उनका ट्विटर सस्पेंड कर दिया गया.
कंगना रनौत ने कुछ देर पहले ये ट्वीट किया था जिसके बाद उनका ट्विटर सस्पेंड कर दिया गया.

कंगना यहां साल 2002 में हुए गुजराती दंगों का ज़िक्र कर रही हैं. जिसमें ना जाने कितने ही लोगों ने अपनी जान गवां दी थी. और ये ट्वीट भारत के प्रधानमंत्री के लिए भी अपमानजनक है. 2002 के गुजरात दंगों के दौरान नरेंद्र मोदी वहां के मुख्यमंत्री थे. और कंगना के ट्वीट का मतलब ये निकल रहा है कि 2002 में प्रधानमंत्री ने कोई विराट रूप लेकर दंगा करवाया था.

कंगना ने इंस्टा पर भी रोते हुए वीडियो शेयर किया था. कहा,

बंगाल से दिल दहलाने वाले वीडियो आ रहे हैं. लोगों के मर्डर हो रहे हैं गैंगरेप हो रहे हैं और कोई भी कुछ नहीं कह रहा है. कोई भी इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म उसे कवर नहीं कर रहा है. मुझे समझ नहीं आ रहा वो क्या करना चाह रहे हैं. क्या हिंदू खून इतना सस्ता है. ये बहुत अनैचुरल है. मैं अपनी सरकार से कहना चाहती हूं कि जिसकी मैं बहुत सपोर्ट करती हूं. मैं उनकी निंदा करती हूं. आप देशद्रोहियों से डर गए हैं क्या? मासूमों की हत्या होगी और हम सिर्फ धरना देंगे. जल्दी से जल्दी कड़ा से कड़ा कदम लीजिए. 

वैसे कंगना इससे पहले भी ट्विटर पर झुंझलाकर मैसेज करती आई हैं. बीते दिनों जब बीजेपी, पश्चिम बंगाल में हार गई तो उन्होंने इसकी तुलना कश्मीर से कर दिया. हिंदू-मुस्लिम वाला साम्प्रदायिक ट्वीट किया. खिसियाई कंगना ने पश्चिम बंगाल की तुलना कश्मीर से कर दी थी. इस पर भी लोगों ने खूब रिपोर्ट किए थे.

”बांग्लादेशी और रोहिंग्या ममता की सबसे बड़ी ताकत हैं… जैसे ट्रेंड नजर आ रहे हैं उससे लगता है कि अब वहां हिंदू बहुमत में नहीं बचे हैं. आंकड़ों के मुताबिक बंगाली मुस्लिम भारत में सबसे ज्यादा गरीब और वंचित हैं, अच्छी बात है एक और कश्मीर बन रहा है…”

कंगना आपत्तिजनक और साम्प्रदायिक ट्वीट करती रही हैं. उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों को आतंकवादी तक बता दिया था. ट्विटर पर वो एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ से भी भिड़ गई थीं.


वीडियो: ममता बनर्जी के बंगाल में जीतने पर खिसियाई कंगना ने पश्चिम बंगाल की तुलना कश्मीर से कर दी

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

उत्तराखंड में एक और आपदा, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के पास बादल फटा

भारी नुक़सान की ख़बरें लेकिन एक राहत की बात है

क्या वाकई केंद्र सरकार ने मार्च के बाद वैक्सीन के लिए कोई ऑर्डर नहीं दिया?

जानिए वैक्सीन को लेकर देश में क्या चल रहा है.

Covid-19: अमेरिका के इस एक्सपर्ट ने भारत को कौन से तीन जरूरी कदम उठाने को कहा है?

डॉक्टर एंथनी एस फॉउसी सात राष्ट्रपतियों के साथ काम कर चुके हैं.

रेमडेसिविर या किसी दूसरी दवा के लिए बेसिर-पैर के दाम जमा करने के पहले ये ख़बर पढ़ लीजिए

देश भर से सामने आ रही ये घटनाएं हिला देंगी.

कुछ लोगों को फ्री, तो कुछ को 2400 से भी महंगी पड़ेगी कोविड वैक्सीन, जानिए पूरा हिसाब-किताब

वैक्सीन के रेट्स को लेकर देशभर में कन्फ्यूजन की स्थिति क्यों है?

कोरोना से हुई मौतों पर झूठ कौन बोल रहा है? श्मशान या सरकारी दावे?

जानिए न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत के हालात पर क्या लिखा है.

PM Cares से 200 करोड़ खर्च होने के बाद भी नहीं लगे ऑक्सीजन प्लांट, लेकिन राजनीति पूरी हो रही है

यूपी जैसे बड़े राज्य में केवल 1 प्लांट ही लगा.

कोरोना की दूसरी लहर के बीच किन-किन देशों ने भारत को मदद की पेशकश की है?

पाकिस्तान के एक संगठन की ओर से भी मदद की बात कही गई है.

अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम राष्ट्रीय आपातकाल जैसी स्थिति में हैं, क्या केंद्र के पास कोई नेशनल प्लान है?

ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा था.

'सबसे कारगर' कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर ने भारत के सामने क्या शर्त रख दी है?

भारत सरकार की ओर से इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.