Submit your post

Follow Us

दीपिका की 'छपाक' ने वो कमाल कर दिया, जिसे सुनकर बॉयकॉट करने वाले मुंह छुपा लेंगे

दीपिका पादुकोण की नई फिल्म ‘छपाक’ थिएटर्स में लगती, उससे पहले ही बवाल हो गया. हुआ ये कि जब जेएनयू हिंसा के बाद बॉलीवुड के बड़े नाम मौन व्रत पर थे, तब दीपिका जेएनयू चली गईं. दीपिका के जेएनयू में आइशी घोष के साथ खड़े होने से साफ हो गया कि उनका स्टैंड क्या है. वो 10 मिनट के लिए जेएनयू गईं और एक शब्द नहीं बोला. इस पूरे मसले पर यही उनका स्टेटमेंट था. ये बात जो है, वो सूडो नेशनलिस्ट यानी फर्जी राष्ट्रवादियों के गले नहीं उतरी. सोशल मीडिया पर #BoycottChhapaak ट्रेंड करने लगा. दीपिका के इस कदम से नाराज़ लोगों ने उनकी फिल्म नहीं देखने का एजेंडा फैलाना शुरू किया. नेता लोगों ने पब्लिक से ‘छपाक’ की बजाय अजय देवगन की ‘तान्हाजी’ देखने को कहा. मतलब ‘छपाक’ को फ्लॉप कराने और दीपिका से बदला लेने की तमाम कोशिशें हुईं. लेकिन फिल्म की रिलीज़ के 14 दिन बाद इस तरह की हरकत करने वालों के लिए एक बड़ी बुरी खबर है. खबर ये है कि छपाक को फ्लॉप कराने वालों की सारी मेहनत पर पानी फिर गया.

मेघना गुलज़ार डायरेक्टेड फिल्म ‘छपाक’ को 35 करोड़ रुपए के बजट में बनाया गया था. छोटे बजट की कॉन्टेंट ड्रिवन फिल्म. द क्विंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बीते सोमवार तक 32.48 करोड़ रुपए कमा लिए हैं. ये कलेक्शन देखकर आपको लग रहा होगा कि फिल्म तो पिट गई. दीपिका हार गईं. अंधभक्ति, आईटी सेल और फर्जी देशभक्ति जीत गई. लेकिन आपको गलत लग रहा है. क्योंकि फिल्में थिएटर्स के अलावा और भी कई जगहों से पैसे कमाती हैं. इस मसले पर डिटेल में अलग से बात करेंगे, फिलहाल अपनी कहानी आगे बढ़ाते हैं. बात ये है कि छपाक ने अब तक टोटल 71.48 करोड़ रुपए कमा लिए हैं. कैसे? नीचे बता रहे-

जेएनयू में छात्रों के साथ खड़ीं दीपिका पादुकोण. स्टूडेंट्स ने उनके सामने इस घटना के खिलाफ नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया.
जेएनयू में छात्रों के साथ खड़ीं दीपिका पादुकोण. स्टूडेंट्स ने उनके सामने इस घटना के खिलाफ नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया.

# रिलीज़ से पहले ‘छपाक’ के म्यूज़िक राइट्स बिक चुके थे. 3 करोड़ रुपए में.
# सैटेलाइट और डिजिटल राइट्स बेचकर फिल्म ने कमाए 23 करोड़ रुपए.
# इंडिया में 32.48 करोड़ रुपए कमाने के अलावा फिल्म ने विदेशों से भी 13 (1.84 मिलियन डॉलर्स) करोड़ रुपए का कलेक्शन किया.

अगर इन सब नंबर्स को जोड़ लें, तो फिल्म की कुल कमाई होती है- 71.48 करोड़ रुपए. वो बात ठीक है कि ‘छपाक’ बहुत पैसे नहीं पीट पाई. लेकिन इसके साथ हमें ये भी मानना होगा कि फिल्म से प्रोड्यूसर्स का नुकसान तो नहीं हुआ है. ‘छपाक’ में लीड रोल करने के अलावा दीपिका इस फिल्म से बतौर प्रोड्यूसर भी जुड़ी हुई थीं. एज़ अ प्रोड्यूसर ये उनकी पहली फिल्म थी. और इसी फिल्म की रिलीज़ से पहले दीपिका के जेएनयू जाने को बहुत रिस्की और हिम्मती कदम माना गया. कुछ लोगों का ये भी मानना था कि ये फिल्म प्रमोशन के अलावा कुछ और नहीं था. अगर ये दीपिका के लिए फिल्म प्रमोशन का ही जुगाड़ था, तब भी हमें उनके इस चुनाव के लिए खड़े होकर तालियां बजानी चाहिए.


वीडियो देखें: दीपिका पादुकोण छपाक रिलीज़ से पहले JNU जाकर आइशी घोष से क्यों मिलीं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

कोरोना वायरस की वजह से गेंद स्विंग नहीं करा पाएंगे भारतीय गेंदबाज़!

भुवी की बात से तो ऐसा ही लग रहा है.

इरफान पठान ने जो कहर ढाया है, वो देखकर ग्रेग चैपल को मैदान भर में दौड़ाने का मन करेगा!

पठान में अब भी दम बाकी है.

एंटी-CAA प्रोटेस्ट को उकसाने के आरोप में कपल गिरफ्तार, पुलिस ने कहा- ISIS से लिंक हो सकता है

दिल्ली के शाहीन बाग में 15 दिसंबर से प्रोटेस्ट चल रहा है.

सबसे ज्यादा रणजी मैच और सबसे ज्यादा रन, इस खिलाड़ी ने 24 साल बाद लिया संन्यास

42 की उम्र तक खेलते रहे, अब बल्ला टांगा.

लखनऊ में CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान 'तोड़फोड़ करने वाले' 57 लोगों के होर्डिंग लगाए

होर्डिंग पर पूर्व IPS एसआर दारापुरी और कांग्रेस कार्यकर्ता सदफ ज़फर जैसे लोगों का नाम.

दिल्ली दंगे के 'हिन्दू पीड़ितों' की मदद के लिए कपिल मिश्रा ने जुटाये 71 लाख, खुद एक पईसा नहीं दिया

अब भी कह रहे हैं, 'आप धर्म को बचाइये, धर्म आपको बचायेगा'

कांग्रेस सांसद का आरोप : अमित शाह का इस्तीफा मांगा, तो संसद में मुझ पर हमला कर दिया गया

कांग्रेस सांसद ने कहा, 'मैं दलित महिला हूं, इसलिए?'

निर्भया केस: चार दोषियों की फांसी से एक दिन पहले कोर्ट ने क्या कहा?

राष्ट्रपति ने पवन गुप्ता की दया याचिका खारिज कर दी है.

कश्मीर : हथियारों के फर्जी लाइसेंस बनवाने वाला IAS अधिकारी कैसे धरा गया?

हर लाइसेंस पर 8-10 लाख रूपए लेता था!

गृहमंत्री अमित शाह की रैली में आई भीड़ ने लगाया देश के गद्दारों को गोली मारो... का नारा!

ये नारा डरावना है, उससे भी डरावना है इसका गृहमंत्री की रैली में लगाया जाना.