FIFA World Cup 2026 के राउंड ऑफ 16 मैच में अर्जेंटीना ने इजिप्ट को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी सीट बुक की. मैच के पहले हाफ में इजिप्ट का जलवा था. लेकिन दूसरे हाफ में अर्जेंटीना ने कमबैक कर मैच अपने नाम किया. इस थ्रिलर के बाद एक विवाद खड़ा हो गया. इजिप्ट की टीम और उनके कोच ने रेफरी और VAR के फैसलों को लेकर कई आरोप लगाए. जिस पर FIFA के रेफरी चीफ का जवाब आया है. उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, और कहा कि रेफरी किसी के दबाव में नहीं हैं.
‘रेफरी किसी के प्रेशर में नहीं…’, इजिप्ट के आरोपों पर FIFA रेफरी चीफ ने लताड़ दिया
Pierluigi Collina ने माना कि इतने सारे मैच शॉर्ट टाइम में होने से कुछ गलतियां हो सकती हैं, लेकिन रेफरी अगले मैच के लिए और मेहनत करते हैं. उन्होंने कहा कि कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म ठीक है, लेकिन बिना सबूत के आरोप नहीं चलेंगे.


मैच में एक वक्त इजिप्ट 2-0 से आगे चल रहा था. आखिरी 11 मिनटों में अर्जेंटीना ने कमाल का कमबैक किया. एंजो फर्नांडेज के स्टॉपेज टाइम गोल से टीम 3-2 से मैच जीत गई. मेसी ने भी एक गोल मारा. इजिप्ट हार गया, लेकिन उन्होंने दावा किया कि उनके साथ धोखा हुआ है.
आरोप क्या थे?इजिप्ट के कोच होसाम हसन ने मैच के बाद कहा कि रेफरी पर प्रेशर था, ताकि अर्जेंटीना को टूर्नामेंट में बनाए रखा जाए. उन्होंने कहा कि उनकी टीम को क्वार्टरफाइनल में जाने से "चीट किया" गया. इजिप्ट फुटबॉल एसोसिएशन ने भी VAR के इस्तेमाल की आलोचना की.

इजिप्ट की टीम खासकर दो फैसलों पर रेफरी को घेर रही थी. मोस्तफा जिको का गोल, जिसे कैंसिल कर दिया गया था. दूसरे हाफ में जिको ने गोल किया था, लेकिन VAR ने इसे ऑफसाइड या फाउल बताकर रद्द कर दिया. इजिप्ट का दावा था कि बिल्ड-अप में कोई फाउल ही नहीं था.
इसके अलावा मोहम्मद सलाह के एक टैकल पर भी टीम ने आपत्ति जताई. अर्जेंटीना के विनिंग गोल से ठीक पहले सलाह पर एक टैकल हुआ, लेकिन रेफरी ने पेनल्टी नहीं दी. इजिप्ट को लगा कि ये फाउल था.

इन फैसलों के कारण इजिप्ट ने रेफरी फ्रेंकोइस लेटेक्सियर और VAR सिस्टम पर सवाल उठाए. जिसके बाद FIFA रेफरी चीफ का इस पर जवाब आया.
FIFA को दिए एक इंटरव्यू में रेफरी चीफ पियरलुईजी कोलिना ने कहा,
"हम किसी के भी प्रेशर में नहीं हैं. यहां तक कि FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो भी हम पर कोई दबाव नहीं डाल सकते. रेफरी ईमानदारी से फैसले लेते हैं. प्लेयर्स और कोच की तरह वो भी अपना बेस्ट देते हैं."
पियरलुईजी ने इजिप्ट के आरोपों पर आगे कहा,
"बिना आधार के आरोप लगाना फुटबॉल के लिए ठीक नहीं. इससे रेफरी और उनके परिवारों को खतरे हो सकते हैं."
कोलिना ने माना कि इतने सारे मैच शॉर्ट टाइम में होने से कुछ गलतियां हो सकती हैं, लेकिन रेफरी अगले मैच के लिए और मेहनत करते हैं. उन्होंने कहा कि कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म ठीक है, लेकिन बिना सबूत के आरोप नहीं चलेंगे.
कोलिना ने स्पष्ट किया कि जिको के गोल में मारवान अटिया ने अर्जेंटीना के डिफेंडर मार्टिनेज पर फाउल किया था. VAR ने इसे सही तरीके से पकड़ा. उन्होंने कहा,
"फाउल तो फाउल होता है, चाहे वो कितना भी छोटा दिखे."
सलाह वाले मामले में रेफरी और VAR दोनों ने इसे "नॉर्मल फुटबॉल कॉन्टैक्ट" माना. उन्होंने कहा कि अगर डिफेंडर पहले बॉल टच करे और फिर नॉर्मल कॉन्टैक्ट हो तो फाउल नहीं होता.
कोलिना ने चेतावनी दी कि ऐसे आरोप रेफरियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. फुटबॉल में गलतियां होती हैं लेकिन रेफरी की नीयत पर सवाल उठाना गलत है.
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