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CBSE पेपर लीक में इस गिरफ्तारी से BJP की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं

CBSE पेपर लीक मामले में लगातार खुलासे हो रहे हैं. पहले दिल्ली में एक कोचिंग संचालक और कुछ छात्रों से पूछताछ हुई. अब मामला बढ़ते-बढ़ते झारखंड तक पहुंच गया है. 23 मार्च से लेकर अब तक इस मामले में जो भी हुआ है, वो सब जानिए. एक जगह.

SSC स्कैम में लगातार सरकार पर आरोप लग रहे हैं और वो अब तक उनसे पूरी तरह पीछा नहीं छुड़ा पाई है. अब सरकार की मुसीबत और बढ़ने वाली है. क्योंकि CBSE पेपर लीक मामले में झारखंड से एक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) नेता की गिरफ्तारी हुई है. नेता का नाम सतीश पांडेय है और ये चतरा ज़िले में ABVP के ज़िला संयोजक हैं. सतीश चतरा में कोचिंग चलाते हैं. उनके अलावा इस मामले में पंकज सिंह और हिमेश नाम के एक शख्स की गिरफ्तारी हुई है. कुछ नाबालिग भी हिरासत में लिए गए हैं जिनका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है.

ये खबर सामने आने के बाद से कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों ने लगातार सोशल मीडिया पर BJP और ABVP को निशाना बनाया:

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लेकिन चतरा एसपी अखिलेश बी वारियर ने इन गिरफ्तारियों के बाद दिए बयान में ये बात साफ की कि चतरा पुलिस फिलहाल इस मामले में जांच कर ही रही है और इस मामले का मास्टरमाइंड अभी तक फरार है.

CBSE पेपर लीक पर 29 मार्च, 2018 को हमने एक विस्तृत खबर की थी. उसे यहां पढ़ेंः

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मार्च 2018 के आखिरी सप्ताह की सबसे बड़ी खबर है वॉट्सऐप पर CBSE बोर्ड का पेपर लीक होना. अभी तक की रिपोर्ट्स के मुताबिक 10वीं का मैथ का और 12वीं का इकॉनमिक्स का पेपर लीक हुआ है. शुरुआत में बोर्ड इस बात से इनकार कर रहा था, लेकिन बाद में बोर्ड की तरफ से पेपर लीक होने की शिकायत दर्ज कराई गई. उधर मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी स्वीकार किया कि एग्ज़ाम से आधे घंटे पहले दो-तीन पेपर लीक हुए हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अभी मामले की जांच कर रही है.

प्रत्यक्ष तौर पर ये प्रकरण 26 मार्च से शुरू होता दिखता है, लेकिन असल में इसकी शुरुआत 15 मार्च को हो गई थी. आइए आपको तफ्सील से बताते हैं कि CBSE पेपर लीक मामले में 15 मार्च से अब तक क्या कुछ हुआ है…

कब शुरू हुए CBSE बोर्ड के एग्ज़ाम

5 मार्च से CBSE बोर्ड के 10वीं और 12वीं के एग्ज़ाम शुरू हुए थे. इनमें करीब 28 लाख स्टूडेंट शामिल हुए, जिनमें से 10वीं में 16,38,428 स्टूडेंट रजिस्टर्ड थे और 12वीं में कुल 11,86,306 स्टूडेंट रजिस्टर्ड थे. 12वीं क्लास के इकॉनमी (code 0390) के पेपर के लिए 26 मार्च (सोमवार) और 10वीं के मैथ (code 041) के पेपर के लिए 28 मार्च (बुधवार) की तारीख तय थी.

CBSE का लोगो
CBSE का लोगो

15 मार्च को क्या हुआ था

15 मार्च को दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया कि उसे CBSE के 12वीं क्लास के अकाउंटेंसी का पेपर लीक होने की जानकारी मिली थी. तब CBSE बोर्ड ने इस बात से इनकार किया, लेकिन अगले दिन जांच का आदेश दिया था. अपने बयान में बोर्ड ने कहा कि कहीं भी कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, सभी सेंटर्स पर सील सही हालत में मिली है. हालांकि, 26 मार्च को दिन सब्जेक्ट के पेपर लीक होने की खबर आई, उनमें अकाउंटेंसी का ज़िक्र नहीं है.

द हिंदू में 15 मार्च को छपी खबर, जिसमें CBSE ने पेपर लीक होने से इनकार किया
द हिंदू में 15 मार्च को छपी खबर, जिसमें CBSE ने पेपर लीक होने से इनकार किया

फिर 23 मार्च को क्या हुआ

23 मार्च को CBSE के पास फैक्स के ज़रिए एक गुमनाम स्रोत से शिकायत आई थी कि बोर्ड एग्ज़ाम के पेपर लीक हो रहे हैं. इस शिकायत में दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में चलने वाले एक कोचिंग सेंटर और दो स्कूल के नामों का ज़िक्र किया गया था.

असली बम फटा 26 मार्च को

26 मार्च को 12वीं क्लास का इकॉनमी का एग्ज़ाम था. एग्ज़ाम से पहले ही स्टूडेंट्स के बीच ये बात फैल गई कि इकॉनमी का पेपर एग्ज़ाम से कई घंटे पहले लीक हो गया है. हालांकि, शुरुआत में इसे अफवाह माना जा रहा था. लेकिन इसी दिन शाम को रोज़ अवेन्यू में CBSE की अकैडमिक यूनिट को एक बेनामी लिफाफा मिला, जिसके अंदर चार शीट्स थीं. इन शीट्स पर इकॉनमी के पेपर के जवाब हाथ से लिखे हुए थे.

सोमवार को ही जब ये बात सोशल मीडिया पर फैल गई, तो स्टूडेंट्स बौखला गए. यहां तक CBSE की तरफ से यही कहा जा रहा था कि उसकी तरफ से कोई गलती नहीं हुई है. इस तारीख तक बोर्ड यही कहता रहा कि 12वीं का इकॉनमी का पेपर लीक होने की खबर गलत है और स्टूडेंट परेशान न हों.

हिंदुस्तान टाइम्स में 26 मार्च को छपी खबर, जिसमें CBSE ने लीक की खबर गलत बताते हुए छात्रों को परेशान न होने के लिए कहा.
हिंदुस्तान टाइम्स में 26 मार्च को छपी खबर, जिसमें CBSE ने लीक की खबर गलत बताते हुए छात्रों को परेशान न होने के लिए कहा.

बोर्ड ने 27 मार्च को दर्ज कराई FIR

26 मार्च की शाम ये लिफाफा मिलने के अगले दिन CBSE ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई. बोर्ड की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों सब्जेक्ट्स के पेपर लीक होने के लिए दो अलग-अलग FIR दर्ज कीं. CBSE की इसी शिकायत में 23 मार्च को शिकायत मिलने वाली बात सामने आई. 12वीं का पेपर लीक होने की शिकायत 27 मार्च को दर्ज की गई और 10वीं का पेपर लीक होने की FIR 28 मार्च को दर्ज की गई.

जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है या तो सभी विषयों के एग्ज़ाम दोबारा कराए जाएं या फिर किसी भी विषय के न हों.
जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है या तो सभी विषयों के एग्ज़ाम दोबारा कराए जाएं या फिर किसी भी विषय के न हों.

इस दिन पुलिस की तरफ से बयान दिया गया कि जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें दो डेप्युटी कमिश्नर होंगे, चार असिस्टेंट कमिश्नर होंगे और पांच इंस्पेक्टर होंगे. ये टीम सीधे जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के निर्देश पर काम करेगी. पुलिस ने धारा 406, 420 और 120B के तहत केस दर्ज किए हैं. क्राइम ब्रांच के डीसीपी राम गोपाल नाइक 12वीं और डीसीपी जॉय टर्की 10वीं के लीक की जांच कर रहे हैं.

28 मार्च को बोर्ड ने कहा, दोबारा पेपर होगा

28 मार्च को जब 10वीं के पेपर लीक की FIR दर्ज हो गई, उसके बाद बोर्ड की तरफ जारी बयान में कहा गया, ‘बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ये परीक्षाएं दोबारा आयोजित कराएगा. नई तारीखें एक सप्ताह के अंदर बोर्ड की वेबसाइट पर बताई जाएंगी.’

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर
दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

बोर्ड के इस फैसले से CBSE स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स काफी नाराज हुए. देशभर से तमाम छात्रों और पेरेंट्स की प्रतिक्रियाएं आईं. मोटे तौर पर दो बातें कही गईं. स्टूडेंट्स का कहना है कि उन्होंने एक बार पूरी मेहनत से एग्ज़ाम दिए और अब किसी और की गलती की वजह से उन्हें दोबारा एग्ज़ाम देना पड़ेगा, जो उनके साथ अन्याय है. दूसरी शिकायत ये है कि स्टूडेंट्स बड़ी मुश्किल से एग्ज़ाम मोड से बाहर निकले थे, उन्होंने छुट्टियों को लेकर कई प्लान बनाए थे, लेकिन CBSE के इस फैसले की वजह से अब उन्हें अपना प्लान री-शेड्यूल करने पड़ेंगे और एग्ज़ाम की दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी.

CBSE का दोबारा एग्ज़ाम कराने का नोटिफिकेशन
CBSE का दोबारा एग्ज़ाम कराने का नोटिफिकेशन

हालांकि, दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों की मांग है कि बोर्ड को सभी विषयों के एग्ज़ाम दोबारा कराने चाहिए. इनका दावा है कि और भी विषयों के पेपर लीक हुए हैं, तो बोर्ड को सभी को दोबारा बराबरी का मौका देना चाहिए. हालांकि, पिछले एग्ज़ाम में अच्छा परफॉर्म करने का दावा करने वाले स्टूडेंट्स का कहना है कि पिछला पेपर आसान आया था, लेकिन विवाद होने की वजह से अगला पेपर कठिन आएगा.

दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर
दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

29 मार्च को पुलिस को कुछ कामयाबी मिली

CBSE की शिकायत के आधार पर दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली-NCR में 10 अलग-अलग जगहों पर छापे मारे हैं. पुलिस तीन बातों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है:

– क्या पेपर CBSE (हेडक्वॉर्टर) की तरफ से लीक हुआ है?
– क्या पेपर एग्ज़ाम सेंटर, इनविजिलेटर या स्कूल स्टाफ की तरफ से लीक हुआ है?
– क्या कोचिंग सेंटर्स को CBSE के कुछ लोगों की तरफ से कोई मदद मिल रही थी?

पुलिस के पास लीक पेपर के वॉट्सऐप स्नैपशॉट हैं. शुरुआत जांच के आधार पर ऐसा लग रहा है कि पेपर एग्ज़ाम से एक दिन पहले लीक हुआ है. पुलिस का अंदाजा है कि पढ़ाई में कमज़ोर कुछ स्टूडेंट्स ने CBSE के कुछ अंदरूनी लोगों से जुगाड़ बिठाया और पेपर लीक करा लिया. पुलिस पेपर छापने वाली प्रेस और कोचिंग सेंटर की भूमिका की जांच कर रही है. पुलिस का मानना है कि पहले कुछ स्टूडेंट्स को पेपर मिला, जो उन्होंने एक्साइटमेंट अपने दोस्तों को भेज दिया और इस तरह ये वॉट्सऐप पर वायरल हो गया.

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जिस IP अड्रेस से पेपर लीक किया गया है, उस तक पहुंचने के लिए पुलिस उन मोबाइल और कंप्यूटर के IP अड्रेस पता कर रही है, जिनके पास पेपर लीक से पहले मौजूद था. CBSE की तरफ से भी पुलिस को कुछ नंबर और वॉट्सऐप मेसेज दिए गए हैं, जिनके आधार पर लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. बड़ा अपडेट ये है कि पुलिस ने राजेंद्र नगर इलाके में विद्या कोचिंग चलाने वाले विक्की को गिरफ्तार करके उससे पूछताछ की है. दिल्ली क्राइम ब्रांच के आरपी उपाध्याय ने बताया,

‘दोनों केस महत्वपूर्ण हैं, जिनकी बड़ी टीमें जांच कर रही हैं. हमने 25 लोगों से पूछताछ की है. हमने पाया कि 18 स्टूडेंट और 5 ट्यूटर्स के पास पेपर था. हम ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि पेपर कहां से लीक हुआ है. इन केस में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है, सिर्फ पूछताछ की गई है. शिकायत में विक्की का नाम दर्ज है. उसे वॉट्सऐप पर किसी और से पेपर मिला था. उसने अपने स्टूडेंट्स के लिए वो पेपर सॉल्व किया था. जिन कॉलेज स्टूडेंट से पूछताछ हुई है, वो फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट हैं. जांच में पता चला है कि पेपर फॉरवर्ड करने के लिए इन स्टूडेंट्स को कोई पैसा नहीं मिला है. CBSE को एक ईमेल भी मिला था. हम जानने की कोशिश कर रहे हैं कि ओरिजनली वो ईमेल कहां से भेजा गया था. CBSE हमारी पूरी मदद कर रहा है. हम दूसरे विषय के पेपर लीक होने के बारे में कुछ नहीं कह सकते. हम इतना जानते हैं कि पेपर लीक हुआ है, जो स्टूडेंट्स के पास था और उनके पास सॉल्व किए हुए पेपर भी थे.’

शिक्षामंत्री प्रकाश जावड़ेकर का क्या कहना है

पूरे मामले में मानव संसाधन मंत्री जावड़ेकर बुरी तरफ फंसे हुए हैं. कांग्रेसी नेता रणदीप सुरजेवाला उन्हें और CBSE चीफ अनीता करवल को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं. राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अजय माकन समेत कई विपक्षी नेता सरकार को इस मामले पर घेर रहे हैं. जावड़ेकर ने बयान दिया है,

‘हम सोमवार से नया सिस्टम ला रहे हैं, ताकि कुछ भी लीक न हो. सरकार सुनिश्चित करेगी कि किसी के साथ अन्याय न हो. प्रधानमंत्री को सारी जानकारी दी गई है, ये उनके लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है. एग्ज़ाम पूरे देश में हुआ, लेकिन शिकायत दिल्ली के कुछ स्कूलों से आई है. मैं बच्चों और पेरेंट्स का दुख समझ सकता हूं. मैं भी दो बच्चों का पिता हूं. पेपर लीक की वजह से मैं रात में सो नहीं पाया. ये सच है कि पेपर के कुछ हिस्से वॉट्सऐप पर एग्ज़ाम से आधे घंटे पहले लीक हुए हैं.’

CBSE मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षामंत्री प्रकाश जावड़ेकर
CBSE मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

हालांकि, जावड़ेकर के आधे घंटे वाले दावे के उलट पुलिस का कहना है कि पेपर एग्ज़ाम से एक शाम पहले ही लीक होकर वॉट्सऐप पर वायरल हो चुके थे.

कुछ और बातें

CBSE की गाइडलाइन यही कहती है कि अगर कोई पेपर लीक होता है, तो एग्ज़ाम दोबारा कराया जाएगा. इसीलिए बोर्ड ने दोबारा परीक्षा की घोषणा की है. इससे पहले 2014 में मणिपुर में फिजिक्स का पेपर लीक हो गया था, तो दोबारा एग्ज़ाम कराया गया था.

दिल्ली के कुछ स्टूडेंट और उनके घरवाले दिल्ली हाईकोर्ट की शरण में जाने की सोच रहे हैं. इनका दावा है कि 10वीं का सोशल स्टडी का पेपर भी लीक हुआ है.

CBSE मामले पर राहुल गांधी का ट्वीट
CBSE मामले पर राहुल गांधी का ट्वीट

एक बयान और सुनना चाहिए

लुधियाना के कुंदन विद्या मंदिर की प्रिंसिपल नविता पुरी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा,

‘इस साल CBSE ने दावा किया था कि वो आसानी से एग्ज़ाम कराने के लिए दोगुना ऐतिहात बरत रहा है. पेपर बैंक के लॉकर में रखे जाते हैं और एग्ज़ामिनेशन स्टाफ से भी कई सावधानियां बरतने के लिए कहा जाता है, जो मैं आपको नहीं बता सकती. अगर ऐसे में भी पेपर लीक हुआ है, तो CBSE को दोबारा सोचने की ज़रूरत है. हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते कि छात्र किन हालात से गुज़र रहे हैं. और अगर पेपर लीक होने की खबर मंगलवार शाम को ही मिल गई थी, तो एग्ज़ाम कैंसल क्यों नहीं किया गया? स्टूडेंट्स से एग्ज़ाम क्यों लिखवाया गया? ये समय, पैसे और मेहनत की साफ बर्बादी है और अब लाखों छात्रों की मेहनत को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा.’

CBSE पेपर लीक मामले में जो भी अपडेट्स होंगे, दी लल्लनटॉप आप तक पहुंचाता रहेगा. बने रहिए.


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