FIFA World Cup 2026 में इंग्लैंड की टीम राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको से भिड़ने जा रही है. ये मैच ऐतिहासिक एजटेका स्टेडियम में खेला जाएगा. 1986 वर्ल्ड कप में इसी स्टेडियम में डिएगो मैराडोना ने इंग्लैंड को 'हैंड ऑफ गॉड' गोल से हराया था. 6 जुलाई को होने वाले इस मैच से पहले इंग्लैंड की टीम कई चुनौतियां हैं. जिसमें से मेक्सिको के फैन्स सबसे बड़ा चैलेंज होंगे. इंग्लैंड के कोच थॉमस टुचेल कह रहे हैं कि इस बार कर्मा उनके साथ होगा.
स्लीप डिवाइस, सीक्रेट होटल और कर्मा का सहारा! इंग्लैंड का मेक्सिको प्लान तैयार है
इंग्लैंड की टीम इक्वाडोर वाली गलती दोहराना नहीं चाहती. पिछले हफ्ते इक्वाडोर की टीम मेक्सिको आई थी. उनके प्लेयर्स होटल में रात भर सो नहीं पाए. मेक्सिको के सपोर्टर्स ने होटल के बाहर डेरा डाल रखा था. लाउडस्पीकर, हॉर्न और मोटरसाइकिल की आवाजों ने प्लेयर्स की नींद हराम कर दी. नतीजा ये हुआ कि इक्वाडोर हार गया.


मैच से पहले इंग्लैंड की टीम ने अपने प्लान टाइट कर रखे हैं. मेक्सिको सिटी की ऊंचाई. देश के फैन्स का जोश और पिछले अनुभवों से सीखते हुए टीम एक अलग स्ट्रैटजी के साथ जा रही है.
इक्वाडोर का सबकपिछले हफ्ते इक्वाडोर की टीम मेक्सिको आई थी. उनके प्लेयर्स होटल में रात भर सो नहीं पाए. मेक्सिको के सपोर्टर्स ने होटल के बाहर डेरा डाल रखा था. लाउडस्पीकर, हॉर्न और मोटरसाइकिल की आवाजों ने प्लेयर्स की नींद हराम कर दी. नतीजा ये हुआ कि इक्वाडोर हार गया. मैच के बाद इक्वाडोर के फेडरेशन ने FIFA में शिकायत तक दर्ज कराई.
इंग्लैंड की टीम इस गलती को दोहराना नहीं चाहती. इसलिए उन्होंने सख्त प्लान बनाया है. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक टीम दो रात मेक्सिको सिटी में रहेगी, लेकिन उनके होटल का नाम पूरी तरह सीक्रेट रखा जाएगा. किसी को भी पता नहीं चलेगा कि वो कहां ठहरेंगे. इससे बाहर से कोई डिस्टरबेंस नहीं हो सकेगा.
नींद का खास इंतजामनींद खिलाड़ियों के लिए बहुत जरूरी है, खासकर बड़े मैच से पहले. रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड मैनेजमेंट उन प्लेयर्स को स्लीप डिवाइस देगा, जो अपने साथ ऐसा कुछ लेकर नहीं आए हैं. इसमें व्हाइट नॉइज मशीन, ईयर प्लग, स्लीप बैंड और नेचुरल स्लीप रेमेडीज शामिल हैं. कोच टुचेल चाहते हैं कि खिलाड़ी पूरी तरह रेस्टेड रहें. मेक्सिको के जोशीले फैंस अगर बाहर शोर मचाएं तो भी टीम की नींद पर असर न पड़े. ये छोटा-सा कदम बड़े मैच में बहुत फर्क ला सकता है.
1986 का बदला और कर्माएजटेका स्टेडियम इंग्लैंड के लिए खास है, लेकिन टीम की यादें अच्छी नहीं रही हैं. 1986 वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में मैराडोना ने पहले 'हैंड ऑफ गॉड' से गोल किया और फिर दूसरा गोल अकेले मार दिया. इंग्लैंड ये मैच हार गई. अब 40 साल बाद इंग्लैंड पहली बार उसी स्टेडियम लौट रही है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में टुचेल से पूछा गया कि क्या 'हैंड ऑफ गॉड' का असर होगा? उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“हां, ये हमें रिवॉर्ड देगा. हम इसे वापस पाएंगे. ये कर्मा है. कर्मा हमारे साथ लौटेगा. हम इसका बदला लेंगे.”
टुचेल को मैराडोना के दोनों गोल याद हैं. उन्होंने कहा कि आजकल 'हैंड ऑफ गॉड' वाला गोल वैर (VAR) की वजह से लीगल नहीं होगा. लेकिन अब समय बदल गया है और वो मैच जीतने के लिए तैयार हैं.
ऊंचाई की चुनौतीमेक्सिको सिटी समुद्र तल से 2,000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर है. यहां हवा में ऑक्सीजन काफी कम होती है. जिससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. टुचेल ने कहा,
“हम सामान्य से एक रात पहले मेक्सिको पहुंचेंगे. गेंद यहां अलग तरह से उड़ती है. ये मुश्किल है. 10 दिन पहले पहुंचने की सलाह है, लेकिन हमारे पास समय नहीं. आखिरी मिनट में जाना भी संभव नहीं. इसलिए हम बीच का रास्ता निकाल रहे हैं. फिर भी ये हमारे लिए नुकसान ही है.”
इंग्लैंड को राउंड ऑफ 16 में पहुंचाने में हैरी केन का काफी बड़ा रोल है. उन्होंने पिछले राउंड में दो गोल मारे थे. कांगो के खिलाफ 1-0 से पीछे चल रही टीम को उन्होंने संभाला. लेकिन मेक्सिको के खिलाफ इंग्लैंड सिर्फ केन पर निर्भर नहीं रह सकती. मेक्सिको मेजबान टीम है, उसके पास स्टेडियम में हजारों फैंस का सपोर्ट भी होगा.
इंग्लैंड 1986 का बदला लेने और आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही है. क्या टुचेल का कर्मा वाला प्लान काम करेगा? क्या इंग्लैंड एजटेका में इतिहास बदलेगी? 6 जुलाई को ये सब साफ हो जाएगा.
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