सरफ़राज़ खान. आजकल खूब चर्चा में हैं. लगातार रणजी ट्रॉफी में रन बना रहे हैं. और इसके बाद भी उन्हें इंडियन टेस्ट टीम में जगह नहीं मिल पा रही. विशेषज्ञों में इस बात को लेकर बहुत रोष है. फ़ैन्स उदास हैं. और सरफ़राज़ को तुरंत टीम में लिए जाने की मांग कर रहे हैं. सरफ़राज़ ने भी एक हालिया इंटरव्यू में अपने सेलेक्शन पर बात की.
सरफ़राज़ के आंकड़ों में छिपी है, उनके बाहर होने की कहानी?
इसलिए सरफ़राज़ को मौके नहीं मिल रहे!


सरफ़राज़ ने इस इंटरव्यू में कहा कि वह निराश हैं, लेकिन हिम्मत नहीं हारेंगे. सरफ़राज़ जिस हिसाब से रन बना रहे हैं, उसे देखते हुए ना चुने जाने पर निराश होना लाज़िमी है. और आज हम समझने की कोशिश करेंगे, कि रणजी ट्रॉफी में बोरी भर रन बनाने के बाद भी सरफ़राज़ को टीम इंडिया में एंट्री क्यों नहीं मिल रही.
# Sarfaraz Khan Statsलगभग हर बार टीम सेलेक्शन के बाद सरफ़राज़ के आंकड़े सोशल मीडिया पर तैरने लगते हैं. लोग लगातार बात करते हैं कि सरफ़राज़ को टीम इंडिया में आने के लिए और क्या करना होगा. सवाल सही भी है. साल 2019 से सरफ़राज़ ने 22 पारियों में 134.64 की ऐवरेज से 2289 रन बनाए हैं. इसमें नौ सेंचुरी, पांच हाफ-सेंचुरी, दो डबल सेंचुरी और एक ट्रिपल सेंचुरी शामिल हैं.
इन आंकड़ों के चलते ही लोग अक्सर उन्हें‘इंडिया का ब्रैडमैन’बुलाते हैं. और ये आंकड़े निश्चित तौर पर कमाल हैं. इनके आधार पर सरफ़राज़ को टीम इंडिया में होना चाहिए था. लेकिन वो नहीं हैं. क्यों नहीं हैं, इसका जवाब शायद उनके इंडिया ए के आंकड़ों में छिपा है. इंडिया ए के लिए सरफ़राज़ ने हाल के सालों में कुल सात पारियां खेली हैं.
दिसंबर 2021 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ़ ब्लोमफोंटेन में सरफ़राज़ ने 71 रन की नॉटआउट पारी खेली. दूसरी इनिंग्स में उनकी बैटिंग नहीं आई. यहीं पर हुए अगले टेस्ट की पहली पारी में वह सिर्फ 14 रन बनाकर स्टंप आउट हुए. जबकि दूसरी पारी में फिर से उन्हें बैटिंग नहीं मिली. इसके बाद बीते साल सितंबर के महीने में न्यूज़ीलैंड की टीम भारत दौरे पर आई.
बेंगलुरु में हुए पहले टेस्ट में सरफ़राज़ 36 रन बनाकर स्टंप के पीछे लपके गए. यहां इंडिया ने सिर्फ एक पारी में बैटिंग की. दूसरे टेस्ट में वह नहीं खेले. जबकि तीसरे टेस्ट की पहली पारी में वह बिना खाता खोले विकेट के पीछे लपके गए. दूसरी पारी में सरफ़राज़ ने 63 रन बनाए. दिसंबर 2022 में सरफ़राज़ इंडिया ए के साथ बांग्लादेश टूर पर गए.
वहां पहले टेस्ट की पहली पारी में वह सिर्फ 21 रन बना पाए. जबकि दूसरी पारी में इंडिया ने बैटिंग ही नहीं की. इसके बाद वह बांग्लादेश के खिलाफ़ दूसरे टेस्ट में भी खेले. जहां पहली पारी में वह बिना खाता खोले विकेट के पीछे लपके गए. और दूसरी पारी में इंडिया की बैटिंग ही नहीं आई. यानी इंडिया ए के लिए अपनी आखिरी सात पारियों में सरफ़राज़ ने दो बार हाफ सेंचुरी लगाई है, जबकि दो बार वह बिना खाता खोले आउट हुए.
# Sarfaraz Khanघरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले सरफ़राज़ लेवल अप होते ही फॉर्म खो देते हैं. उनके बल्ले से निकलने वाले रन्स की रफ्तार थम जाती है. और शायद इसीलिए उन्हें सीनियर टीम इंडिया में मौके नहीं मिल रहे. हालांकि सरफ़राज़ को ऐसा नहीं लगता. इंडियन एक्सप्रेस के देवेंद्र पांडेय के साथ बातचीत में उन्होंने इस बारे में कहा था,
'ऐसा नहीं है. कई प्लेयर्स ऐसे हैं जिन्होंने इंडिया ए के लिए नहीं खेला. और इसके बाद भी उन्हें इंडियन टीम में जगह मिल गई. इसलिए मैं मानता हूं कि अपना टाइम आएगा.'
सरफ़राज़ को मौके ना मिलने के पीछे की एक वजह उनकी फिटनेस भी बताई जाती है. लेकिन सरफ़राज़ इस बात को सिरे से नकारते हैं. उन्होंने इस बारे में कहा कि उन्हें नहीं पता कि इंडियन टीम में एंट्री के लिए उन्हें और क्या करना होगा. वह रणजी ट्रॉफी में दो दिन बैटिंग करने के बाद दो दिन फील्डिंग करते हैं. यो-यो टेस्ट भी क्लियर कर चुके हैं.
यानी सरफ़राज़ को नहीं लगता कि इंडिया ए के लिए उनके प्रदर्शन या फिर फिटनेस के चलते उन्हें बाहर रखा जा रहा है. लेकिन आम लोगों को तो यही सब लगता है. सच्चाई क्या है, कोई नहीं जानता. लेकिन कोई तो वजह है कि लगातार रन बनाने के बाद भी सरफ़राज़ टीम इंडिया से दूर हैं. वैसे आपको क्या लगता है? सरफ़राज़ को टीम इंडिया में क्यों नहीं लिया जा रहा?
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