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BJP विधायक ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए थे, लेकिन SHO कुछ और ही कह रहे हैं

सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है. एक विधायक जी हल्के केसरी रंग के कुर्ते में दिख रहे हैं. और बड़े गुस्से में हैं. चिल्ला रहे हैं. कह रहे हैं कि तीन दरोगाओं ने मिलकर उन्हें पीटा, उनके कपड़े फाड़ दिए. जो व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था, उसने विधायक जी से पूछा कि क्या उन्होंने भी पुलिस से मारपीट की? जवाब में विधायक जी ने कहा, ‘हम तो बात करने के लिए आए थे. हमने नहीं मारा. उन्होंने ही हमें मारा है.”

जर्नलिस्ट बृजेश मिश्रा ने इसे ट्वीट किया-

कहां का वीडियो है? विधायक कौन हैं? क्या आरोप हैं? एक-एक करके बताते हैं.

दरअसल, विधायक जी का नाम है राजकुमार सहयोगी. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले के तहत आने वाले इगलास क्षेत्र के विधायक हैं. बीजेपी से हैं. दस दिन पहले हुई घटना के मामले में 12 अगस्त को अलीगढ़ के गोंडा पुलिस थाने गए थे. वहीं से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया.

फिर क्या हुआ?

वीडियो वायरल हुआ. मुद्दा बढ़ा. सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया. फिर सीएम की तरफ से यूपी के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) एच.सी. अवस्थी को ‘तुरंत एक्शन’ लेने के निर्देश दिए गए. गोंडा थाना के SHO (थानाध्यक्ष) अनुज कुमार को निलंबित कर दिया गया. अलीगढ़ ग्रामीण एरिया के ASP का ट्रांसफर कर दिया गया. वहीं अलीगढ़ रेंज के IG (इंस्पेक्टर जनरल) दीपक रतन को इस पर जांच करने के आदेश दिए गए. ये सारी जानकारी सीएम योगी ने ही ट्वीट करके दी.

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ से बीजेपी सांसद सतीश गौतम का कहना है कि SHO को अब पूरी सर्विस के दौरान कोई पोस्टिंग नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा,

“जीवन में चार्ज नहीं मिलेगा. विभागीय कार्रवाई होगी. वर्दी तो पहनेगा, लेकिन चार्ज नहीं मिलेगा. ये उसकी बुक में लिखा जाएगा.”

पुलिस का क्या कहना है?

इगलास एरिया के सर्किल ऑफिसर (CO) परशुराम सिंह ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बात की. बताया कि SHO का ये कहना है कि विधायक ने पहले पुलिसवालों के साथ बुरा बर्ताव किया था, जब उनका विरोध किया गया, तो उन्होंने SHO को झापड़ मारा और अपशब्द कहे.

इसके अलावा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. जहां विधायक राजकुमार सहयोगी कुछ पुलिस अधिकारियों के सामने बैठे दिख रहे हैं. एक पुलिस अधिकारी उनसे पूछ रहा है कि उन्होंने थाने में घुसकर पुलिस को क्यों पीटा, तो विधायक इस आरोप का खंडन तो नहीं कर रहे हैं, कह रहे हैं कि पुलिस ने पहले बदतमीजी की.

किस मामले की वजह से थाने गए थे विधायक?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलीगढ़ में 2 अगस्त के दिन दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी. इसमें ABVP के एक वर्कर रोहित वार्शनेय का नाम सामने आया था. ABVP के अलीगढ़ ज़िला प्रेसिडेंट मुकेश लोधी का कहना है कि झड़प में रोहित घायल हुआ था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, फिर भी पुलिस ने उसके खिलाफ क्रॉस-FIR दर्ज की. आगे कहा,

“दूसरी तरफ रोहित ने जो FIR दर्ज कराई थी, उस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया. इसके बाद विधायक जी इसी मुद्दे पर बात करने के लिए थाने गए थे, जहां उनके साथ बदतमीजी की गई.”

इस पर अलीगढ़ के CO का कहना है कि घटना वाले दिन ही एक समुदाय की शिकायत FIR दर्ज कर ली गई थी, उसके बाद अगले दिन यानी 3 अगस्त को अगले समुदाय की शिकायत पर क्रॉस-FIR दर्ज की गई थी.

तो अब विधायक वाले मामले में क्या होगा?

पुलिस का कहना है कि MLA और SHO दोनों ने अपनी बातें रखी हैं और जांच में दोनों दावों की पड़ताल की जाएगी.


वीडियो देखें: बागपत: BJP के पूर्व जिलाध्यक्ष को उन्हीं के खेत में बदमाशों ने गोलियां मारीं

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