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वैभव सूर्यवंशी के कोच ने गंभीर को सुना दिया, 'बेंच पर बिठाकर नए खिलाड़ियों को दे रहे अनुभव'

वैभव सूर्यवंशी ने 3 महीने पहले जुलाई में इंग्लैंड टूर पर इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. डेब्यू के बाद से वह लगातार भारत के T20 स्क्वाड में बने हुए हैं. लेकिन, उन्हें प्लेइंग-11 में नियमित मौके नहीं मिल रहे. अब क्रिकेटर के कोच ने इस पर सवाल उठाए हैं.

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वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज के खिलाफ T20 सीरीज में अभी तक मौका नहीं मिला है. (Courtesy: Getty Images)

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  • वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन T20 मैचों में प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया गया है, जबकि वे इस सीरीज में खेलने का अवसर पाने के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।
  • टीम इंडिया के मौजूदा मैनेजमेंट का मानना है कि खिलाड़ियों को बेंच पर बैठाकर तैयार किया जा सकता है, जिसके कारण वैभव सूर्यवंशी को लगातार मौके नहीं मिले हैं।
  • वैभव की लगातार अनदेखी के कारण उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने टीम मैनेजमेंट पर नाराजगी जताई है और उन्होंने कहा कि प्लेयर्स को मैदान पर उतरने का मौका मिलना आवश्यक है।

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को अभी तक वेस्टइंडीज के खिलाफ T20 सीरीज में खेलने का चांस नहीं मिला है. इस सीरीज के 3 मैच हो चुके हैं. वैभव एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे. हालांकि, वैभव की लगातार प्लेइंग-11 में अनदेखी हो रही है. इस बात से सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा भी खफा हैं. उन्होंने टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर और मैनेजमेंट पर निशाना साधा है. 

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मनीष ओझा ने मैनेजमेंट के इस रवैये को ‘तानाशाही’ बताया. उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी जैसे टैलेंटेड प्लेयर को बैठाने के बजाय खेलने का मौका देना चाहिए. कई पूर्व क्रिकेटर भी युवा खिलाड़ी को प्लेइंग 11 में शामिल करने की वकालत कर चुके हैं. 

वैभव के कोच ने जताई नाराजगी

वैभव सूर्यवंशी वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 3 T20I मैचों में बेंच पर रहे हैं. उन्हें इस सीरीज में खेलने का इंतजार है. अभी तक भारतीय सरजमीं पर इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका वैभव को नहीं मिला है. सीरीज में वैभव को चांस नहीं मिलने पर उनके चाइल्डहुड कोच मनीष ओझा ने नाराजगी जताई.

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उन्होंने टाइम्स नाऊ से बात करते हुए कहा कि टीम मैनेजमेंट को लगता है प्लेयर्स को बेंच पर बैठाकर बेहतर बनाया जा सकता है. यंग प्लेयर्स को लगातार मौके मिलने चाहिए. तभी उनका टैलेंट निखरकर सामने आएगा. इससे उन्हें मैच्योर होने के लिए एक्सपीरिएंस मिलेगा. वे अपने आपको इंटरनेशनल क्रिकेट में मिलने वाली चुनौतियों के लिए तैयार कर सकेंगे. 

मनीष ओझा के मुताबिक, 

टीम इंडिया का मौजूदा मैनेजमेंट सोचता है कि प्लेयर्स को बेंच पर बैठाकर भी तैयार किया जा सकता है. इसलिए वह ऐसा कर रहा है. क्रिकेट के कई दिग्गज खिलाड़ी हैं. आप उनसे बात करेंगे, तो सभी यही कहेंगे कि नेक्स्ट जनरेशन के प्लेयर्स को तैयार करने के लिए उन्हें मौका देना जरूरी है. उन्हें ग्राउंड पर उतरने का मौका मिलेगा, तभी सीखेंगे. बेंच पर बैठाकर आज तक कोई प्लेयर तैयार नहीं हुआ है.

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मैनेजमेंट का तानाशाही रवैया

दरअसल, मनीष ओझा की चिंता वैभव सूर्यवंशी को लेकर हैं. उनका मानना कि वैभव को लंबे समय तक मौका नहीं मिलने से इसका असर उनके सेल्फ कॉन्फिडेंस पर पड़ सकता है. बातचीत के दौरान उन्होंने आगे कहा, 

मैनेजमेंट ने या तो पहले तय कर लिया है कि वैभव सूर्यवंशी को चांस नहीं देना है. उसे बाहर बैठाए रखो और इतना निराश कर दो कि वह परेशान हो जाए. अब मैं क्या कहूं? जब कोई प्लेयर लगातार बाहर बैठता है, तो उसे लगने लगता है कि टीम में उसकी कोई अहमियत नहीं है. इससे प्लेयर फ्रस्ट्रेट हो जाता है. 

इस दौरान मनीष ओझा ने बताया कि वैभव एक तूफान की तरह हैं. उनके सामने कोई नहीं टिक सकता. वह लंबे समय तक खेलने वाले प्लेयर हैं. हम 6 महीने, एक साल या फिर IPL के एक-दो सीजन की बात नहीं कर रहे हैं. 

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वैभव ने जुलाई में किया था डेब्यू

वैभव सूर्यवंशी ने 3 महीने पहले जुलाई में इंग्लैंड टूर पर इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. डेब्यू के बाद से वह लगातार भारत के T20 स्क्वाड में बने हुए हैं. लेकिन, इसके बावजूद उन्हें प्लेइंग-11 में ज्यादा शामिल नहीं किया गया. वह अब तक 8 T20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं. वैभव ने इन 8 मैचों में 2 हाफ सेंचुरी के जरिए 246 रन बनाए हैं. T20I में उनका हाईएस्ट स्कोर 81 रन है. 

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