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इधर-उधर जाने के लिए ई-पास कैसे बनवाएं, ये उलझन इस एक वेबसाइट से खत्म हो गई

नए नियमों और राहतों के साथ लॉकडाउन 4.0 एंट्री मार चुका है. सरकारों ने राज्य के अंदर इधर-उधर जाने की छूट दे दी है. एक राज्य से दूसरे राज्य जाने की भी छूट मिली है, लेकिन इस पर आखिरी फैसला राज्य सरकारों को लेना होगा. खैर, कहीं पर भी जाने के लिए पास होना बहुत ज़रूरी है. इसके लिए अब सरकार ने एक वेबसाइट लॉन्च कर दी है. नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने इस वेबसाइट को बनाया है.

ये रहा वेबसाइट का लिंक- http://serviceonline.gov.in/epass/

पास बनवाले की प्रोसेस क्या है?

इस पर सीधा क्लिक करके ई-पास बनाने वाले पेज पर पहुंचा जा सकता है. लेकिन इसमें केवल 17 राज्यों के ई-पास की व्यवस्था है. पांच भाषाओं के ऑप्शन भी दिए गए हैं. हिंदी, अंग्रेज़ी, तेलुगू, असमी और मलयालम. जिसे सेलेक्ट करेंगे, उस भाषा में वेबसाइट खुलेगी. दो ऑप्शन आते हैं- ई-पास के लिए अप्लाई करें, अपनी एप्लीकेशन को ट्रैक करें.

Lockdown Interstate Pass 1
इस वेबसाइट में 17 राज्यों के ई-पास के लिए अप्लाई किया जा सकता है.

जिन्हें ई-पास के लिए अप्लाई करना है, उनके सामने राज्य को चुनने का ऑप्शन आएगा. उदाहरण के लिए, आप अगर लखनऊ में रह रहे हैं, तो आपको उत्तर प्रदेश चुनना होगा. फिर एक और लिंक मिलेगा, उस पर क्लिक करके आप राज्य के ई-पास वाले पेज पर चले जाएंगे. मोबाइल नंबर रजिस्टर कराना होगा, OTP के ज़रिए उसका वेरिफिकेशन होगा. फिर एक फॉर्म खुलेगा. कुछ सवाल होंगे. नाम, पता, किस काम से जाना है, कहां जाना है. ये सब आपको भरना होगा. कुछ ज़रूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे.

सारी जानकारी भरने के बाद जब आप फॉर्म जमा कर देंगे, तब वेबसाइट से जुड़े सरकारी अधिकारी आपका आवेदन देखेंगे. उसी के आधार पर फैसला होगा कि आपको पास दिया जाए या नहीं. ई-पास बनने पर आपको फोन पर मैसेज आएगा. फिर आप जहां भी जाएं, ई-पास अपने साथ रखना होगा. इसके अलावा आपका आवेदन किस स्टेज पर है, ये पता करने के लिए भी वेबसाइट पर ‘ट्रैक एप्लीकेशन’ वाला ऑप्शन है, वहां आप पता कर सकते हैं.

कितनों को वेबसाइट से पास मिला?

खबर लिखे जाने तक करीब 33 लाख 57 हज़ार लोगों ने आवेदन किया था. 11 लाख 69 हज़ार लोगों को पास दिया जा चुका है. 9 लाख 99 हज़ार लोगों के आवेदन प्रोसेस में हैं. करीब 11 लाख, 88 हज़ार लोगों के आवेदन को रिजेक्ट किया जा चुका है.


वीडियो देखें: लॉकडाउन 4.0 में ऑफिस तो खुल गए हैं, पर दफ्तर जाने के क्या नियम हैं?

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