Submit your post

Follow Us

तमिलनाडु में चावल के दानों से 3200 साल पुरानी सभ्यता का पता कैसे चला?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार, 9 सितंबर को राज्य में 3,200 वर्ष पुरानी सभ्यता की ओर इशारा करने वाले एक अध्ययन को विधानसभा में पेश किया. CM ने इस मौके पर घोषणा की कि तमिल सांस्कृतिक जड़ों का पता लगाने के लिए राज्य पुरातत्व विभाग उचित अनुमति प्राप्त करने के बाद इंडोनेशिया जैसे देशों और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में उत्खनन करेगा.

स्टालिन ने पुरातत्व विभाग द्वारा किए गए उत्खनन के प्रमुख निष्कर्षों को जारी करते हुए कहा कि दक्षिणी तमिलनाडु के शिवकलाई क्षेत्र में एक कलश के अंदर मिट्टी/भूसी के साथ मिले चावल को एएमएस (एक्सेलरेटर मास स्पेक्ट्रोमेट्री) कार्बन डेटिंग के लिए अमेरिका के फ्लोरिडा में मियामी स्थित बीटा एनलिटिकल लेबोरेटरी भेजा गया था.

उन्होंने कहा,

हाल ही में, हमें जांच परिणाम मिले हैं, मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि चावल के नमूनों की तारीख 1,155 ईसा पूर्व की है और इसलिए, तमिराबरनी नदी सभ्यता (दक्षिणी तमिलनाडु में तिरुनेलवेली क्षेत्र) 3,200 वर्ष पुरानी है और यह वैज्ञानिक रूप से मान्य है. 

उन्होंने कहा,

तमिल सांस्कृतिक जड़ों का पता लगाने के लिए तमिलनाडु का पुरातत्व विभाग, उपयुक्त प्राधिकारियों से अनुमति प्राप्त करने के बाद ‘भारतीय उपमहाद्वीप और विदेशों में अध्ययन / उत्खनन करेगा जहां तमिलों ने एक छाप छोड़ी

इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि तिरुनेल्वेलि जिले में एक म्यूज़ियम बनाया जाएगा. इस म्यूज़ियम को बनाने के लिए सरकार 15 करोड़ रुपए खर्च करेगी.

तमिलनाडु की तमिराबरनी सभ्यता

2013 में पहली बार भारतीय पुरातत्व विभाग ने तमिलनाडु की वैगई नदी के किनारे बसे कुछ शहरों में एक सर्वे किया था. सर्वे उन शहरों में किया गया था, जहां अक्सर जमीन से खुदाई में कुछ ना कुछ निकलता रहता था. सर्वे के बाद एएसआई ने कुल 293 साइट्स को मार्क किया. इसमें से भी 90 से 100 ऐसी साइटें थी, जहां इंसानी बस्ती के साक्ष्य मिले थे. 2015 में इन 90 साइटों में से भी 3 साइटों को चुना गया, जहां खुदाई की शुरुआत की गई. अब तक 3 साइट में भी सिर्फ एक साइट में ढंग से खुदाई की गई है. ये साइट किलड़ी शहर में तमिराबरनी नदी के किनारे है. इस नदी का पुराना नाम पोनाई था. इसी नदी के नाम पर इस सभ्यता को तमिराबरनी सभ्यता का नाम दिया गया है. किलड़ी मदुरै से 12 किमी दूर सीवागंगई जिले में स्थित है. सभी साइटों में सबसे पहले खुदाई का काम किलड़ी में ही शुरू हुआ था इसलिए इस प्रोजेक्ट को किलड़ी एक्स्कवैशन के नाम से भी जानते हैं.

किलड़ी में 2015 से अब तक पुरातत्व विभाग को खुदाई करते हुए 6 सीजन हो गए हैं, जिनमें से पहले 3 सीजन का काम एएसआई ने किया था. इसके बाद एएसआई ने 30 सितंबर 2017 को इस प्रोजेक्ट पर काम बंद कर दिया था, जिसके बाद 2017 से अब तक तमिलनाडु पुरातत्व विभाग ने काम करना शुरू किया. शुरुआत में किलड़ी में खुदाई का काम शुरू किया गया था, बाद में थूथूकुड़ी और टूटिकोरीन जिलों की कई साइटों पर खुदाई शुरू की गई. 

Archaeological Excavation At Adichanallur Thoothukudi District(1) 0
तमिलनाडु के थूथूकुडी जिले के अदिचनल्लूर में तमीराबरणी सभ्यता की एक साइट पर खुदाई की तस्वीर, सोर्स: वेबसाईट, तमिलनाडु  पुरातत्व विभाग 

शुरुआती कलाकृतियां संगम युग की थीं

2016 में एएसआई ने दूसरे सीजन के अंत तक कुल 6 हजार कलाकृतियां जमीन से निकालीं. इन्हें कार्बन डेटिंग के लिए भेजा गया. टेस्ट के बाद आए नतीजे बताते हैं कि दूसरे सीजन में निकाली गईं कलाकृतियां संगम युग की हैं, जो कि 2200 साल पुराने हैं. जिस तरह से हम प्राचीन इतिहास में वैदिक काल को उत्तर भारत का स्वर्णिम युग मानते हैं, उसी तरह से दक्षिण भारत का गोल्डन एरा संगम काल को कहा जाता है. इतिहासकारों की माने तो संगम काल का दौर 300 साल ईसा पूर्व से शुरू होकर तीसरी शताब्दी तक था. एएसआई की दूसरे और तीसरे सीजन की खुदाई में मिले सामान संगम युग के थे.

3200 साल पुरानी है तमिराबरनी सभ्यता

2017 में एएसआई के प्रोजेक्ट बंद करने के बाद, तमिलनाडु सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर आगे काम करने की जिम्मेदारी उठाई. 2017 से तमिलनाडु पुरातत्व विभाग ने किलड़ी में खुदाई शुरू की. जिसके बाद से चौथे और पांचवें सीजन में 5820 कलाकृतियां खुदाई कर निकाली गईं. इनमें से 4 कलाकृतियों का एक सैंपल अमेरिका के मियामी शहर में स्थित बीटा लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा गया. इन चार कलाकृतियों में से एक को तो जमीन के अंदर साढ़े तीन मीटर की गहराई से निकाला गया और कार्बन डेटिंग के बाद पता चला कि ये 580 ईसा पूर्व की है, यानी 2600 साल पुरानी.

इस रिजल्ट के बाद तमिलनाडु पुरातत्व विभाग को छठे सीजन की खुदाई में तिरुनेल्वेलि जिले के सिवकलई में एक मटके में भूसे के साथ चावल मिला. इस सैंपल को भी मियामी की बीटा लैब में जांच के लिए भेजा गया. कार्बन डेटिंग करने के बाद बीटा लैब ने पुष्टि की कि ये चावल का दाना 1155 ईसा पूर्व का है, मतलब कि 3200 साल पुराना. हालांकि अभी तक खुदाई चालू है लेकिन इस एक खोज ने ये पक्का कर दिया कि तमिराबरनी सभ्यता 3200 साल पुरानी है. किलड़ी और सिवकलई के अलावा अदिचनल्लूर में भी तमिलनाडु पुरातत्व विभाग खुदाई कर रहा है.

मुख्यमंत्री ने की म्यूज़ियम बनाने की घोषणा

इस सफलता के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में ये घोषणा की कि 2017 से अब तक खुदाई करते हुए हजारों कलाकृतियां निकली हैं. ये सभी तमिल लोगों के गौरवशाली इतिहास के सुबूत हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए संभाल कर रखना होगा. इसलिए सरकार तिरुनेल्वेली में एक म्यूज़ियम बनाएगी, जहां खुदाई में निकाली गई सभी कलाकृतियों को रखा जाएगा. म्यूज़ियम के लिए तमिलनाडु सरकार 15 करोड़ रुपए खर्च करेगी.

विदेशों में भी कराई जाएगी रिसर्च

मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि –

ये तो सब जानते हैं कि तमिल लोग रोम, मिस्र और अरब देशों से व्यापार करते थे. यही नहीं मशहूर चोल राजा राजेन्द्र चोल का साम्राज्य दक्षिण एशिया के थाइलैंड, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे कई देशों तक फैला था. इसलिए इन देशों में भी तमिलनाडु पुरातत्व विभाग रिसर्च करेगा और तमिल इतिहास को और जानने के कोशिश करेगा. इसके लिए उन सभी देशों की आर्कियोलोजी विभागों से तमिल सरकार बात करेगी. हर बात को वैज्ञानिक तरीकों से सभीत किया जाएगा.

स्टालिन ने ये भी कहा कि तमिल इतिहास की जड़ों को जानने के लिए उनकी सरकार केरल के पट्टनम में भी खुदाई करेगी. संगम काल में पट्टनम को मुसीरी कहा जाता था. इसी तरह आंध्र प्रदेश के थलाइक्कडु और वेंकइ और उड़ीसा के पलूर में भी खुदाई का काम किया जाएगा.

(आपके लिए ये स्टोरी हमारे साथी आयूष ने लिखी है.)


राजस्थान के जालौर के होथि गांव का यह घर किसी म्यूजियम से कम नहीं

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

गोरखपुर कचहरी में युवक की हत्या करने वाले के बारे में पुलिस ने क्या बताया?

गोरखपुर कचहरी में युवक की हत्या करने वाले के बारे में पुलिस ने क्या बताया?

मृतक व्यक्ति पर नाबालिग से बलात्कार का आरोप था.

5जी नेटवर्क कैसे बन गया हवाई जहाज़ के लिए खतरा?

5जी नेटवर्क कैसे बन गया हवाई जहाज़ के लिए खतरा?

5G के रोल आउट को लेकर दिक्कतें चालू.

गाड़ी का इंश्योरेंस कराने वालों को दिल्ली हाई कोर्ट का ये आदेश जान लेना चाहिए

गाड़ी का इंश्योरेंस कराने वालों को दिल्ली हाई कोर्ट का ये आदेश जान लेना चाहिए

बीमा कंपनी गाड़ी चोरी या दुर्घटनाग्रस्त होने का बहाना बनाए तो ये आदेश दिखा देना.

राजस्थान पुलिस अलवर गैंगरेप की जांच सड़क हादसे के ऐंगल से क्यों कर रही है?

राजस्थान पुलिस अलवर गैंगरेप की जांच सड़क हादसे के ऐंगल से क्यों कर रही है?

दबी जुबान में क्या कह रही है पुलिस?

बजट में FD को लेकर बैंकों की ये बात मानी गई तो आप और सरकार दोनों की मौज आ जाएगी!

बजट में FD को लेकर बैंकों की ये बात मानी गई तो आप और सरकार दोनों की मौज आ जाएगी!

जानेंगे बैंक FD में क्यों घट रही है लोगों की दिलचस्पी.

कांग्रेस को मौलाना तौकीर रजा का समर्थन, BJP ने हिंदुओं को धमकाने वाला वीडियो शेयर कर दिया

कांग्रेस को मौलाना तौकीर रजा का समर्थन, BJP ने हिंदुओं को धमकाने वाला वीडियो शेयर कर दिया

तौकीर रजा कांग्रेस पर आरोप लगा चुके हैं कि उसने मुसलमानों पर आतंकी का टैग लगाया.

देवास-एंट्रिक्स डील क्या थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 'जहरीला फ्रॉड' कहा और मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़?

देवास-एंट्रिक्स डील क्या थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 'जहरीला फ्रॉड' कहा और मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़?

जानिए UPA के समय हुई इस डील ने कैसे देश को शर्मसार किया.

'तुझे यहीं पिटना है क्या', हेट स्पीच पर सवाल से पत्रकार पर बुरी तरह भड़के यति नरसिंहानंद

'तुझे यहीं पिटना है क्या', हेट स्पीच पर सवाल से पत्रकार पर बुरी तरह भड़के यति नरसिंहानंद

बीबीसी का आरोप, टीम के साथ नरसिंहानंद के समर्थकों ने गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की.

इंदौर: महिला का दावा, पति ने दोस्तों के साथ मिल गैंगरेप किया, प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागा

इंदौर: महिला का दावा, पति ने दोस्तों के साथ मिल गैंगरेप किया, प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागा

मुख्य आरोपी के साथ उसके दोस्तों को पुलिस ने पकड़ लिया है.

BJP और उत्तराखंड सरकार ने हरक सिंह रावत को अचानक क्यों निकाल दिया?

BJP और उत्तराखंड सरकार ने हरक सिंह रावत को अचानक क्यों निकाल दिया?

पार्टी के इस कदम से आहत हरक सिंह रावत मीडिया के सामने भावुक हो गए.