मेंस क्रिकेट टीम को अपने एशियन गेम्स कैंपेन की शुरुआत 28 सितंबर से करनी है. उन्हें सीधा क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलना है. आइची नागोया में होने वाले इन गेम्स के लिए इंडियन मेंस क्रिकेट टीम 20 सितंबर को जापान रवाना होगी. लेकिन, खबर है कि उन्हें अब तक सही साइज की जर्सी का इंतजार है.
एशियन गेम्स : जापान रवाना होना है, मेंस क्रिकेट टीम को सही किट ही नहीं मिली!
Asian Games 2026 : टीम इंडिया को 20 सितंबर को जापान रवाना होना है. हालांकि, 19 सितंबर तक उन्हें सही किट ही नहीं मिला है. 22 सितंबर को उन्हें जापान से एक T20I मैच खेलना है. इसके बाद, 28 सितंबर को गोल्ड मेडल की रक्षा करने के लिए क्वार्टर फाइनल में उतरना है.

एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेयर्स की जर्सी को लेकर BCCI और IOA की किट स्पॉन्सर JSW इंस्पायर से बातचीत हो गई है. श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम 20 सितंबर के तड़के नई दिल्ली से रवाना होगी. दरअसल, टीम को 22 सितंबर को होस्ट जापान के खिलाफ एक T20I मैच खेलना है. इसमें वो अपनी रेगुलर जर्सी पहनेंगे. लेकिन, इसके बाद 28 सितंबर से उन्हें एशियन गेम्स के लिए बनी ऑफिशियल किट ही पहननी है.
रिपोर्ट के मुताबिक, IOA के एक सूत्र ने बताया,
क्रिकेटरों की किट के साइज में कुछ प्रॉब्लम थी. हालांकि, इसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है. कुछ किट्स बची हैं. उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा. टीम को दो जर्सी की जरूरत है. एक बाइलैटरल मैच के लिए. दूसरी एशियन गेम्स के लिए. शायद इसी कारण ऐसा हुआ हो.
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BCCI ने खुद बुक कराया होटलवहीं, इंडियन मेंस क्रिकेट टीम के लिए नागोया में BCCI ने खुद से होटल अरेंज करने का फैसला किया है. वहां अन्य एथलीट्स को घर मिलने में काफी परेशानी हो रही है. हालांकि, विमेंस टीम IOA की ओर से उपलब्ध कराए गए घर में ही रह रही है. इसे लेकर रिपोर्ट में बताया गया है कि विमेंस टीम को कोई समस्या नहीं आई.
हालांकि, आयोजकों ने मेंस टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए थे, वहां किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी. वहां ज़्यादा बड़े होटल नहीं हैं. इसी कारण, BCCI ने अपने स्तर पर अरेंजमेंट कर ली है.
दरअसल, एशियन गेम्स में इस बार प्लेयर्स के आवास को लेकर बहुत परेशानी हुई है. आइची नागोया में कोई खेल गांव नहीं बनाया गया है. इसकी जगह एथलीट्स को क्रूज शिप्स, कंटेनर्स और होटलों में ठहराया जा रहा है. भारतीय खेल मंत्रालय में इस संबंध में वहां मौजूद लोकल भारतीयों से मदद भी मांगी है.
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