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वित्त मंत्री ने क्यों कहा जल्द जेब गरम होगी हम सबकी?

लोगों के पास पैसा नहीं है. इस वजह से उन्होंने खर्च करना बंद कर दिया है. लगातार ऐसी खबरें है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अब इस बात पर प्रतिक्रिया दी है. वित्तमंत्री का जवाब आया ‘इंडिया टुडे’ के एक खास प्रोग्राम ‘बजट राउंडटेबल’ के दौरान. वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में इकॉनमी को मजबूत करने के साथ-साथ आम आदमी की आर्थिक सेहत दुरुस्त करने की कोशिश की गई है. सरकार का मकसद है कि आम आदमी की कमाई बढ़े. जब आम आदमी के हाथ में पैसा आएगा तो वो खर्च करने से नहीं हिकचेंगे. जब लोग खर्च करेंगे तो खपत बढ़ेगी और इससे इकॉनमी की सूरत बदलेगी.

क्या कहा वित्त मंत्री ने?
दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने उद्योगपति मौजूद थे. और उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सीधे सवाल किए. वित्त मंत्री ने सभी सवालों के खुलकर जवाब दिए. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है. बजट में जो फैसले लिए गए हैं, उससे इकॉनमी को और ताकत मिलेगी. बजट में हर सेक्टर और हर वर्ग का खयाल रखा गया है. सरकार चाहती है कि लोगों की कमाई बढ़े. जब आम आदमी के हाथ में पैसा आता है, तो वे खर्च करते हैं. जब लोग खर्च करेंगे तो खपत पढ़ेगी. जनता के हाथ में दिया गया कुछ भी बेकार नहीं जाता. अगर सही वक्त पर सही पैसा लोगों तक पहुंचे तो निश्चित रूप से उपभोग बढ़ेगा.

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि,

‘इस बजट में सरकार की ईमानदार कोशिश की झलक देखी जा सकती है. आने वाले दिनों में बजट के अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे. बजट में इकॉनमी को मजबूत करने के साथ-साथ आम आदमी की आर्थिक सेहत को सुधारने की भी कोशिश की गई है. गांवों को मजबूत करने के लिए बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर यानी बुनियादी ढांचे को मजूबत करने पर जोर दिया गया है. जब गांव-गांव बिजली, पानी और सड़क की बेहतर सुविधाएं होंगी तो लोग आसानी से टेक्नोलॉजी को भी अपनाएंगे.’

कामयाबी का पूरा भरोसा क्यों है?

वित्त मंत्री ने ये भी भरोसा जताया कि सरकार अपने मकसद में हर हाल में कामयाब होगी. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि

‘बजट में जो बातें कही गई हैं. उसके पीछे सरकार के मजबूत इरादे झलकते हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि भारत की इकॉनमी आने वाले कुछ सालों में नई ऊंचाई पर होगी. सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था अगले 5 साल में 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की बात कही है. मुझे भरोसा है कि इस लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे. असल में इस टारगेट को पाने के लिए कई तरह के कदम उठाए गए हैं.’

बीते कुछ दिनों से इस तरह की रिपोर्ट आ रही हैं कि देश में खपत कम हो गई है. लोगों ने खरीदारी कम कर दी है. इसकी वजह लोगों के हाथ खाली हैं. उनके पास पैसे नहीं हैं. अब इंडिया टुडे के इस प्रोग्राम में वित्त मंत्री ने इन्हीं सवालों का जवाब देने की कोशिश की है. बहरहाल अब तो ये कुछ वक्त के बाद ही पता चल पाएगा कि इकॉनमी में खपत बढ़ रही है या नहीं.

क्यों है ये संकट?

जानकारों का कहना है कि खपत का संकट लोगों के पास नकदी की कमी की वजह से है. बैंक और गैर वित्तीय संस्थान इन दिनों संकट से जूझ रहे हैं. वे लोगों को आसानी से लोन नहीं दे रहे हैं. इसके अलावा लोगों की आमदनी में भी गिरावट आई है. ग्रामीण इकॉनमी में लगातार लोगों की खर्च करने क्षमता कम हुई है. बुनियादी ढांचे के क्षेत्र की योजनाएं भी कैश की कमी के संकट में फंसी हैं. इन कुछ वजहों से भारत की अर्थव्यवस्था में कमजोरी का रुख देखा जा रहा है. वित्त मंत्री ने 2019 के बजट के जरिए इन समस्याओं को दुरुस्त करने का दावा किया है. तो आपके हाथ में पैसा तभी आएगा जब देश की माली हालत सुधरेगी.


वीडियोः बजट 2019: निर्मला सीतारमण ने में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया 

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