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'पाकिस्तानी हमारी रक्षा कर रहे...', फारूक अब्दुल्ला ने ये क्या बोल दिया? बवाल हो गया

बारामूला में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर वहां के लोगों की रक्षा कर रहा है. BJP ने बयान की निंदा करते हुए माफी की मांग की और उन्हें पाकिस्तान चले जाने की बात कही.

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फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भारी बवाल मचा है (COURTSEY- ITG)

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  • नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बारामूला में कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रहा है और केंद्र सरकार कश्मीरियों की शिकायतों के बावजूद चुप है।
  • फारूक अब्दुल्ला के बयान के पीछे कश्मीर के सांप्रदायिक तनाव और भाजपा सरकार के खिलाफ बढ़ती नाराजगी की पृष्ठभूमि है, साथ ही अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद की स्थिति शामिल है।
  • भाजपा ने फारूक अब्दुल्ला के बयान की कड़ी निंदा की है और उनसे सार्वजनिक माफी मांगने को कहा है, अन्यथा उन्हें पाकिस्तान जाने की सलाह दी गई है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने एक ऐसा बयान दिया जिससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर का मुद्दा उठाकर जम्मू-कश्मीर के लोगों की रक्षा कर रहा है. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोगों की शिकायतों के बावजूद चुप बैठी है. उनके इस बयान की भाजपा ने कड़ी निंदा की है. भाजपा ने कहा कि ‘उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए. उनका ये बयान ‘देशद्रोह’ है.'

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फारूक अब्दुल्ला ने क्या कहा?

फारूक अब्दुल्ला उत्तरी कश्मीर के बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. यहां बोलते हुए फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का जिक्र किया. उन्होंने कहा,

हमारा पड़ोसी (पाकिस्तान) लगातार उनके (कश्मीरियों के) लिए आवाज उठा रहा है. वह (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ) हर जगह जाकर कहते हैं कि कश्मीर का मुद्दा अभी तक हल नहीं हुआ है. वो हमारी रक्षा कर रहे हैं वरना केंद्र सरकार के इरादे तो अच्छे नहीं हैं.

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फारूक अब्दुल्ला ने यह भी सवाल उठाया कि क्या जम्मू-कश्मीर के लोग केंद्र से न्याय की उम्मीद कर सकते हैं? उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और अपनी पहचान के लिए खड़े होने का आह्वान किया. उन्होंने कहा,

आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या आपको लगता है कि वे आपको न्याय दिलाएंगे? लड़ने की हिम्मत रखिए, वरना आप खत्म हो जाएंगे और आपकी पहचान मिट जाएगी.

भाजपा का पलटवार

फारूक अब्दुल्ला के बयानों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रमुख सत शर्मा ने फारूक अब्दुल्ला से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा. उन्होंने कहा कि अगर अब्दुल्ला ऐसे बयान देना जारी रखते हैं तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए. समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए सत शर्मा ने कहा,

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फारूक अब्दुल्ला को यह समझना चाहिए कि इस देश में उन्हें अपनी बात कहने की पूरी आजादी है. इसी आजादी की वजह से वे ऐसे बयान दे पा रहे हैं. अगर आपने पाकिस्तान में ऐसे बयान दिए होते, तो शायद आप बच नहीं पाते.

उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुसलमान भारत में पूरी तरह सुरक्षित हैं. उन्होंने अब्दुल्ला पर आरोप लगाया कि वो अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद के सकारात्मक परिणामों को नजरअंदाज कर रहे हैं. सत शर्मा ने आगे कहा,

भाजपा इस तरह के बर्ताव को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्हें भारत की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. वरना, मैं यही कहूंगा कि उनके लिए पाकिस्तान ही बेहतर जगह है. उन्हें वहीं जाकर बस जाना चाहिए.

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर बीजेपी के पूर्व प्रमुख रविंदर रैना ने अब्दुल्ला के बयानों की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और एनसी प्रमुख पर देशद्रोह करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा,

पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के लोगों का हत्यारा है. पिछले 35 सालों में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को कब्रिस्तान और श्मशान घाट में बदलने की कोशिश की है. पाकिस्तान आतंकवादियों को ट्रेनिंग, हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक मुहैया कराता है.

(यह भी पढ़ें: 'फ्री कश्मीर' के नारे! सिक्योरिटी गार्ड्स से झड़प, दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में क्या हो रहा?)

अब्दुल्ला ने मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की

बारामूला में अब्दुल्ला ने देशभर के मुसलमानों से अपील की. उन्होंने कहा कि वो भाजपा शासित राज्यों में हो रही तोड़फोड़ की कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हों. उन्होंने आरोप लगाया कि इस समुदाय की संपत्तियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि मुसलमान ऐसी राजनीतिक व्यवस्था का समर्थन कैसे कर सकते हैं, जिसके शासन में कथित तौर पर उनके घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है. उन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कदम उठाने का आह्वान किया.

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