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ट्विटर पर अब चाहकर भी नहीं आ पाएंगी कंगना, पक्का वाला डब्बा गोल हुआ है

कंगना रनौत का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड हो चुका है. कंगना ने बंगाल चुनाव की मतगणना के बाद हुई हिंसा पर ट्वीट किया था. भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया था. प्रधानमंत्री मोदी से अपील की थी कि वो ममता बैनर्जी को अपना 2000 के शुरुआत वाला विराट रूप दिखाएं. बंगाल में चल रही गुंडई को खत्म करने के लिए बड़े लेवल की गुंडई करें. कंगना का मतलब 2002 गुजरात दंगों से था.

इसमें न केवल वो ये कह रही थीं कि 2002 के दंगे प्रधानमंत्री ने कोई विराट रूप लेकर करवाए. बल्कि ये भी कह रही थीं कि उसी प्रकार के दंगे की अब ज़रूरत है. इस ट्वीट पर लोगों का गुस्सा कंगना पर फूटा. लोगों ने उस ट्वीट कि रिपोर्ट करना शुरू किया. जिसके बाद ट्विटर ने अकाउंट को सस्पेंड कर दिया. सस्पेंड करने के कुछ देर बाद ट्विटर ने साफ किया कि कंगना का अकाउंट परमानेंटली सस्पेंड किया गया है, न कि कुछ वक्त के लिए.

ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा,

हम हमेशा से स्पष्ट रहे हैं कि ऐसे किसी भी बर्ताव के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे जिसमें नुकसान पहुंचाने की क्षमता है. ट्विटर की हेटफुल कंडक्ट पॉलिसी और दुर्व्यवहार पॉलिसी का बार-बार उल्लंघन करने पर उनके अकाउंट को परमानेंट तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है.

इसका मतलब ये है कि अब कंगना का ये अकाउंट कभी एक्टिवेट नहीं हो सकेगा.  

लेकिन कंगना तो कंगना हैं. न्यूटन के तीसरे लॉ का सदा से पालन करती आई हैं. हर एक्शन का रिएक्शन वाली बात. ट्विटर के इस एक्शन पर अपना रिएक्शन दिया,

ट्विटर ने मेरा पॉइंट सही साबित कर दिया है कि वो अमेरिकी हैं. और जन्म से ही एक श्वेत इंसान किसी भूरे इंसान को अपना दास बनाना चाहता है. वो आपको बताना चाहते हैं कि क्या बोलो, क्या सोचो और क्या करो. मेरे पास कई प्लेटफॉर्म हैं जहां मैं अपनी बात रख सकती हूं.

कंगना की बात सही है. किसी भी मुद्दे पर टिप्पणी करने के लिए उनके पास और भी प्लेटफॉर्म हैं. यहां तक कि वो देसी ट्विटर यानी ‘कू’ यूज़ करने की हिदायत भी दे चुकी हैं. पर, ट्विटर के 30 लाख फॉलोअर्स छूटने का दुख तो होगा ही उनको. जिन्हें किसी और प्लैटफॉर्म पर या किसी और अकाउंट पर बटोरने में अब उन्हें खासी मेहनत करनी पड़ेगी.


वीडियो: ममता बनर्जी के बंगाल में जीतने पर खिसियाई कंगना ने पश्चिम बंगाल की तुलना कश्मीर से कर दी

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