बांग्लादेश में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा. इसकी आंच अब तक बांग्लादेश टीम के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन तक पहुंच रही है. 5 अगस्त की रात उनके घर पर अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया. आरोप है कि उपद्रवियों ने घर में तोड़फोड़ की. यहां तक कि पेट्रोल बम फेंककर घर को आग के हवाले करने की भी कोशिश की गई. शाकिब घटना से कुछ घंटे पहले पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे. अब यही हमले के पीछे की वजह बताई जा रही है.
शाकिब अल हसन के घर पर पेट्रोल बम से हमला, शेख हसीना के प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए थे शामिल
Shakib Al Hasan House Attacked : बांग्लादेश के पूर्व कप्तान Shakib Al Hasan के मगुरा स्थित घर पर 5 अगस्त की रात हमला हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उपद्रवियों ने घर पर पेट्रोल बम फेंक कर आग लगाने की कोशिश की. साथ ही ईंट-पत्थर भी बरसाए.

दरअसल, 5 अगस्त को दिल्ली के ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ की तरफ से एक वर्चुअल इवेंट आयोजित किया गया था. इसमें शाकिब अल हसन भी जुड़े थे. इस कार्यक्रम को बांग्लादेश से बेदखल की जा चुकीं पूर्व पीएम शेख हसीना संबोधित कर रही थीं.
इसी कार्यक्रम के कुछ घंटे बाद रात करीब 8:45 बजे (स्थानीय समयानुसार), मगुरा जिले में स्थित शाकिब के घर पर हमला हो गया. पुलिस के मुताबिक, कुछ अज्ञात बदमाशों ने घर पर ईंट-पत्थर फेंके. इससे खिड़कियों के शीशे टूट गए. इसके बाद उन्होंने प्रॉपर्टी को आग के हवाले करने की भी कोशिश की.
शाकिब के पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने हमले के दौरान बम फटने जैसी तेज आवाजें भी सुनीं. लोकल मीडिया भी ये दावा कर रही है कि घर पर पेट्रोल बम फेंके गए थे. इस घटना को लेकर मगुरा सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि उपद्रवियों ने ईंट-पत्थर फेंके. साथ ही घर में आग लगाने की कोशिश की. लेकिन, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पेट्रोल बम के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं की.
शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग (Awami League) ने इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. इसमें घर के बाहर पटाखों जैसी आवाजें साफ सुनी जा सकती हैं. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के चोटिल होने की खबर नहीं है. माहौल को देखते हुए उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
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शाकिब का शेख हसीना कनेक्शनदरअसल, शाकिब बांग्लादेश के सिर्फ ऑलराउंड क्रिकेटर नहीं हैं. वो वहां एक राजनीतिक हस्ती भी हैं. 2024 में हुए आम चुनाव में शाकिब ने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के टिकट पर मगुरा-1 से चुनाव लड़ा था. साथ ही सांसद भी चुने गए थे. यही कारण है कि उपद्रवियों के निशाने पर शाकिब भी हैं.
दरअसल, 5 अगस्त को शेख हसीना ने हुए वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी सरकार को डिफेंड किया था. उनके मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2024 में देश में फैली अशांति से निपटने के लिए उनकी सरकार ने जो तरीके अपनाए वो सही थे. साथ ही हसीना ने ये दावा किया कि उनके खिलाफ हुआ छात्र विद्रोह कोई अचानक हुआ आंदोलन नहीं था, बल्कि सोच-समझकर रचा गया एक रेजीम चेंज ऑपरेशन था.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी जैसी विपक्षी पार्टियों ने इस वर्चुअल इवेंट का पहले ही कड़ा विरोध किया था. यही कारण है कि अवामी लीग के नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि शाकिब के घर पर हुआ हमला उनके इस इवेंट में शामिल होने का ही नतीजा है.
2 साल से घर नहीं लौटे शाकिबअगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से ही शाकिब अल हसन बांग्लादेश नहीं लौटे हैं. सत्ता परिवर्तन के बाद उनके खिलाफ हत्या के एक मामले सहित कई आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं. इसी कारण वो अपने परिवार के साथ अमेरिका में ही रह रहे हैं. वर्तमान में वो कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) व लंका प्रीमियर लीग (LPL) जैसे टूर्नामेंट्स में फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेल रहे हैं.
हालांकि, शाकिब कई बार कह चुके हैं कि अगर उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा की गारंटी मिले तो वो देश लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इधर, इस घटना को लेकर लोकल पुलिस हमलावरों की पहचान करने में जुटी है. हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बांग्लादेश की राजनीति का पारा अभी भी शांत नहीं हुआ है.
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