बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह अपने चिर-परिचित अंदाज में काली शर्ट पहने अपने सरकारी आवास पर बैठे थे. मीडिया के लोगों के सवालों का जवाब दे रहे थे. इसके कुछ ही देर बाद उन्हें जनता दल (यूनाइटेड) से निकालने का आदेश आने वाला था. इस बातचीत में वो नीरज कुमार के खिलाफ अपने तेवर में जरा-सी भी नर्मी लाने के मूड में नहीं थे. लोगों ने पूछा कि नीरज कुमार कह रहे हैं कि ‘पार्टी विरोधियों का बुखार छुड़ा देगी.’ इस पर अनंत जवाब देते हैं कि ‘क्या बुखार छुड़ाएंगे. वो (अनंत सिंह) कोई प्रधानमंत्री तो हैं नहीं कि नीरज कुमार उन्हें मंत्री बना देंगे.’
मिठाई बनवा रहे थे अनंत सिंह, खुद को JDU में बता रहे थे, कुछ घंटे बाद पार्टी से बाहर हो गए
पटना स्नातक सीट पर JDU उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करने वाले अनंत सिंह को पार्टी ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया.

इस बातचीत में काफी जोर देते हुए अनंत सिंह दो बार कहते हैं कि ‘वो पार्टी (जेडीयू) में हैं. पार्टी में.’ लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनका पार्टी से ‘निष्कासन’ हो गया. पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगा. दूसरी पार्टी के नेता को सपोर्ट करने की वजह बताई गई और 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया. इस फैसले की भूमिका तो काफी पहले लिखी जा चुकी थी. शनिवार 24 अक्टूबर को इस पर तेजी से काम होना शुरू हो गया था.
इंडिया टुडे से जुड़े शशि भूषण की रिपोर्ट के मुताबिक, अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. वह खुलेतौर पर जनसुराज के प्रत्याशी अनुज के समर्थन में खड़े हो गए थे. उन्होंने कई ऐसी बयानबाजी की, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी असहज हुए होंगे. पार्टी से वफादारी की लड़ाई में नीरज कुमार से खुद को बीस दिखाने के लिए ‘9 लोगों के बलिदान’ वाला विवादित बयान भी उन्होंने दिया, जिस पर खूब बवाल मचा. बाद में उन्हें इस पर सफाई भी देनी पड़ी.
इस बीच पार्टी की ओर से अनंत सिंह को समझाने की हर कोशिश नाकाम हो गई थी. अनंत सिंह नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उनके नेतृत्व को एक तरीके से चुनौती दे रहे थे. अपने बयानों से पार्टी के सिंगल लीडर और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को भी सवालों के घेरे में ला रहे थे. अनंत सिंह यह दिखाने की कोशिश कर रहे थे कि ललन सिंह का संरक्षण उन्हें हासिल है. जेडीयू सूत्रों के मुताबिक, अनंत सिंह पर जब एक्शन लिया गया तो पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा मौजूद नहीं थे.
अनंत सिंह को निष्कासित किए जाने का आदेश जारी करने वाले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी पटना में मौजूद नहीं थे. विधान परिषद चुनाव का मतदान खत्म होने के एक दिन बाद शनिवार, 24 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह नीतीश कुमार से मिलने उनके 7-सर्कुलर रोड आवास पहुंचे थे. इस दौरान जेडीयू के सीनियर लीडर और डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, इसी बातचीत के दौरान अनंत सिंह पर कार्रवाई को लेकर अंतिम फैसला लिया गया.
जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार जब मुलाकात के बाद ललन सिंह को छोड़ने के लिए उनके घर पहुंचे. इसी दौरान अनंत सिंह के निष्कासन का लेटर जारी हो गया.
निष्कासन से पहले मिठाई बनवा रहे थे अनंत सिंह
लेटर जारी होने से पहले अनंत सिंह अपने सरकारी आवास पर मिठाई बनवा रहे थे. कुर्सी लगाकर वह खुद बैठे थे और व्यवस्था देख रहे थे. अनंत सिंह दावा कर रहे थे कि जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार चुनाव हारेंगे और जनसुराज के अनुज सिंह को जीत मिलेगी. इसी जीत के जश्न की तैयारी अनंत सिंह के घर पर चल रही थी. चुनाव में खुला विरोध झेलने के बाद नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा था कि जो लोग विरोध कर रहे हैं. पार्टी उनका बुखार छुड़ा देगी.
मिठाई बनवा रहे अनंत सिंह से जब इस बारे में पूछा गया तो बोले कि उनको कोई डर नहीं है. उनको इसकी चिंता भी नहीं है. अनंत सिंह ने कहा कि वो कौन सा प्रधानमंत्री हैं जो नीरज कुमार उनको मंत्री बनवा देंगे. मोकामा विधायक ने आरोप लगाया कि नीरज की वजह से उन्हें सजा हुई. नीरज कुमार ने उन्हें परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. ये सब कहते हुए अनंत सिंह ने बेहद जोर देते हुए कहा कि ‘वो पार्टी (जेडीयू) में हैं.’
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लेटर आते ही बदला माहौललेकिन कुछ देर बाद ही माहौल बदल गया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम से आए लेटर में उन्हें और उनकी पत्नी नीलम सिंह को 6 साल के लिए जेडीयू से निकाल दिया गया. इतना ही नहीं, कहा गया कि स्पीकर से सिफारिश की जाएगी कि उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द हो जाए.
इसके बाद उनके घर का सीन कुछ और हो गया. वहां सन्नाटा पसर गया. अनंत सिंह ने मीडिया से बात करने से भी मना कर दिया. उधर पार्टी के बड़े नेताओं नीतीश कुमार या ललन सिंह की ओर से भी अभी तक इस पर कुछ नहीं कहा गया है.
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