Submit your post

Follow Us

लखनऊ में CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान 'तोड़फोड़ करने वाले' 57 लोगों के होर्डिंग लगाए

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ. यहां के सबसे प्राइम इलाकों में से एक- हज़रतगंज. 6 मार्च को लखनऊ वालों की सुबह हुई तो हज़रतगंज में लगा मिला एक बड़ा सा होर्डिंग. सरकारी होर्डिंग. इस पर तमाम लोगों की तस्वीर, नाम और पते चस्पा थे.

होर्डिंग किसने लगाई? इस पर जिन लोगों के नाम हैं, वो कौन हैं?

होर्डिंग लगाई गई है जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से.

प्रशासन का कहना है कि ये वही लोग हैं, जो दिसंबर-2019 में लखनऊ में हुए हिंसक एंटी-CAA प्रोटेस्ट में शामिल थे. वो लोग, जिन्होंने प्रोटेस्ट के दौरान शहर को, लोगों की निजी संपत्तियों को जमकर नुकसान पहुंचाया था. हज़रतगंज वाली होर्डिंग पर कुल 28 लोगों के नाम हैं.

ऐसे ही होर्डिंग शहर में और भी कई जगहों पर लगे हैं. जैसे ठाकुरगंज और हसनगंज में.

हर होर्डिंग ये बता रहा है कि फलां थाना क्षेत्र में कितने लोग हैं, जो प्रोटेस्ट के दौरान ऐसे नुकसान पहुंचाने वाले काम में शामिल थे. जैसे कि- ठाकुरगंज वाली होर्डिंग पर दस लोगों के नाम हैं. हसनगंज में 13 लोगों के और कैसरगंज में छह लोगों के नाम हैं.

Lucknow 33
ये तस्वीर 19 दिसंबर की है. प्रदर्शनकारियों ने ठाकुरगंज थाने में जमकर तोड़फोड़ की थी. (फोटो- India Today)

होर्डिंग लगाने का मकसद क्या है?

छोटा मकसद इन लोगों की पब्लिक नेमिंग-शेमिंग करना. यानी सरकार चाहती है कि सबको पता चले कि ये ही लोग हैं, जिन्होंने उत्पात मचाया था. इसमें शहर के कई जाने-माने लोगों के भी नाम हैं. मसलन- कांग्रेस की कार्यकर्ता सदफ ज़फर, पूर्व IPS ऑफिसर एसआर दारापुरी, इस्लामिक स्कॉलर कल्बे सादिक के बेटे सिबतैन सादिक.

दूसरा और बड़ा मकसद- सारे होर्डिंग मिलाकर कुल 57 लोगों के नाम हैं. इन 57 लोगों से कुल मिलाकर करीब 1.55 करोड़ रुपए वसूल किए जाएंगे. प्रोटेस्ट के दौरान हुए सरकारी नुकसान के बराबर का अमाउंट.

Lucknow 22
हजरतगंज की ही तरह हसनगंज में भी होर्डिंग लगा है. इस पर 13 लोगों के नाम हैं. (फोटो- India Today)

होर्डिंग पर क्या लिखा है?

होर्डिंग्स पर लिखा है-

“जनपद लखनऊ में थाना (थाने का नाम) क्षेत्र में सरकारी/निजी संपत्ति को दिनांक 19-12-2019 की हिंसा में क्षति पहुंचाने वाले सभी व्यक्ति नियत तिथि तक पूरी वसूली की रकम जमा करना सुनिश्चित करें. अन्यथा की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की संपत्तियों को नियमानुसार कुर्क करके निर्धारित धनराशि वसूल की जाएगी.”

यानी सभी लोगों को उनके हिस्से का पैसा एक महीने में जमा करना होगा, वरना उनकी प्रॉपर्टी ज़ब्त कर वसूली की जाएगी.

दिसंबर की हिंसा के बाद ही सीएम ने वसूली की बात की थी

दिसंबर में हुई हिंसा के बाद ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि हिंसा करने और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की CCTV और वीडियोग्राफी के जरिए पहचान की जा रही है. नुकसान की पूरी भरपाई इन्हीं लोगों से की जाएगी.

हालांकि होर्डिंग्स पर जिन लोगों के नाम हैं, उनके पक्ष में भी तर्क आ रहा है. कहा जा रहा है कि इस तरह किसी की फोटो, नाम, पता शहर के बीचों-बीच लगा देना उनकी प्राइवेसी का हनन है.

वहीं सपा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का यह काम नहीं हो सकता है कि नागरिकों को सार्वजिनक रूप से बिना अदालती निर्णय के अपराधी घोषित कर दे.


जामिया के बाद एएमयू और लखनऊ के कॉलेजों में भी प्रोटेस्ट शुरू हो गए हैं

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

दिल्ली हिंसा: सरकार ने दो न्यूज चैनलों को क्यों बैन कर दिया?

कांग्रेस ने सरकार के इस कदम की आलोचना की है.

Yes Bank पर रोक लगी तो पेटीएम फोन पे के मजे लेने लगा, फिर क्या हुआ?

Yes Bank फोन पे का पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर है.

दुनिया भर के दुश्मनों से लोहा ले चुका जेम्स बॉन्ड, एक वायरस से अपनी फिल्म न बचा सका?

चीन से चले कोरोना ने शेयर मार्केट्स से लेकर दुनिया भर की मूवी इंडस्ट्रीज़ तक को हिला डाला.

क्या कोरोना वायरस की वजह से IPL कैंसिल हो जाएगा?

29 मार्च से IPL शुरू होना है.

क्या आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कोरोना वायरस का इलाज होता है?

हेल्थ इंश्योरेंस में मोटा पैसा खर्च करते हो तो ये खबर काम की है.

आपका बैंक डूब गया तो आपको कितने पैसे मिलेंगे?

नियम क्या कहता है?

अब सड़क पर चलने वाली मेट्रो ट्रेन आ रही है, सबसे पहले यहां चलेगी

मेट्रो से कितनी अलग होगी मेट्रो लाइट ट्रेनें.

इंदौर में बॉलीवुड स्टार्स का मजमा लगने वाला था, लेकिन हाय रे कोरोना वायरस!

IIFA ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अवॉर्ड सेरेमनी पोस्टपोन कर दी है.

चीन ने 'कोरोना किलर' सूट बनाया है, लेकिन पहनकर चलेंगे, तो चौराहे पर सेल्फ़ी लेने वाले घेर लेंगे

कसम से, ऐसा सूट है कि गली में कुत्ते खदेड़ देंगे!

NPR में माता-पिता की डेट ऑफ बर्थ की जानकारी देनी ही होगी

इससे पहले NPR में असहयोग की आशंका को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जुर्माना तय कर दिया था.