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बेकार खड़ी दर्जनों एम्बुलेंस की पोल खोलने वाले पूर्व MP पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव.मधेपुरा के पूर्व सांसद हैं. जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष हैं. अब बिहार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. उनके खिलाफ आमनौर थाने में FIR दर्ज की गई थी. आरोप है कि उन्होंने Covid 19 प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन किया. पप्पू यादव ने 7 मई को बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के आमनौर स्थित ऑफिस का वीडियो पोस्ट किया था. यहां बड़ी संख्या में एम्बुलेंस बेकार खड़े थे. पप्पू यादव ने ट्विटर के जरिए सवाल भी उठाया कि सांसद विकास निधि से खरीदे गए एम्बुलेंस इस तरह कैसे रखे गए हैं? इसे लेकर रूडी और पप्पू यादव के बीच ट्विटर पर विवाद भी हुआ था.

अपनी गिरफ्तारी की जानकारी पप्पू यादव ने खुद दी. पहले उन्होंने बताया कि उन्हें पटना के गांधी मैदान ले जाया गया है. उसके बाद उन्होंने एक भावुक ट्वीट किया,

क्या है एम्बुलेंस वाला पूरा मामला?

पप्पू यादव ने 7 मई को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें तमाम सारी गाड़ियां कवर से ढकी खड़ी हैं. कुछ लोग एक-एक करके गाड़ियों से कवर हटा रहे हैं तो इस पर क्या लिखा दिखता है – सांसद पंचायत एंबुलेंस सेवा, सारण (छपरा). पढ़कर मालूम होता है कि ये सरकारी निधि से आईं एंबुलेंस हैं. फिर महामारी के समय में इस तरह ढकी-मुंदी क्यों खड़ी हैं? वीडियो के साथ पप्पू यादव ने ट्वीट में लिखा –

इस वीडियो में पप्पू यादव भी दिख रहे हैं, और दिख रहे हैं उनके सहयोगी. माने खटारा पड़े एम्बुलेंस की पोल खोलने के लिए पप्पू यादव अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे थे. इसी को कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन मानते हुए अमनौर पुलिस ने उन पर केस दर्ज कर दिया.

अगले दिन यानी 8 मई को पप्पू यादव ने एक और ट्वीट किया. इसमें कुछ तस्वीरें थीं. DMCH दरभंगा के खेल मैदान बेंता ओपी के पास की. यहां भी कुछ एम्बुलेंस पड़े-पड़े खराब हो रहे थे. पप्पू यादव ने दावा किया कि 32-32 लाख में खरीदी गई एम्बुलेंस का ऐसा हाल हो रहा है, वो भी तब जब देश एक महामारी से जूझ रहा है और कई लोगों को एम्बुलेंस नहीं मिल पा रहा है.

इस ट्वीट का जवाब कीर्ति आज़ाद ने भी दिया. उन्होंने लिखा,

“धन्यवाद पप्पू यादव जी, आपने इस विषय को उठाया. जब राज्य सरकार को अनेकों विनती की और असफल रहे, तो केंद्र सरकार से लड़ कर चलने का फंडिंग करवाया. उपयोगिता प्रमाण पत्र के अभाव में कुछ महीने चलने के बाद बंद हो गया. हमने ड्राइवर, डॉक्टर, नर्स इत्यादि सब की व्यवस्था करवा दी थी.”

राजीव प्रताप रूडी ने दे दिया ड्राइवर ढूंढने का चैलेंज

पप्पू यादव के खुलासे के बाद राजीव प्रताप रूडी ने जवाब दिया कि ड्राइवरों की कमी की वजह से इन एम्बुलेंस का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. 6 मई को लिखी अपनी एक चिट्ठी की कॉपी उन्होंने जारी की. इस चिट्ठी में लिखा था,

“सांसद पंचायत एंबुलेंस सेवा के तहत 50 से अधिक एंबुलेंस सांसद निधि से खरीदी गई थीं. इनमें से कई एंबुलेंस का चालक के अभाव में संचालन नहीं हो पा रहा है. यह मूलतः कोविड का प्रभाव है.”

Rudy Letter
रूडी की चिट्ठी.

चिट्ठी में ये भी लिखा है कि जिले के सरकारी चालकों की लिस्ट बनाकर उन्हें ये एंबुलेंस चलाने के काम में लगाया जाए. रूडी ने यही चिट्ठी जारी करते हुए कहा कि वे पहले ही इन एंबुलेंस की बात प्रशासन की नज़र में ला चुके हैं, लेकिन ड्राइवर न मिलने के कारण एंबुलेंस खड़ी रह गईं. उन्होंने कहा कि पप्पू यादव इस मामले में राजनीति कर रहे हैं और अगर उनके पास ड्राइवर हों तो एंबुलेंस ले जाएं.

और पप्पू यादव ने फिर पलटवार किया

पप्पू यादव ने राजीव प्रताप रूडी की चुनौती स्वीकर करते हुए ट्वीट किया,

“आपको ड्राइवर नहीं मिल रहा है तो सारण, पटना जहां चलाना चाहते हैं, सभी एंबुलेंस उपलब्ध कराएं. मैं 70 ड्राइवर देता हूं. कोरोना मरीज को मुफ्त सेवा दी जाएगी. घटिया राजनीति नहीं करता. सेवा और जिंदगी बचाने को लड़ रहा हूं.”

पप्पू यादव ने इसके बाद एक और ट्वीट किया. लिखा कि जब रूडी केंद्र में कौशल विकास मंत्री थे तो 17 अक्टूबर 2016 को छपरा में केंद्रीय मंत्री गडकरी और BJP नेता सुशील मोदी से PM कौशल विकास योजना के तहत चालक प्रशिक्षण संस्था का उद्घाटन करवाया था. पप्पू यादव ने सवाल उठाए कि क्या वहां 5 साल में 70 ड्राइवर भी नहीं ट्रेंड हुए, जो एंबुलेंस चला सकें?

इसके बाद 8 मई की दोपहर को पप्पू यादव ने ट्वीट किया कि ड्राइवर तैयार हैं. राजीव प्रताप रूडी से कहा कि वो बताएं कि एम्बुलेंस कब और कहां सौंपने वाले हैं.

इसका जवाब राजीव प्रताप रूडी ने तो नहीं दिया, पर बिहार पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार ज़रूर कर लिया.


 

राजीव प्रताप रूडी के बाद पप्पू यादव ने एम्बुलेंस को लेकर अब किस पर सवाल उठाए?

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