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मुंबई वाले ऐसा हारे कि हार्दिक की पोल ही खुल गई, सच्चाई जनता से ही सुन लीजिए!

Ashish Nehra ने कमाल कर दिया. ऐसा फ़ैन्स का मानना है. Gujarat Titans के खिलाफ़ Hardik Pandya की Mumbai Indian के हारते ही लोगों ने नेहरा जी की तारीफ़ करनी शुरू कर दी.

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गुजरात टाइंटस की ड्राइविंग सीट पर नेहरा जी ही बैठे हैं गाइज़ (PTI)

आशीष नेहरा. गुजरात टाइटंस के कोच. गुजरात की टीम लगातार दो सीजन से बेहतरीन कर रही थी. और हर बार क्रेडिट हार्दिक पंड्या को मिल रहा था. लेकिन फिर पंड्या मुंबई लौट गए. और IPL2024 के पहले मैच में उनके सामने थे आशीष नेहरा. मुंबई की टीम तमाम कोशिशें करके भी जीत नहीं पाई. और इस हार के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नेहरा की तारीफ़ शुरू कर दी.

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एक यूज़र ने लिखा,

'आशीष नेहरा, गुजरात के गुमनाम नायकों में से एक. वह दूसरी इनिंग्स के दौरान पूरे वक्त खड़े रहे. और अपने प्लेयर्स को सलाह देते रहे. वह इस टीम की सफलता के कारणों में से एक रहे हैं. एक कमाल के कोच और गार्डियन.'

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एक और फ़ैन ने लिखा,

'अब आपको पता चल गया होगा कि गुजरात टाइटंस के खिताब के पीछे कौन था.'

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एक और फ़ैन लिखता है,

‘हम सोचते थे कि ये हार्दिक पंड्या की कप्तानी है जो पहले दो सीजंस में गुजरात के लिए काम कर रही थी, लेकिन ये तो बस हाथ में नारियल लिए आशीष नेहरा थे.’

एक और फ़ैन ने नेहरा जी को सलाम करते हुए लिखा,

‘गुजरात टाइटंस की सफलता के असली कारण नेहरा जी थे. सलाम सर जी.’

एक फैन ने आखिरी ओवर का ज़िक्र करते हुए लिखा,

'आखिरी ओवर से ठीक पहले आशीष नेहरा ने एक पेपर पर कुछ लिखा और उमेश यादव को दिया. बाक़ी सब इतिहास है.'

एक और ट्वीट में लिखा गया,

‘ओवर से पहले आशीष नेहरा ने स्पेंसर जॉनसन से बात की. स्पेंसर ने पहली ही गेंद पर छक्का खाने के बावजूद ओवर में सिर्फ़ आठ रन दिए और दो महत्वपूर्ण विकेट निकाले.’

एक फ़ैन ने आंकड़ों के साथ लिखा,

‘गुजरात टाइटंस के कोच के रूप में आशीष नेहरा. 34 मैच, 24 जीते और 10 हारे.’

बाद में बोलर स्पेंसर जॉनसन ने भी नेहरा की तारीफ़ की. वह मैच के बाद बोले,

‘बहुत कमाल का अनुभव. मैदान पूरा भरा हुआ था. ये जीत हासिल करना बहुत खास है. 19वें ओवर में मैंने शांत रहने का सोचा था. नेहरा ने मुझसे कहा था कि तुम गेम जिताओगे. पहले ही ओवर में पिटने के बावजूद उनका और बाक़ी लोगों का सपोर्ट होना कमाल था. मेरे लिए, हार्ड लेंथ बोलिंग करना कामयाब रहा.'

इसी मैच के जरिए डेब्यू करने वाले स्पेंसर ने कप्तान शुभमन गिल की भी तारीफ़ की. वह बोले,

‘मैं हमेशा से भारत में क्रिकेट खेलना चाहता था और अब मैं यहां हूं. उम्मीद है कि हम जीतते रहेंगे. शुभमन अविश्वनीय हैं. बस में वह मेरे साथ बैठे थे. मुझे शांत करते हुए. हमने गेम के दौरान भी बात की. एक युवा कप्तान के रूप में वह अविश्वसनीय हैं.’

मैच की बात करें तो गुजरात ने पहले बैटिंग करते हुए किसी तरह 168 रन बनाए. जवाब में मुंबई 162 ही बना पाई और मैच छह रन से गंवा दिया.

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