पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद रिजवान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. लाहौर हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने ICC की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) से संपर्क किया है. उन्होंने यह जानने की कोशिश की है कि अगर किसी प्लेयर पर करप्शन में शामिल होने का शक हो, तो क्या प्रॉसेस अपनाई जाती है? रिजवान के खिलाफ अवैध सट्टेबाजी और गैंबलिंग वेबसाइट में शामिल होने को लेकर सरकारी जांच चल रही है.
सट्टेबाजी केस में नपेंगे मोहम्मद रिजवान? अब पूर्व कप्तान ने ICC का दरवाजा खटखटाया
Mohammad Rizwan ने ICC की एंटी करप्शन यूनिट से संपर्क किया है. उन्होंने ACU से संपर्क कर जानने की कोशिश की है कि किसी खिलाड़ी के करप्शन में शामिल होने पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है. एक दिन पहले ही रिजवान को लाहौर हाई कोर्ट से झटका लगा है.

मोहम्मद रिजवान ने यह कदम लाहौर हाई कोर्ट के 18 सितंबर को आए फैसले के बाद उठाया. दरअसल, 18 सितंबर को लाहौर हाई कोर्ट ने रिजवान की नेशनल साइबर क्राइम एजेंसी (NCCIA) के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी. उन्होंने हाई कोर्ट में NCCIA की नोटिस को चुनौती दी थी.
रिजवान ने 14 सितंबर को अपने वकीलों के साथ लाहौर हाई कोर्ट में एक रिट पिटिशन दाखिल की थी. इसमें उन्होंने कहा था कि NCCIA ने उन्हें यह नहीं बताया कि उनसे पूछताछ क्यों कर रही है? जब मामला अदालत पहुंचा, तो पता चला कि एजेंसी रिजवान के खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी और गैंबलिंग में उनकी भूमिका की जांच कर रही है.
इसी महीने इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दूसरा टेस्ट लॉर्ड्स में खेला गया था. इस मैच में इंग्लिश टीम ने पाकिस्तान को 195 रनों से हराया. टीम की करारी हार के बाद PCB ने एक्शन लिया. उसने पाकिस्तान के 7 प्लेयर्स को बीच सीरीज से पाकिस्तान वापस भेज दिया. पाकिस्तान वापस भेजे गए इन 7 खिलाड़ियों में मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक भी शामिल थे.
इसके बाद, पिछले सप्ताह इमाम और रिजवान को NCCIA के सामने पेश होने के लिए कहा गया था. 10 सितंबर को दोनों एजेंसी के सामने पेश भी हुए. इस दौरान उनसे पूछताछ की गई. दोनों प्लेयर को एक क्वेश्चनेयर देकर वापस भेज दिया गया था.
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मोहम्मद रिजवान का इंटरनेशनल करियर 10 साल से ज्यादा का है. उन पर अवैध सट्टेबाजी या जुए में शामिल होने का कोई आरोप नहीं लगा है. उन्होंने ICC से इस बारे में जानकारी मांगी है. रिजवान ने ICC से पूछा है कि अगर PCB को किसी प्लेयर पर करप्शन में शामिल होने का शक था, तो क्या बोर्ड ने तय प्रॉसेस को फॉलो किया?
ICC के एंटी करप्शन नियमों के मुताबिक, अगर किसी देश का कोई प्लेयर भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाता है या उस पर ऐसा शक होता है, तो ICC की एंटी करप्शन यूनिट जांच करती है. इस दौरान संबंधित क्रिकेट बोर्ड को भी जांच में शामिल किया जाता है.
हालांकि, PCB ने अभी तक यह क्लियर नहीं किया है कि उसे रिजवान पर किसी अवैध गतिविधि में शामिल होने का शक है या नहीं. बोर्ड ने यह भी साफ नहीं किया है कि उसने इस मामले की जानकारी ICC की एंटी करप्शन यूनिट की दी थी या नहीं. एंटी करप्शन यूनिट के नियमों के मुताबिक ऐसा करना जरूरी है.
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