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कोरोना: रेल कोच से लेकर स्टेडियम तक में बनेंगे वॉर्ड, क्या हैं ऑल्टरनेट तैयारियां

काफी पहले ‘तोत्तो चान’ कहानी पढ़ी थी. उसमें ट्रेन के कोच में स्कूल चलता था. आज के माहौल में ट्रेन के कोच में अस्पताल चलाने की बात हो रही है. क्यों? कोरोना वायरस की वजह से. इसके मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं. भारतीय रेलवे अपने कोच को क्वारंटीन फैसिलिटी वाले वॉर्ड में तब्दील करने की सोच रहा है. यही नहीं, कुछ स्टेडियम में भी वॉर्ड बनाने की तैयारी हो रही है.

अस्पतालों के ऑल्टरनेट के तौर पर ट्रेनों को तैयार किया जा सकता है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, रेल अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं कि कोच को ऐसे वॉर्ड में कैसे बदला जाए, जहां खाना और दवाएं भी मिल सकें. इसके लिए पूरी ट्रेन को वॉर्ड में कन्वर्ट किया जाएगा. लेकिन अभी इसकी डिज़ाइन फाइनल होना बाकी है. अलग-अलग डिवीजन में अफसरों को इसके लिए लोकेशन तय करनी होगी. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने कहा,

हम हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह ले रहे हैं कि क्या-क्या ज़रूरत पड़ेगी. और इसके फायदे-नुकसान क्या हैं. हम पैंट्री कार में खाने की भी व्यवस्था कर रहे हैं. हम सरकार की हरसंभव तरीके से मदद करना चाहते हैं.

कई राज्यों के अस्पतालों में अलग आइसोलेशन वॉर्ड बनाए जा रहे हैं. फोटो: PTI
कई राज्यों के अस्पतालों में अलग आइसोलेशन वॉर्ड बनाए जा रहे हैं. फोटो: PTI

अलग-अलग डिज़ाइन पर काम

वेस्टर्न रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि हमने डिवीजन में सारी लोकशन ढूंढ ली हैं, जहां एक कोच में लगातार बिजली भी दी जा सके. एक डिज़ाइन के मुताबिक, एक लिंक हॉफमैन बुश (LHB) कोच में नौ लॉबी होती हैं. हर लॉबी में छह बर्थ होती हैं. एक लॉबी एक शख्स के लिए इस्तेमाल की जा सकती है. इसके अलावा एक और डिज़ाइन में एक डिब्बे में एक शख्स को भी रखा जा सकता है. एक आइडिया ये भी है कि एक कोच में दो लोगों को रखा जाए और दोनों तरफ के टॉयलेट उन्हें अलॉट किए जाएं. इसके लिए कम से कम 10,000 आइसोलेशन वॉर्ड की ज़रूरत होगी. इसके लिए रेलवे ने अलग-अलग ज़ोन में खड़े रेक्स (कोच का समूह, जिससे ट्रेन बनती है) का मूवमेंट भी शुरू कर दिया है.

उस रात सारी घटनाएं एक के बाद एक क्रम में होती गईं. ये सारा सिलसिला तब शुरू हुआ, जब कालिंदी एक्सप्रेस ने पटरी पर खड़ी एक नीलगाय को टक्कर मारी. इसकी वजह से ट्रेन रुक गई.
कई जगहों से रेल कोच को लाया जा रहा है. सांकेतिक फोटो.

स्टेडियम में भी वॉर्ड

देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 87 नए मरीज सामने आए. इनमें पांच दिल्ली से हैं. दिल्ली सरकार लगातार लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है. लेकिन दिल्ली में हालात अगर बिगड़ते हैं तो आंबेडकर स्टेडियम और फिरोजशाह कोटला में भी बीमारी के संदिग्धों को रखा जा सकता है. डॉक्टरों को क्वांरटीन करने कि लिए ललित होटल में व्यवस्था की जा सकती है. इसके अलावा कोरोना के लिए अस्पतालों में डेडिकेटेड आइसोलेशन वॉर्ड तो बनाए ही गए हैं. साथ ही  प्राइवेट अस्पतालों से भी इसकी व्यवस्था करने को कहा गया है. आर्मी की तरफ से कई आइसोलेशन फैसिलिटी बनाई गई हैं.

दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम. फोटो: YouTube
दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम. फोटो: YouTube

अलग-अलग राज्यों में तैयारी

पश्चिम बंगाल में पूरे कोलकाता मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशलिटी फैसिलिटी में बदल दिया गया है. अलग-अलग राज्यों में नए डॉक्टरों, यहां तक कि रिटायर्ड और प्राइवेट डॉक्टरों को नियुक्त किया जा रहा है. हरियाणा में 447 डॉक्टरों को अपॉइंटमेंट लेटर ज़ारी कर दिया गया है, जबकि उनकी परीक्षा के कुछ चरण बाकी हैं.

उत्तर प्रदेश में 2,800 आइसोलेशन बेड बनाए गए हैं. 51 सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 11000 बेड्स की और व्यवस्था की जा रही है. छह लैब में टेस्टिंग की जा रही है. गोरखपुर और इटावा में दो लैब और खुलेंगे. तमिलनाडु में 350 बेड का आइसोलेशन वॉर्ड बन रहा है. आंध्र प्रदेश में हर लैब को पांच लाख रुपए दिए जा रहे हैं ताकि वो ज़रूरी सामान खरीद सकें. जम्मू में 1,070 बेडों के मेडिकल कॉलेज को COVID-19 की फैसिलिटी में बदला गया है. उत्तराखंड में प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के कहा गया है कि आइसोलेशन के लिए कम से कम 100 बेड रिज़र्व रखें.


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