लॉज एंजेलिस ओलंपिक से पहले रूस के खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिली है. इंटरनेशनल ओलंपिक एसोसिएशन ने रूस पर लगे बैन को हटा लिया है. इस कारण 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों में रूसी खिलाड़ियों के खेलने की राह आसान हो गई है.
IOC ने रूसी खिलाड़ियों पर से हटाया बैन, लॉस एंजेलिस ओलंपिक की राह हुई आसान
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था. इसके बाद IOC ने दुनिया की सभी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन से सिफारिश की थी कि वे रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों और अधिकारियों को प्रतियोगिताओं से बाहर रखें.


फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था. इसके बाद IOC ने दुनिया की सभी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन से सिफारिश की थी कि वे रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों और अधिकारियों को प्रतियोगिताओं से बाहर रखें. साल 2024 में हुए पेरिस ओलंपिक में इसका असर भी नजर आया. रूस के चुनिंदा खिलाड़ी ही पेरिस ओलंपिक खेल पाए हैं. जिन खिलाड़ियों को मौका मिला उन्हें भी रूस का प्रतिनिधित्व करने की इजाजत नहीं मिली. वह न्यूट्रल एथलीट के तौर पर खेले.
अक्टूबर 2023 में IOC ने रूस की ओलंपिक कमेटी को भी सस्पेंड कर दिया था. IOC ने आरोप लगाया था कि रूस की ओलंपिक एसोसिएशन ने यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों (डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज़्ज़िया) की खेल संस्थाओं को अपने अधिकार क्षेत्र में शामिल कर लिया था. IOC ने इसे ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन माना और बैन कर दिया.
हालांकि अब कमेटी इस बात से संतुष्ट है कि रूस की ओलंपिक एसोसिएशन इन जगहों पर सक्रिय नहीं है. IOC के एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने कहा कि वह उन इलाकों में ROC की गतिविधियों से जुड़ी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखना जारी रखेगा.
यह भी पढ़ें- अफगानी क्रिकेटर शापूर जादरान का निधन, इम्यून सिस्टम डिसऑर्डर से जंग हार गए
रूस को फिलहाल नहीं मिलेगी मेजबानीIOC ने यह भी कहा कि वह फिलहाल रूस में कोई इवेंट आयोजित नहीं करेगा और न ही रूसी अधिकारियों को अपने इवेंट्स में बुलाएगा. IOC ने आधिकारिक बयान में कहा, “रूस में इवेंट्स और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने, रूसी सरकार या सरकारी अधिकारियों को प्रतियोगिताओं में बुलाने, या रूसी झंडे, राष्ट्रगान, रंगों या किसी अन्य पहचान-चिह्न को दिखाने की इजाज़त फिलहाल नहीं दी गई है.”
यह फैसला IOC करेगा. साथ ही, यह फ़ैसला इस बात पर भी आधारित होना चाहिए कि क्या उनके नेशनल फ़ेडरेशन अच्छी स्थिति में हैं या नहीं.
रशियन एंटी-डोपिंग एजेंसी को लेकर भी स्थिति फिलहाल पूरी तरह चिंता मुक्त नहीं है. ऐसे में रूसी एथलीट्स को ग्लोबल प्रतियोगिताओं में फिर से हिस्सा लेने की इजाज़त मिलने से पहले इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी से कई बार टेस्ट करवाना होगा.
वीडियो: भारत में जन्मे निखिल चौधरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए खेलेंगे?
















