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क्या आगरा के पारस अस्पताल में मॉक ड्रिल के नाम पर 22 कोरोना मरीजों को सचमुच मार दिया गया?

आगरा के श्री पारस हॉस्पिटल के संचालक के कथित वीडियो वायरल होने से बवाल मच गया है. वीडियो में अस्पताल संचालक डॉ. अरिंजय जैन कहते सुनाई देते हैं कि मरीजों की छंटनी के लिए 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे मॉक ड्रिल की गई थी. ड्रिल के तौर पर कोरोना संक्रमित मरीजों की ऑक्सीजन सप्लाई को भी बाधित किया गया. 5 मिनट ऑक्सीजन रोकने से 22 मरीज ‘छंट’ गए. खबरें चलने लगीं कि अस्पताल की मॉक ड्रिल के कारण 22 मरीजों की मौत हो गई. मामला गरमाया तो आगरा के डीएम और सीएमओ ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही. 8 जून को आगरा के डीएम ने श्री पारस हॉस्पिटल का मुआयना किया, और अस्पताल को सीज करने के आदेश दे दिए.

क्या है वायरल वीडियो में?

श्री पारस हॉस्पिटल के संचालक अरिंजय जैन की आवाज़ वाले 4 वीडियो वायरल हैं. इनमें डॉक्टर अरिंजय का चेहरा तो नहीं दिख रहा, लेकिन उनकी आवाज़ सुनाई दे रही है. कुछ लोग उनसे दोस्ताना लहजे में बातें कर रहे हैं. डॉक्टर किस्सा सुना रहे हैं. इस बातचीत के दो वीडियो काफी सनसनीखेज़ है. इनमें वह ये दावा करते सुने जा सकते हैं कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से मरीजों को छांटने के लिए मॉक ड्रिल की गई थी. उस वक्त अस्पताल में 96 कोरोना मरीज भर्ती थे. इनमें से 74 बचे. ये 26 अप्रैल 2021 का दिन था. तब आगरा में कोरोना संक्रमण का पीक चल रहा था. हालांकि उस दिन हॉस्पिटल में ऑफिशियली सिर्फ 3 लोगों की मौत दिखाई गई है.

पहले वीडियो में डॉक्टर अरिंजय कह रहे हैं कि-

मॉक ड्रिल सुबह 7 बजे की. सुन्न कर दिए 22 मरीज. छंट गए 22 मरीज. नीले पड़ने लगे. छटपटाने लगे थे. तुरंत खोल दिए.

तभी दूसरा शख्स पूछता है- कितने देर की मॉक ड्रिल थी?

डॉक्टर – 5 मिनट की.

दूसरा आदमी – 5 मिनट में 22 गए?

डॉक्टर – 96 में से 74 बचे. उनके तीमारदारों से हमने कहा कि अपना-अपना सिलेंडर लेकर आओ. यह सबसे बड़ा प्रयोग रहा.

दूसरे वीडियो में डॉक्टर अरिंजय बोले-

‘इसके बाद फैसला हो गया कि कोई कहीं नहीं जाएगा. हमने कहा, इतना बड़ा कांड हो गया. लास्ट ईयर कांड तो कुछ भी नहीं था. अब लिखा जाएगा कि पारस में 96 मरीजों की मौत.

दूसरे शख्स ने कहा- मौत का मंजर देखने को मिलेगा.

डॉक्टर: अब तो हो गया खेल खत्म. अब कैरियर भी खत्म. 304 लिखवाएंगे पत्रकार, मानेंगे नहीं. जेल भी होगी. आखिरी रात है.

एक शख्स बोला: आप तो डिप्रेशन में आ गए होंगे?

डॉक्टर: क्या करते. फिर मैंने ऑक्सीजन का ग्रुप पकड़ा. उस पर एक बड़ा पत्र डाला. अपनी मजबूरी लिखी. मैंने पत्र डाला कि ऑक्सीजन खत्म हो गई है. त्यागी वेंडर्स आदि से मदद मांगी. कुछ लोगों का रिप्लाई आया. एक ने 5 सिलेंडर देने की बात कही. मैंने कहा, इससे क्या होगा. दो लाख, पांच लाख, दस लाख की गाड़ी ले लो, लेकिन सिलेंडर दे दो. कहीं से भी दिलवाओ. जिंदगी बचानी थी, कैरियर बचाना था. मैंने कहा, सोने का भाव लगा दो, टैंकर खड़ा करो. कैसे भी खड़ा करो. मुख्यमंत्री भी सिलेंडर नहीं दिलवा सकता था.’

इन दोनों वायरल वीडियो में आप यह बातचीत सुन सकते हैं.

अस्पताल संचालक ने क्या सफाई दी?

डॉ. अरिंजय जैन ने आजतक से बातचीत में माना कि वीडियो में आ रही आवाज उनकी ही है. लेकिन उनका आशय किसी की मौत से नहीं था. डॉ अरिंजय ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने आपातकाल से निपटने के लिए मरीजों को कैटिगराइज करने की बात कही थी. 22 मरीजों को कैटिगराइज करने का मामला था. इसके लिए मॉक ड्रिल करवाने की बात कही थी. किसी इमरजेंसी से निपटने के लिए स्टाफ को निर्देशित किया जा रहा था. डॉ. अरिंजय जैन का कहना है कि किसी भी मरीज की ऑक्सीजन तो हटाई ही नहीं जा सकती है. ना ही इस बात को कभी सोचा जा सकता है.

DM ने अस्पताल को सीज़ करने के आदेश दिए

वायरल वीडियो सामने आने के बाद आगरा के डीएम पी.एन. सिंह ने कहा कि उस दिन सिर्फ 3 मौतें हुई थीं. लेकिन आगे जांच की बात भी कही. उन्होंने कहा,

26 और 27 को ऑक्सीजन की कमी हुई थी. हमने शासन द्वारा और आगरा में सिकन्दरा प्लांट और अन्य ऑक्सीजन प्लांट के दम पर ऑक्सीजन की व्यवस्था करवाई थी. बाद में एयरफोर्स की मदद से और खराब पड़े खन्दौली प्लांट की मरम्मत के बाद हमने हालात पर काबू पा लिया था.

पारस (अस्पताल) में भी ऑक्सीजन की लगातार सप्लाई की गई. जिस दिन का यह वीडियो बताया जा रहा है, उस दिन सिर्फ 3 मौतें पारस में हुई हैं. वहां आईसीयू में बेड खाली थे, फिर भी वीडियो की जांच के बाद आगे जो होगा, कार्रवाई की जाएगी.

इसके बाद, डीएम आगरा ने मौके पर जाकर करीब 2 घंटे जांच की. इसके बाद हॉस्पिटल सीज़ करने के आदेश जारी कर दिए. श्री पारस हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अरिंजय जैन के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा कायम कराने के निर्देश दिए. यह मुकदमा डॉक्टर पर वीडियो में मोदीनगर में ऑक्सीजन खत्म होने की भ्रामक बात कहने के लिए दर्ज होगा. अभी आगरा के पारस हॉस्पिटल में 55 मरीज भर्ती हैं. उन मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया गया है. इस काम में सीएमओ आगरा को लगाया गया है. सीएमओ डॉक्टर आरसी पांडे ने भी वीडियोज़ का संज्ञान लेते हुए जांच कमेटी बना दी है.

बता दें कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान भी श्री पारस हॉस्पिटल खासी चर्चा में रहा था. अस्पताल पर महामारी फैलाने का आरोप लगा था. डॉक्टरों और मैनेजर के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज हुआ था. अब इन वीडियोज़ के सामने आने के बाद देखने वाली बात यह होगी कि पूरे मामले की सच्चाई कब सामने आती है.


वीडियो – आगरा: ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए गिड़गिड़ाते आदमी पर आगरा पुलिस की पोल IAS अधिकारी ने खोल दी

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