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RBI ने वित्त मंत्रालय और सोनिया गांधी की ये बात मान ली तो EMI देने वालों की जान में जान आएगी

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है. सबकुछ थम सा गया है. अर्थव्यवस्था भी. इस बीच कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को लेटर लिखा है. लॉकडाउन का समर्थन किया है. साथ ही पीएम को कई सारे सुझाव दिए हैं. कई सारी मांग भी की है. सोनिया ने पीएम को लिखी चिट्ठी में सलाह दी है कि केंद्र सरकार सभी EMI पर छह महीने के लिए रोक लगाए. साथ ही इस दौरान का ब्याज भी बैंक माफ करें.

इसके अलावा बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने हाल ही में इस मामले में RBI को लेटर लिखा था. उन्होंने आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास से EMI और कर्ज  चुकाने के लिए लोगों को तीन महीने की मोहलत देने की मांग की थी.

लोग भी चाहते हैं कि EMI पर आंशिक तौर पर रोक लगे. क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से बहुत सी चीजें प्रभावित हुई हैं. भारत को कड़ी आर्थिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. व्यावसायिक गतिविधियां कम होने से पहले ही कुछ जगहों पर छंटनी हो चुकी है. कई संस्थाओं ने अपने कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया है. कुछ ने कर्मचारियों के वेतन में कटौती की बात कही है. ऐसे में कई लोगों ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह EMI और कर्ज चुकाने पर अस्थायी रोक लगाए.

डेक्कन क्रॉनिकल की 24 मार्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटो और टैक्सी चालकों ने सरकार से रिक्वेस्ट की है कि गाड़ियों के लोन पर लगने वाला ब्याज न वसूला जाए. ओला और उबर के कैब ड्राइवर परेशान हैं, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान कैब पर रोक है. ऐसे में कई ड्राइवरों को ईएमआई और कर्ज चुकाने में दिक्कत होगी.

कुछ दिन पहले इंडिया टुडे टीवी ने एक मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव से बात की थी. उन्होंने बताया था कि उन्हें अनपेड लीव पर जाने के लिए कहा गया है. इसके अलावा, रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) के चीफ एग्जिक्यूटिव कुमार राजगोपालन ने रॉयटर्स को बताया कि देशभर में तालाबंदी के कारण खुदरा क्षेत्र में काम करने वाले लगभग 40 प्रतिशत लोग अपनी नौकरी खो सकते हैं.

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निर्मला सीतारमण के मंत्रालय ने भी इस मामले में RBI को लेटर लिखा है. डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के सेक्रेटरी देवाशीष पांडा ने RBI को लेटर लिखा है. EMI और कर्ज चुकाने के लिए लोगों को कुछ महीनों की मोहलत देने का सुझाव दिया है.

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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास. फोटो: India Today

इस बात की काफी संभावनाएं हैं कि छंटनी और वेतन में कटौती के कारण लोग मौजूदा कर्ज चुकाने में सक्षम न हों. यह देखना होगा कि क्या सरकार अगले कुछ दिनों में इस सुझाव को अपने व्यापक आर्थिक पैकेज के हिस्से के रूप में शामिल करती है?

दूसरी तरफ, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 मार्च को राहत पैकेज का ऐलान किया लेकिन कर्ज और EMI से संबंधित कोई ऐलान नहीं किया गया है. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सरकार इस मामले में कोई कदम उठा सकती है.


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