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एक्ट्रेस स्वातिलेखा नहीं रहीं, जिन्हें सत्यजीत रे ने अपने करियर का सबसे बड़ा अवॉर्ड लेने भेजा था

मशहूर फिल्म एक्ट्रेस और थिएटर पर्सनैलिटी स्वातिलेखा सेनगुप्ता नहीं रहीं. स्वाति ने 16 जून की दोपहर अपनी आखिरी सांसें लीं. वो 71 साल की थीं. स्वाति पिछले 20-25 दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं. उन्हें किडनी से जुड़ी कोई बीमारी डायग्नोज़ हुई थी. मगर अचानक तबीयत बिगड़ी और कलकत्ता के एक प्राइवेट अस्पताल में उनका निधन हो गया.

स्वातिलेखा का जन्म इलाहाबाद में हुआ था. इनकी मां रोमा हल्दर एक थिएटर पर्सनैलिटी थीं. उन्होंने शुरू से ही स्वाति को बांग्ला, अंग्रेज़ी और हिंदी नाटकों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया. 1972 में शादी के बाद स्वाति कलकत्ता आ गईं. यहां भी उन्होंने एक्टिंग और थिएटर के फील्ड में अपना काम जारी रखा. 1984 में वो सत्यजीत रे की फिल्म ‘घरे बाइरे’ में नज़र आईं. इसके बाद फिल्में छोड़ थिएटर में ही रम गईं.

स्वातिलेखा सेनगुप्ता. स्वाति को सत्यजीत रे की फिल्मों में नियमित तौर पर देखा जाता था. अगले कुछ समय में इनकी दो फिल्में रिलीज़ होने वाली हैं.
स्वातिलेखा सेनगुप्ता. स्वाति को सत्यजीत रे की फिल्मों में नियमित तौर पर देखा जाता था. अगले कुछ समय में इनकी दो फिल्में रिलीज़ होने वाली हैं.

अपने पति रुद्रप्रसाद सेनगुप्ता के साथ मिलकर उन्होंने नंदिकर नाम का एक थिएटर ग्रुप शुरू किया. स्वाति थिएटर के तकरीबन सभी मामलों में काम करती थीं. वो नाटक लिखती भी. डायरेक्ट भी करतीं. प्रोडक्शन में भी हाथ डाल देती. मगर उनका पहला प्रेम अभिनय ही रहा. इंडियन थिएटर में उनके अद्भुत योगदान के लिए 2011 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाज़ा गया.

स्वातिलेखा और रुद्रप्रसाद की एक बिटिया हैं सोहिनी. सोहिनी बांग्ला फिल्मों से लेकर टीवी और थिएटर सबमें काम कर चुकी हैं. कुछ ही समय पहले उनकी फिल्म ‘अभिजान’ रिलीज़ हुई थी, जो सौमित्र चैटर्जी की बायोपिक थी. कमाल की बात ये कि सत्यजीत रे की ‘घरे बाइरे’ में सौमित्र और स्वातिलेखा दोनों नज़र आए थे. इस फिल्म में उनके बीच फिल्माए गए फुल-फ्लेज्ड किसिंग सीन्स इंडियन ऑडियंस के लिए बिलकुल नया एक्सपीरियंस था. इसलिए ये फिल्म इन सीन्स की वजह से खूब चर्चा में रही.’घरे बाइरे को दुनियाभर में खूब वाहवाही मिली.

‘घरे बाइरे प्रतिष्ठित कान फिल्म फेस्टिवल के सबसे बड़े अवॉर्ड Palme d’Or के लिए कंपीट कर रही थी. सत्यजीत रे फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए फ्रांस जाने वाले थे. मगर ऐन वक्त पर रे की तबीयत खराब हो गई. उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा. ऐसे में उन्होंने अपने दोनों लीड एक्टर्स यानी सौमित्र और स्वातिलेखा को कान भेजने के लिए मनाया.

फिल्म 'घरे बैरे' के एक सीन में सौमित्र चैटर्जी और स्वातिलेखा सेनगुप्ता.
फिल्म ‘घरे बाइरे’ के एक सीन में सौमित्र चैटर्जी और स्वातिलेखा सेनगुप्ता.

अपने एक इंटरव्यू में स्वाति बताती हैं कि वो फिल्म फेस्ट में नहीं जाना चाहती थीं. क्योकि रे बीमार थे और उनकी किसिंग सीन्स को लेकर बहुत बातें हो चुकी थीं. मगर रे ने उन्हें कहा- ‘तुम्हें मेरी जगह कान फिल्म फेस्टिवल जाना होगा.’ तब जाकर स्वाति इस फेस्ट में जाने को तैयार हुईं. मगर 1984 कान फिल्म फेस्टिवल में विम वेंडर्स की फिल्म ‘पेरिस-टेक्सस’ ने Palme d’Or जीत लिया.

नवंबर 2020 में सौमित्र चैटर्जी का निधन हुआ और जून 2021 में स्वातिलेखा सेनगुप्ता गुज़र गईं. आने वाले दिनों में इस ऑन-स्क्रीन जोड़ी की आखिरी फिल्म ‘बेला शुरू’ रिलीज़ होने वाली है.


वीडियो देखें: बंगाली के मशहूर अभिनेता सौमित्र चटर्जी का कोलकत्ता में निधन

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