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तजिंदर बग्गा ने अपने ट्विटर इंट्रो से बीजेपी का नामो-निशान क्यों मिटा दिया है?

तजिंदर बग्गा बीजेपी से नाराज़ हैं? बात सच तो नहीं लगती लेकिन उनके ट्विटर का इंट्रो तो ऐसा ही कुछ बता रहा है. बग्गा ने अपने ट्विटर इंट्रो से बीजेपी का नाम भी मिटा दिया है. वह अकेले बीजेपी प्रवक्ता नहीं हैं, जो नाराज हैं. नाराज होने वालों में बीजेपी के सीनियर नेता हरीश खुराना भी शामिल हैं. हरीश खुराना बीजेपी के कद्दावर नेता और दिल्ली के सीएम रहे मदन लाल खुराना के बेटे हैं. वह लंबे वक्त से बीजेपी के प्रवक्ता हैं. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.

बग्गा क्या बीजेपी से खफा हैं?

तजिंदर बग्गा. पिछले दिल्ली विधानसभा इलेक्शन में बीजेपी नेता बने थे. उन्होंने बीजेपी के टिकट पर हरिनगर विधानसभा से इलेक्शन लड़ा था, लेकिन हार गए थे. ऑनलाइन सामान भी बेचते हैं. तजिंदर बग्गा सोशल मीडिया पर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. ट्विटर पर उनके 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं. कभी वह अपनी ही पार्टी के एमपी सुब्रमण्यम स्वामी को गद्दार बोल देते हैं, तो कभी कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर अभद्र टिप्पणी करते दिख जाते हैं. वह बीजेपी सरकार की बड़ाई के साथ विपक्षी नेताओं को ट्रोल करने में माहिर हैं.

लेकिन बताया जा रहा है कि अब वह बीजेपी में नाराज हैं. इतने नाराज हैं कि उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल के इंट्रो से बीजेपी को साफ कर दिया है. पहले उनके इंट्रो में लिखा होता था “बीजेपी प्रवक्ता, बीजेपी एमएलए कैंडिडेट हरि नगर विधान सभा, स्वयंसेवक”. अब उन्होंने ये सारा इंट्रोडक्शन अपने प्रोफाइल से हटा दिया है. नीचे फोटो देखें.

Tajinder Bagga Twitter Profile
ट्विटर पर बग्गा ने बीजेपी से अपने जुड़े होने का इंट्रो उड़ा दिया है. लेफ्ट साइड में उनका पुराना इंट्रो है और राइट साइड में उनके प्रोफाइल की नई तस्वीर है.

द इंडियन एक्सप्रेस ने एक सीनियर बीजेपी नेता के हवाले से दावा किया है कि बग्गा पार्टी में यूथ विंग अध्यक्ष का पद चाहते थे. इसके अलावा बीजेपी प्रवक्ता भी बने रहना चाहते थे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसे लेकर वो नाखुश हैं. पिछले हफ्ते उन्हें पार्टी प्रवक्ताओं के तीन वॉट्सऐप ग्रुप से बाहर निकाल दिया गया था. लेकिन मंगलवार 22 जून को फिर ग्रुप में जोड़ लिया गया. हालांकि इसके बाद उन्होंने खुद ही वो ग्रुप छोड़ दिए. जब द लल्लनटॉप ने तजिंदर बग्गा से इस बारे में संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि इस मामले में पार्टी ही कुछ जवाब देगी. उनका कहना था कि

“जब पार्टी ने मुझे वॉट्सऐप ग्रुप से हटा दिया था तो कुछ सोच-समझकर ही हटाया होगा. फिर दोबारा जोड़ने का क्या मतलब है. मैं इसलिए अपने आप ही ग्रुप से हट गया हूं. मैं अब भी बीजेपी में हूं और रहूंगा.”

हरीश खुराना के साथ क्या हुआ?

दिल्ली बीजेपी में लंबे वक्त से प्रवक्ता रहे हरीश खुराना के भी पार्टी प्रवक्ताओं के ज्यादातर वॉट्सऐप ग्रुप छोड़ देने की खबर है. उन्हें भी पार्टी में सही तरीके से प्रतिनिधित्व न दिए जाने की शिकायत है. दिल्ली बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक, वह पार्टी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे.

खुराना पिछले 10 साल से इस पद पर हैं, और बड़े पद की इच्छा रखते हैं. उन्होंने पिछले विधानसभा चुनावों में टिकट की मांग की थी, लेकिन नहीं दिया गया. खुराना ने कुछ दिन पहले प्रवक्ता के पद से इस्तीफा देने की बात भी कह दी थी.

हालांकि दिल्ली बीजेपी के मीडिया हेड नवीन कुमार इन बातों को ज्यादा तवज्जो न देने की बात कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि हरीश खुराना अब भी पार्टी के वॉट्सऐप ग्रुप में हैं. बग्गा के बारे में उनका कहना है कि शायद उन्होंने अपना नंबर बदल लिया है, इस वजह से ऐसा हुआ होगा.

क्या दिल्ली बीजेपी के नए चीफ इसकी वजह हैं?

दिल्ली बीजेपी के कई सीनियर नेताओं का दावा है कि जब से दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष पद पर मनोज तिवारी की जगह आदेश गुप्ता आए हैं, तबसे बड़ा बदलाव हुआ है. उनका ये भी आरोप है कि मनोज तिवारी की टीम के लोगों को पार्टी में पद नहीं दिए गए हैं. ऐसे लोगों में शाजिया इल्मी, रविंदर गुप्ता और राजेश भाटिया जैसे नेता भी शामिल हैं. एक सीनियर बीजेपी नेता ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार को बताया कि

“हमारे पास राजनैतिक रूप से मजबूत लोगों की बड़ी संख्या है. उनमें से कुछ की सोशल मीडिया पर अच्छी पकड़ है तो कुछ की जमीन पर. पार्टी के लिए दोनों का ही महत्व है.”

खैर मामला जो भी हो लेकिन कुछ ही महीनों में होने वाले एमसीडी इलेक्शन के लिहाज से बीजेपी के लिए ये अच्छे संकेत नहीं हैं. बता दें कि पिछले तीन टर्म से बीजेपी ने एमसीडी पर कब्जा बनाए रखा है.


वीडियो – तजिंदर बग्गा ने सोनिया गांधी पर क्या ट्वीट किया जिससे बवाल मच गया?

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