अगर आप छींक रोकते हैं, तो खैर मनाइए अभी तक जिंदा हैं
छींक रोकना जानलेवा भी हो सकता है
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सर्दी-खांसी होना बहुत आम है. मौसम बदला नहीं कि नाक पनीली महसूस होने लगती है. फिर छींकते-छींकते जान आफत में आ जाती है. कई बार आप जब लोगों के बीच होते हैं, तो नाक दबाकर और मुंह बंद करके छींक रोक लेते हैं. ज्यादा तमीजदार बनने के चक्कर में. अगर आपको भी ऐसा करने की आदत है, तो छोड़ दीजिए. ये आदत आपको बहुत भारी पड़ सकती है. जैसे एक 34 साल के आदमी के साथ हुआ. उसे छींक आ रही थी. इसे रोकने के लिए उसने नाक पकड़ी और मुंह बंद कर लिया. छींक को बाहर निकलने की जगह नहीं मिली. इससे गले के पीछे की ओर जोर पड़ा और वहां छेद हो गया.
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