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आगरा में टिकट को लेकर बीजेपी विधायक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के समर्थक आपस में भिड़े, जमकर पत्थरबाजी

यूपी के आगरा जिले का बाह विधानसभा क्षेत्र, मंगलवार 07 दिसंबर को जंग का मैदान बन गया. इस जंग में खास बात यह थी कि इसमें दोनों ओर भाजपा के ही नेता और समर्थक थे. बीच सड़क पर ही जमकर पत्थरबाजी हुई, गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए. हालांकि, गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ.

आजतक के रिपोर्टर अरविंद शर्मा के मुताबिक आगरा की बाह विधानसभा सीट से इस समय पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह की पत्नी पक्षालिका सिंह विधायक हैं. बाह से ही 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुग्रीव सिंह चौहान भी टिकट के प्रयास में लगे हुए हैं. इसे लेकर काफी समय से अरिदमन सिंह और सुग्रीव सिंह के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है. बीते मंगलवार को दोनों के समर्थक आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव हुआ. इस उपद्रव में आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों के शीशे टूट गए. मौके पर पहुंचे भारी पुलिस बल ने हालात को जैसे-तैसे नियंत्रित किया.

क्या हुआ था?

अरविंद शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को बाह विधानसभा क्षेत्र में राजा अरिदमन सिंह अपनी विधायक पत्नी के साथ जन-जागरण रैली निकाल रहे थे. रैली विरोधियों को राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए ही निकाली जा रही थी. बताते हैं कि जब यह रैली पिनाहट कस्बे के नंदगवा चौराहे पर पहुंची, तो अरिदमन सिंह और सुग्रीव सिंह के समर्थक आमने-सामने आ गए. दोनों गुटों में पहले गाली गलौज हुई और फिर पथराव शुरू हो गया. पथराव होते ही बाजार में भगदड़ मच गई.

सूचना मिलते ही तत्काल एसपी सिटी विकास कुमार कई थानों की फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला. इसके बाद विकास कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अब मामला शांत है, पुलिस घटना की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है. उपद्रव की गंभीरता को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

एक समय अरिदमन सिंह और सुग्रीव सिंह बेहद करीबी थे

एक दौर में पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुग्रीव सिंह चौहान पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह के बेहद करीबी थे. लेकिन अब सियासी दांव-पेंच के बीच दोनों के बीच दुश्मनी हो गई है. अरिदमन सिंह बाह सीट से 6 बार विधायक रहे, 2017 में उन्होंने बाह से अपनी पत्नी पक्षालिका सिंह को चुनाव मैदान में उतारा. वे यूपी में राजनाथ सिंह के मंत्रिमंडल में पहली बार मंत्री बने थे. इसके बाद समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और सपा सरकार में  कैबिनेट मंत्री का पद मिला.

हालांकि, बीजेपी नेताओं से नजदीकियों के कारण सीएम अखिलेश यादव ने अरिदमन को मंत्रिमंडल से हटा दिया था. इसके बाद विधानसभा चुनाव के ठीक पहले यानी साल 2017 में उन्होंने अपनी पत्नी पक्षालिका सिंह के साथ दोबारा भाजपा का दामन थाम लिया.


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