The Lallantop

विनोद कांबली के कमबैक वाले ऐड से बवाल! क्रिएटर्स को क्यों घेर रहे फैन्स?

पूर्व क्रिकेटर Vinod Kambli एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला एक ऐड से जुड़ा है. विनोद कांबली के करियर के संघर्ष को हाईलाइट करते हुए बनाया गया ये ऐड लोगों को बहुत पसंद नहीं आया है.

Advertisement
post-main-image
विनोद कांबली के पर्सनल लाइफ को यूज करने के लिए क्रिएटर्स की आलोचना हो रही है. (फोटो-Screengrab)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • दिनशॉ नाम के आईस्क्रीम ब्रांड ने विनोद कांबली के क्रिकेट करियर के संघर्ष को दर्शाता हुआ एक विज्ञापन जारी किया है जो कांबली का पिछले साल हेल्थ इश्यू के बाद पहला सार्वजनिक रूप से दिखावा है।
  • विनोद कांबली के जीवन में कई उतार-चढ़ाव और हेल्थ समस्याएं रही हैं, और इस विज्ञापन ने उनके निजी संघर्षों का उपयोग ब्रांड मार्केटिंग के लिए किया जिससे दर्शकों में विवाद उत्पन्न हुआ।
  • विज्ञापन पर आलोचना होने के बाद भी क्रिएटिव टीम ने दावा किया कि 95% दर्शकों ने इसे सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है और कांबली की सहजता को सराहा गया है।

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के अजीज मित्र विनोद कांबली (Vinod Kambli) फिर चर्चा में हैं. इस बार मामला उनके हेल्थ से जुड़ा नहीं है. मामला एक ऐड से जुड़ा है, जो क्रिकेट फैन्स को पसंद नहीं आया है. दरअसल, दिनशॉ नाम के एक आईस‍क्रीम ब्रांड ने विनोद कांबली के क्रिकेट करियर के संघर्ष को हाईलाइट करते हुए उन्हीें के साथ ये ऐड बनाया है.  

Advertisement

ये कमर्शि‍यल कांबली का पिछले साल हेल्थ खराब होने के बाद पहला पब्लिक अपीयरेंस है. ये उनकी लाइफ के संघर्ष और कमबैक को दर्शाने के लिए बनाया गया था. एक नॉस्टैल्जिक क्रिकेट बैकड्रॉप को दर्शाते हुए इस ऐड को बनाया गया है.

इसका थीम है, जिन्हें जिंदगी में कुछ कम मिला, वो थोड़ा ज्यादा पाना डिजर्व करते हैं. कुल मिलाकर कहानी ये बताई गई है कि इस आईसक्रीम कोन की चॉकलेट टिप थोड़ी बड़ी है. हालांकि, ये मैसेजिंग दर्शकों को पसंद नहीं आया है.

Advertisement
लोगों को पसंद नहीं आया ऐड

बहुत सारे यूजर्स ने कहा कि ऐड में कांबली के कॉम्प्लेक्स लाइफ को कमतर करके दिखाया गया है. उनका मानना था कि उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल सेटबैक को मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल किया गया है.

वहीं, सोशल मीडिया पर क्रिटिक्स का मानना था कि इस ऐड में एंपेथी (समानुभूति) की जगह सिंपेथी (सहानुभूति) का इस्तेमाल किया गया है. आलोचकों का मानना था कि एक प्रोडक्ट को बेचने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया है. क्रिकेट के संघर्ष को ब्रांड के रिवॉर्ड से जोड़ना किसी को सही नहीं लग रहा है.

ये भी पढ़ें : ‘भगवान ने AI चिप लगा के दी है!’, वैभव ने बैट पर सवाल उठाने वालों को दिया मजेदार जवाब

Advertisement

कांबली के जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए. शुरुआती सफलता के बाद कंट्रोवर्सीज, हेल्थ चैलेंजेज और फाइनेंश‍ियल समस्याएं. कई सालों से ये पब्लिक में है. ऐसे में इसे एक ऐड के जरिये ब्रांड के रिवॉर्ड से जोड़ना लोगों को पसंद नहीं आया है.

क्रिएटर्स ने किया बचाव

हालांकि, बैकलैश के बावजूद, क्रिएटर्स ने इस ऐड कैंपेन का बचाव किया है. क्रिएटिव लीड गंजुन गाबा के मुताबिक, रिस्पॉन्स काफी अच्छा आया है. उनके अनुसार, ज्यादातर व्यूअर्स को ये पसंद आया है. उन्होंने ये तक दावा किया कि इस मैसेज को काफी पसंद किया गया है.

गुंजब गाबा ने द प्र‍िंट को बताया,

कमर्शि‍यल के लिए हमें जैसा रिस्पॉन्स मिला वो उम्मीद से ज्यादा था. 95% लोगों ने कैंपेन को पसंद किया है. हां, हम लोकतंत्र में रहते हैं. लोगों की अपनी राय रखने का अध‍िकार है.  

उनके मुताबिक, कैंपेन को पसंद करने के पीछे कांबली ही हैं. लोगों ने सिंपल मोमेंट्स में खुशी ढूंढने की कांबली की क्षमता को बहुत पंसद किया है. हालांकि, ये डिबेट का विषय है क्योंकि ऐड सीधे तौर पर किसी प्लेयर के पर्सनल लाइफ को कमर्शि‍यल इस्तेमाल से जोड़कर दिखाती है. 

वीडियो: RCB ने दिल्ली को एक तरफ़ा हार दी, दोबारा ट्रॉफी जीतने के कितने करीब है?

Advertisement