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फरीदाबाद: इस कंपनी के कर्मचारी अपने मालिक पर PM मोदी की बात न मानने का आरोप लगा रहे हैं!

फरीदाबाद. यहां एक कंपनी के कर्मचारी गेट के बाहर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किस बात के लिए? अपनी सैलरी के लिए. कर्मचारियों का कहना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उन्हें सैलरी मिलेगी, लेकिन कंपनी मालिक पीएम की अपील को भी ठुकरा रहे हैं.

क्या है मामला

फरीदाबाद के सेक्टर 6 में रेडीमेड गारमेंट्स बनाने वाली एक कंपनी है. यहां के कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें सैलरी नहीं मिल रही है. कर्मचारियों के अनुसार, उन्हें अप्रैल और मई की सैलरी नहीं दी गई है. उनका कहना है कि सबने पिछले महीने किसी तरह लोगों से मांग कर और उधर का राशन लेकर गुजारा चलाया है. अब उन्हें वापस उन लोगों को पैसा देना होगा, लेकिन अगर कंपनी पैसे नहीं देगी, तो वे उधार कैसे चुका पाएंगे?

इस बारे में जब कंपनी के जनरल मैनेजर से बात की गई, तो उनका कहना था कि उन्होंने मार्च महीने में नौ दिन की तनख्वाह दी है और अभी मई महीने की 15 दिन की सैलरी एडवांस दे रहे हैं. बस, अप्रैल की सैलरी नहीं दी गयी है. कंपनी अप्रैल महीने की तनख्वाह के लिए भी सरकार की गाइडलाइन का इंतजार कर रही है. मैनेजर का कहना है कि कर्मचारी ये बात मानने को तैयार नहीं हैं.

क्या हैं नियम

पहले से लेकर चौथे लॉकडाउन में सरकार ने बहुत सारे नियमों में बदलाव किए हैं. इसमें एक आदेश इन कर्मचारियों को सीधे प्रभावित करता है. पहले लॉकडाउन की घोषणा के बाद सरकार ने 29 मार्च को आदेश दिया था कि इंडस्ट्री, कंपनी या दुकान के मालिक अपने कर्मचारियों का वेतन नहीं काटेंगे. लेकिन अब उस आदेश को खत्म कर दिया गया है. 17 मई को नई गाइडलाइन आई है. इस गाइडलाइन के तीसरे पैराग्राफ में लिखा है,

‘नेशनल एक्जीक्यूटिव कमिटी द्वारा डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के सेक्शन 10(2)(I)के तहत जो भी आदेश प्रभाव में लाए गए थे, उन पर 18 मई से रोक लगाई जा रही है.’

यानी 29 मार्च को दिए गए आदेश को सरकार ने 17 मई को वापस ले लिया है.

पहले क्या आदेश था

पहले लॉकडाउन की घोषणा के ठीक बाद 29 मार्च को सरकार ने एक आदेश दिया था. डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के सेक्शन 10(2)(I) के तहत होम सेक्रेटरी ने नेशनल एक्जीक्यूटिव कमिटी के चेयरपर्सन के तौर पर आदेश दिए थे. आदेश में लिखा था-

‘सभी मालिक, चाहे वो किसी इंडस्ट्री से हों या दुकानदार हों या किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान से हों, अपने कर्मचारियों को बिना किसी कटौती के लॉकडाउन के दौरान भी सैलरी देंगे.’

फिलहाल कर्मचारियों के लिए यह सब कुछ पहेली बना हुआ है. मालिकों के पास नये नियम का तर्क है और कर्मचारियों के पास अपनी समस्या.



वीडियो  देखें: लॉकडाउन 4.0 में कुछ रियायत मिलने के बाद अब ऐमेज़ॉन, स्नैपडील से क्या मंगवा सकते हैं?

 

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