IPL 2026 का आधा सीजन निकल चुका है. सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) इस वक्त एक बड़े दोराहे पर खड़ी है. टीम के रेगुलर कप्तान पैट कमिंस इंजरी (लोअर बैक स्ट्रेस) से उबर कर वापस आ गए हैं. वहीं, उनकी जगह एक्टिंग कप्तान बने ईशान किशन ने टीम को एक मैच विनिंग मशीन बना दिया है. ऐसे में अब काव्या मारन की अगुवाई वाला मैनेजमेंट करे भी तो क्या करे? रेगुलर कप्तान के साथ आगे बढ़े या ईशान को अपना काम जारी रखने दे?
कमिंस लौट आए हैं, फिर भी क्यों ईशान किशन से कप्तानी छीनने से घबराएगी SRH?
IPL 2026 : Sunrisers Hyderabad ने अब तक 4 मुकाबले जीतकर पॉइंट्स टेबल पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. अब आधे सीजन खत्म होने के बाद रेगुलर कप्तान Pat Cummins लौट गए हैं. लेकिन, क्या अब Ishan Kishan को हटाकर उन्हें कप्तानी सौंपना टीम के लिए सही होगा?


दरअसल, कमिंस लंबे समय के बाद मैदान पर वापसी कर रहे हैं. उन्होंने इसी चोट की वजह से T20 वर्ल्ड कप तक नहीं खेला. लेकिन, उनकी गैरमौजूदगी में जो जुगाड़ बिठाया गया था, वो अब मास्टरस्ट्रोक बन चुका है. ईशान किशन ने न सिर्फ टीम की कमान संभाली, उन्होंने पूरी कहानी ही पलट कर रख दी.
शुरुआत में ये सिर्फ एक कामचलाऊ जुगाड़ लग रहा था. लेकिन, अब ये एक सॉलिड कप्तानी का केस बन गया है. किशन ने एक लड़खड़ाती हुई टीम को संभाला, उसकी रणनीति बदली और उसे एक सेटल, मैच जीतने वाली टीम बना दिया. स्थिति ऐसी है कि क्रिकेट के दिग्गज भी ईशान की कप्तानी के फैन हो गए हैं. कइयों ने साफ कह दिया है कि SRH को ईशान के साथ ही इस सीजन अब आगे बढ़ना चाहिए.
कप्तानी की ये बहस गर्मा गई है. पूर्व क्रिकेटर्स ईशान किशन के पक्ष में ही माहौल बना रहे हैं. हाल ही में एक ब्रॉडकास्ट चर्चा में, हरभजन सिंह ने साफ कर दिया कि SRH को कमिंस को तुरंत कप्तान बनाने की खुजली से बचना चाहिए. उनका लॉजिक बड़ा सिंपल है.
अगर फ्रेंचाइजी ने एक युवा कप्तान पर भरोसा जताया है और उसने नतीजे दिए हैं, तो उसी के साथ बने रहना चाहिए. 2024 में कमिंस के जलवे को मानते हुए भी, भज्जी ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा टीम खासकर बॉलिंग यूनिट ने किशन के अंडर गजब की लय हासिल कर ली है.
संजय बांगड़ ने भी इसी सुर में सुर मिलाते हुए किशन की टैक्टिकल समझ को डिकोड किया. उन्होंने तारीफ की कि कैसे ये स्टैंड-इन कप्तान मैचअप्स के हिसाब से अपने बॉलर्स को रोटेट करता है और दबाव में कभी भी हड़बड़ाया हुआ नहीं दिखता. दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ हालिया जीत में किशन ने जिस तरह से अपने स्पिनर्स का इस्तेमाल किया, वो उनकी शानदार गेम अवेयरनेस का पक्का सबूत था.
सबसे जरूरी बात, बांगड़ ने फिटनेस को लेकर एक बड़ा प्रैक्टिकल पॉइंट उठाया. IPL का बाकी बचा हुआ सीजन एक ऐसे पेसर के भरोसे छोड़ देना, जो इंजरी से लौटा हो, एक जुआ है. ऐसे में किशन के साथ बने रहना SRH के लिए ज्यादा सेफ और समझदारी भरा दांव लगता है.
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रिजल्ट्स भी दे रहे हैं गवाहीअगर आप इस सीजन SRH का रिपोर्ट कार्ड देखेंगे, तो ये पूरी तरह से एक कमबैक स्टोरी है. ईशान किशन की कप्तानी में टीम के जो आंकड़े हैं, वो साफ बताते हैं कि मैनेजमेंट के सिर में दर्द क्यों है?
टीम ने अपने अभियान की शुरुआत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से हार कर बैकफुट पर की. फिर उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 65 रनों के बड़े अंतर से कूट कर वापसी की. इसके बाद लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ लगातार हार का स्पीड ब्रेकर आया. लेकिन जैसे ही किशन कप्तानी में सेट हुए, टीम ने गियर बदला और अपने पिछले 5 में से 3 मैच जीत लिए.
इस शानदार विनिंग स्ट्रीक में राजस्थान रॉयल्स (RR) को 57 रनों से धोना, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 10 रनों से मात देना और दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 47 रनों से रौंदना शामिल है.
अनकैप्ड टैलेंट का जलवासीजन के बीच में SRH की इस शानदार वापसी के पीछे उनके अनकैप्ड टैलेंट प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन का भी बड़ा हाथ है. जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब इन दोनों ने मोर्चा संभाला. इससे बॉलिंग यूनिट में गहराई आई और युवा कप्तान को काफी फ्लेक्सिबिलिटी मिली.
इसके पीछे का सीक्रेट फॉर्मूला रहा है किशन का एकदम क्लियर कम्युनिकेशन. उन्होंने अपने बॉलर्स के दिमाग में एक सिंपल बात डाल दी है. ये टी20 क्रिकेट है. यहां मार तो पड़ेगी ही. लेकिन, असली ताकत इसी में है कि आप कमबैक कैसे करते हो? इसी क्लैरिटी ने साकिब जैसे युवाओं को बिना किसी डर के अपना गेम खेलने की आजादी दी है, जो सीनियर खिलाड़ियों के साथ एकदम फिट बैठ रही है.
ऑरेंज आर्मी का क्या है अगला लक्ष्य?जयपुर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ होने वाले अगले मैच के लिए कमिंस के उपलब्ध रहने की उम्मीद है. ऐसे में SRH मैनेजमेंट को एक बहुत भारी फैसला लेना है. क्या वो वापस उस ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज के अनुभव की तरफ जाएंगे, या ईशान किशन के इस शानदार मोमेंटम पर ही दांव खेलते रहेंगे? वो जो भी फैसला लेंगे, उसका असर सिर्फ उनके मौजूदा प्लेऑफ की रेस पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि ये फ्रेंचाइजी के लॉन्ग-टर्म विजन को भी तय करेगा.
वीडियो: ईशान किशन ने बल्ले से बरसाई आग, राजस्थान रॉयल्स को जमकर धोया



















