ईरान और अमेरिका के बीच जारी सीजफायर को खत्म होने में ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में जल्दी ही दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में फिर बातचीत शुरू हो सकती है. लेकिन अगर ऐसा होता है तो डॉनल्ड ट्रंप के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो जाएंगी. ट्रंप को साबित करना होगा कि उन्होंने जो समझौता किया है, वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के नेतृत्व में 2015 में साइन हुए समझौते से बेहतर है. दूसरा, यह डील अमेरिका के लिए फरवरी में जेनेवा में लाए गए समझौते से ज्यादा लाभकारी है. देखें पूरा एपिसोड.
दुनियादारी: ईरान से डील के चक्कर में फंस गए ट्रंप?
ट्रंप को साबित करना होगा कि उन्होंने जो समझौता किया है, वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के नेतृत्व में 2015 में साइन हुए समझौते से बेहतर है. दूसरा, यह डील अमेरिका के लिए फरवरी में जेनेवा में लाए गए समझौते से ज्यादा लाभकारी है.
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