Submit your post

Follow Us

कोरोना से 5 से 7 गुना अधिक मौतें, विदेशी पत्रिका की रिपोर्ट को सरकार ने क्या कहकर खारिज किया?

भारत सरकार ने शनिवार, 12 जून को एक पत्रिका की उस खबर का खंडन किया जिसमें दावा किया गया था कि देश में कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से 5 से 7 गुना’ तक अधिक है. सरकार ने कहा कि यह निष्कर्ष महामारी विज्ञान संबंधी सबूतों के बिना महज आंकड़ों के आकलन पर आधारित है. न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर बिना नाम लिए लेख प्रकाशित करने के लिए प्रकाशक की निंदा की.

मंत्रालय ने दि इकॉनमिस्ट में प्रकाशित लेख को कयास लगाने वाला, बिना किसी आधार वाला और भ्रामक करार दिया है. बयान में कहा गया,

‘यह अनुचित विश्लेषण महामारी विज्ञान के सबूतों के बिना केवल आंकड़ों के आकलन पर आधारित है.

मंत्रालय ने कहा कि पत्रिका में जिस अध्ययन का इस्तेमाल मौतों का अनुमान लगाने के लिए किया गया है वह किसी भी देश या क्षेत्र के मृत्युदर का पता लगाने के लिए मान्य तरीका नहीं है. इसके साथ ही मंत्रालय ने कई कारण गिनाए जिसकी वजह से जिस अध्ययन का इस्तेमाल प्रकाशक ने किया है, उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता.

Covid Death
फोटो- PTI

मंत्रालय ने कहा कि वैज्ञानिक डाटाबेस जैसे पबमेड, रिसर्च गेट आदि में इंटरनेट पर इस अनुसंधान पत्र की तलाश की गई, लेकिन यह नहीं मिला. अध्ययन करने के तरीके की जानकारी भी पत्रिका की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा,

एक और सबूत दिया गया कि यह अध्ययन तेलंगाना में बीमा दावों के आधार पर किया गया, लेकिन एक बार फिर समीक्षा किया गया , वैज्ञानिक आंकड़ा ऐसे अध्ययन को लेकर नहीं है. दो और अध्ययन पर भरोसा किया गया है जिन्हें चुनाव विश्लेषण समूह ‘प्राशनम’ और ‘सी वोटर’ ने किया है जो चुनाव नतीजों का पूर्वानुमान और विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं. वे कभी भी जन स्वास्थ्य अनुसंधान से जुड़े नहीं हैं. यहां तक कि उनके अपने चुनाव विश्लेषण के क्षेत्र में नतीजों का पूर्वानुमान लगाने के लिए जिस पद्धति का इस्तेमाल होता है वे कई बार गलत साबित होते हैं.

पत्रिका के दावों पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा,

‘पत्रिका ने खुद स्वीकार किया है कि यह अनुमान अस्पष्ट और यहां तक अविश्वसनीय स्थानीय सरकार के आंकड़ों, कंपनी रिकॉर्ड के आकलन पर आधारित है और इस तरह का विश्लेषण मृत्युलेख जैसा है.

मंत्रालय ने कहा कि सरकार कोविड आंकड़ों के प्रबंधन के मामले में पारदर्शी है. मौतों की संख्या में विसंगति से बचने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुंसधान परिषद (ICMR) ने मई 2020 में दिशानिर्देश जारी किए थे. मौतों का सही रिकॉर्ड रखने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी किए गए ICD-10 कोड का पालन किया जा रहा है.

क्या छापा था पत्रिका ने?

मैगजीन द इकोनॉमिस्ट ने दावा किया था कि भारत में कोरोना से जितनी मौतें सरकारी आंकड़ों में दिखाई गई हैं, असल में मौतें उससे 5 से 7 गुना ज्यादा हुई हैं. मैगजीन ने एक आर्टिकल पब्लिश किया था. इसमें वर्जिनिया की कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी के क्रिस्टोफर लेफलर की रिसर्च को आधार बनाया गया था. रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत में 2021 में महामारी के पहले 19 सप्ताह के दौरान प्रति 1 लाख लोगों में से 131 से लेकर 181 लोगों की मौत हुई है. पत्रिका का कहना था कि ये डेटा 6 राज्यों में हुई रिसर्च के आधार पर जारी किया गया था. यदि इसे पूरे देश में लागू किया जाए तो 2021 में 19 सप्ताह के अंदर ही 17 लाख से लेकर 24 लाख लोगों की मौत हुई है.


अर्थात: कोरोना वैक्सीन को लेकर चीन की ये पॉलिसी कैसे दुनिया बदलेगी?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

कांग्रेस को मौलाना तौकीर रजा का समर्थन, BJP ने हिंदुओं को धमकाने वाला वीडियो शेयर कर दिया

कांग्रेस को मौलाना तौकीर रजा का समर्थन, BJP ने हिंदुओं को धमकाने वाला वीडियो शेयर कर दिया

तौकीर रजा कांग्रेस पर आरोप लगा चुके हैं कि उसने मुसलमानों पर आतंकी का टैग लगाया.

देवास-एंट्रिक्स डील क्या थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 'जहरीला फ्रॉड' कहा और मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़?

देवास-एंट्रिक्स डील क्या थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 'जहरीला फ्रॉड' कहा और मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़?

जानिए UPA के समय हुई इस डील ने कैसे देश को शर्मसार किया.

'तुझे यहीं पिटना है क्या', हेट स्पीच पर सवाल से पत्रकार पर बुरी तरह भड़के यति नरसिंहानंद

'तुझे यहीं पिटना है क्या', हेट स्पीच पर सवाल से पत्रकार पर बुरी तरह भड़के यति नरसिंहानंद

बीबीसी का आरोप, टीम के साथ नरसिंहानंद के समर्थकों ने गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की.

इंदौर: महिला का दावा, पति ने दोस्तों के साथ मिल गैंगरेप किया, प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागा

इंदौर: महिला का दावा, पति ने दोस्तों के साथ मिल गैंगरेप किया, प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागा

मुख्य आरोपी के साथ उसके दोस्तों को पुलिस ने पकड़ लिया है.

BJP और उत्तराखंड सरकार ने हरक सिंह रावत को अचानक क्यों निकाल दिया?

BJP और उत्तराखंड सरकार ने हरक सिंह रावत को अचानक क्यों निकाल दिया?

पार्टी के इस कदम से आहत हरक सिंह रावत मीडिया के सामने भावुक हो गए.

आपको फर्जी शेयर टिप्स देकर इस परिवार ने करोड़ों का मुनाफा कैसे पीट लिया?

आपको फर्जी शेयर टिप्स देकर इस परिवार ने करोड़ों का मुनाफा कैसे पीट लिया?

Bull Run कांड में सेबी का फैसला, एक ही परिवार के 6 लोगों पर लगा बैन.

आदिवासी, आंदोलनकारी, पत्रकार और ऐक्ट्रेस, जानिए यूपी में कांग्रेस ने किन चेहरों पर दांव लगाया है?

आदिवासी, आंदोलनकारी, पत्रकार और ऐक्ट्रेस, जानिए यूपी में कांग्रेस ने किन चेहरों पर दांव लगाया है?

कांग्रेस की पहली लिस्ट में 50 महिला उम्मीदवार शामिल हैं

इस तस्वीर ने यूपी चुनाव से पहले सपा गठबंधन को लेकर क्या सवाल खड़े कर दिए?

इस तस्वीर ने यूपी चुनाव से पहले सपा गठबंधन को लेकर क्या सवाल खड़े कर दिए?

तस्वीर गौर से देखेंगे तो समझ आ जाएगा, हम तो बता ही देंगे.

योगी सरकार को एक और झटका, मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी साथ छोड़ा

योगी सरकार को एक और झटका, मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी साथ छोड़ा

बीते 24 घंटों के भीतर यूपी के दो कैबिनेट मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है.

ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ी है, लेकिन नाचने से पहले ये खबर पढ़ लो!

ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ी है, लेकिन नाचने से पहले ये खबर पढ़ लो!

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस ने असल में क्या कहा है?