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क्यों डबल ओलंपिक चैंपियन विक्टर एक्सेलसन ने 32 साल की उम्र में ले लिया संन्यास?

बैडमिंटन की दुनिया में Viktor Axelsen एक बड़ा नाम माना जाता है. उन्होंने इस खेल में हर बड़ी उपलब्धि हासिल की. वह 183 सप्ताह तक दुनिया में नंबर एक खिलाड़ी रहे हैं. अपने रिटायरमेंट के समय वह तीसरे स्थान पर काबिज हैं.

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विक्ट एक्सलेसन दो बार के ओलंपिक चैंपियन हैं. (Photo-PTI)

दो बार के ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसन (Viktor Axelsen) ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. विक्टर ने सोशल मीडिया पर यह ऐलान किया. उन्होंने बताया कि  लगातार चोटिल होने के कारण उन्होंने महज 32 साल की उम्र में यह फैसला किया है.

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एक्सलसेन को बैडमिंटन की दुनिया में एक बड़ा नाम माना जाता है. उन्होंने इस खेल में हर बड़ी उपलब्धि हासिल की. वह 183 सप्ताह तक दुनिया में नंबर एक खिलाड़ी रहे हैं. अपने रिटायरमेंट के  समय वह तीसरे स्थान पर काबिज हैं.

चोट से परेशान थे विक्टर

डेनमार्क के विक्टर पिछले साल अक्टूबर से पीठ की समस्या से जूझ रहे हैं. इस कारण वह किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाए हैं. चोट ठीक कराने के लिए उन्होंने सर्जरी भी कराई. सर्जरी के बावजूद भी उनका दर्द कम नहीं हुआ. इसी वजह से विक्टर ने फैसला किया कि वह इस खेल को ही अलविदा कह देंगे.  

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तीन बार के यूरोपीय चैंपियन एक्सेलसन ने ‘बैडमिंटन यूरोप’ से कहा,

जैसा कि ज्यादातर लोग जानते हैं कि मैं काफी समय से अपनी पीठ की समस्या से जूझ रहा हूं. पिछले साल अप्रैल में सर्जरी कराने और लंबे समय तक ‘रिहैबिलिटेशन’ से गुजरने के बाद दुर्भाग्य से अक्टूबर में यह दर्द फिर से उबर गया. 

उन्होंने आगे कहा,  

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दर्द के कारण मैं खेल नहीं पा रहा हूं और अभ्यास भी नहीं कर पा रहा हूं. इस कारण मुझे यह बेहद मुश्किल फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.

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डॉक्टर्स के मशविरा के बाद फैसला

विक्टर के लिए सिर्फ उनकी चोट ही चुनौती नहीं थी. उन्हें लगातार अस्थमा से भी जूझना पड़ा. उन्होंने टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में लगातार गोल्ड मेडल जीते. 2017 और 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप में टॉप स्थान हासिल किया. वह यूरोपीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली डेनमार्क की छह टीमों का भी हिस्सा रहे. विक्टर ने आगे कहा,  

मैंने यह फैसला डॉक्टर्स से मशविरा करने के बाद लिया है. उनका कहना है कि मुझे अभी जो दर्द हो रहा है, उसके लिए शायद एक और सर्जरी करवानी पड़े. अगर सर्जरी सफल नहीं रही तो इससे भी गंभीर रिहैब से गुजरना पड़ सकता है. मेरा शरीर मुझे रुकने का संकेत दे रहा है और मुझे अपने डॉक्टरों की सलाह माननी होगी.

एक्सलसेन ने अपना आखिरी मैच अक्टूबर 2025 में डेनमार्क ओपन में खेला था.

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