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बेशर्मी की हद! गंदे, इस्तेमाल किए सर्जिकल ग्लव्स धोकर बेच रहे थे, पुलिस ने धर लिया

दिल्ली एनसीआर कोरोना की मार झेल रहा है. दवाइयों, ऑक्सीजन और इससे जुड़ी अन्य जरूरत की चीज़ों की किल्लत है. महामारी के दौर में ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जब लोग मेडिकल हेल्प से जुड़ी चीज़ों की कालाबाज़ारी कर रहे हैं और मार्केट में बढ़ती डिमांड का नाजायज़ फ़ायदा उठा रहे हैं. ऐसी ही एक न्यूज़ गाज़ियाबाद से आई है. जहां अस्पताल में इस्तेमाल हुए सर्जिकल ग्लव्स (Surgical Gloves) को धोकर फिर से मार्केट में बेचा जा रहा था. पूरा मामला बताते हैं.

गाज़ियाबाद पुलिस कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अपने स्तर पर ड्राइव चला रही है. इस दौरान उन्हें खबर मिली कि गाज़ियाबाद में एक फैक्ट्री चल रही है. जहां अस्पतालों के बाहर फेंके सर्जिकल ग्लव्स को इकठ्ठा किया जाता है. उसके बाद उन ग्लव्स को अवैध तरीके से वॉश कर मार्केट में सप्लाई के लिए भेज दिया जाता है. साथ ही पुलिस को पता चला कि ये काम बड़े पैमाने पर हो रहा है.

Glove Washing Machine
इस्तेमाल किए हुए गंदे ग्लब्स धोने की मशीन. फोटो – आज तक

पुलिस के मुखबिर ने बताया कि ये फैक्ट्री ट्रोनिका सिटी सेक्टर 3 में स्थित है. पुलिस ने फैक्ट्री पर रेड मारी. बरामद हुए इस्तेमाल किये हुए सर्जिकल ग्लव्स के 98 कट्टे, 800 पॅकिंग बॉक्स, गंदे सर्जिकल ग्लव्स की धुलाई करने वाली दो मशीनें और एक मशीन जिसकी मदद से ग्लव्स को सुखाया जाता था. साथ ही पुलिस को धुले हुए ग्लव्स के 60 कट्टे मिले, जिन्हें मार्केट में बेचने के लिए तैयार किया गया था.

Surgical Gloves Ghaziabad
पुलिस ने इस्तेमाल किए हुए ग्लव्स के कट्टे बरामद किए. फोटो – आज तक

पुलिस ने मौके से अजीम अहमद, मोहम्मद परवेज और गुड्डू अहमद को गिरफ्तार किया. पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद से ही मार्केट में सर्जिकल ग्लव्स की डिमांड बहुत ज़्यादा बढ़ गई है. ये देखते हुए तीनों ने ट्रोनिका में खाली पड़ी फैक्ट्री को किराए पर ले लिया. मशीन सेटअप कर ली. साथ ही अस्पताल में इस्तेमाल हो चुके सर्जिकल ग्लव्स इकठ्ठा करना शुरू कर दिया. फिर उन्हें फैक्ट्री में धोकर नई पैकिंग के साथ मार्केट में बेच देते.

बता दें कि महामारी के दौर में रेमडेसिविर, ऑक्सीजन और दवाइयों जैसी जरूरतमंद चीज़ों की कालाबाज़ारी की खबरें लगातार आ रही हैं. पुलिस ऐसे कई गिरोहों को पकड़ भी चुकी है. और इनके खिलाफ एक्टिव तौर पर काम भी कर रही है.


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