श्रीलंका (Sri Lanka) को अपनी सरजमीं पर भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीते, काफी वक्त बीत चुका है. श्रीलंका की मौजूदा टीम इस इंतजार को खत्म कर सकती है. हालिया रिकॉर्ड्स देखें तो घर पर इस टीम का रिकॉर्ड काफी अच्छा है. उसने अपनी धरती पर पिछली 3 टेस्ट सीरीज में से दो जीती हैं. ऐसे में इस बार टीम इंडिया (Team India) के लिए श्रीलंका टूर आसान नहीं होगा. श्रीलंका की टीम में ऐसे कुछ प्लेयर हैं, जो कोच गौतम गंभीर को सिरदर्द दे सकते हैं.
18 साल से श्रीलंका को इंतजार, कोच गंभीर के लिए सिरदर्द बन सकते हैं ये दो प्लेयर्स
श्रीलंका को अपनी धरती पर भारत से टेस्ट सीरीज जीते काफी वक्त बीत चुका है. मेजबान टीम ने 2008 में अपनी सजमीं पर भारत से आखिरी बार टेस्ट सीरीज जीती था. करीब दो दशक बाद श्रीलंका की टीम इतिहास दोहराना चाहेगी.

श्रीलंका ने अपनी सरजमी पर भारत के खिलाफ 18 साल पहले टेस्ट सीरीज जीती थी. ये सीरीज साल 2008 में हुई थी. तब श्रीलंका ने अपनी धरती पर भारत को 3 मैचों की सीरीज में 2-1 से हराया था.
2008 की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम ने अजंता मेंडिस और मुरलीधरन के आगे सिरेंडर कर दिया था. इन दोनों स्पिनर्स के आगे टीम इंडिया की बैटिंग स्ट्र्रगल करती नजर आई. वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और वीवीएस लक्ष्मण को छोड़ें दें, तो बाकी बैटर्स कुछ खास नहीं कर पाए.
इस सीरीज में सहवाग ने भारत के लिए सबसे ज्यादा 344 रन बनाए थे. गौतम गभीर दूसरे नंबर पर रहे. उनके बल्ले से 310 रन निकले. जबकि, वीवीएस लक्ष्मण ने 229 रन स्कोर किए थे. इन बैटर्स के अलावा, सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर जैसे बैटर्स 100 रनों का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाए थे. गांगुली ने 3 टेस्ट मैचों में 96 रन, और सचिन ने इतने ही मैचों में 95 रन बनाए थे.
इस सीरीज में अजंता मेंडिस और मुथैया मुरलीधरन ने कातिलाना बॉलिंग की थी. मेंडिस ने सबसे ज्यादा 26 विकेट लिए थे. 117 रनों पर 6 विकेट आउट करना उनकी बेस्ट परफॉर्मेंस थी. मुरलीधरन ने भी अपनी बॉलिंग से कहर बरपाया. वह सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे बॉलर रहे. मुरलीधरन ने 21 विकेट लिए थे. 26 रन पर 6 विकेट आउट करना उनका बेस्ट प्रदर्शन था.
पिछली 3 सीरीज से भारत का दबदबा कायम2008 के बाद से टीम इंडिया ने श्रीलंका में 3 टेस्ट सीरीज खेली हैं. इस दौरान मेजबान टीम एक भी सीरीज नहीं जीत पाई. 2010 में 2 मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर रही. 2015 में भारत ने 3 टेस्ट मैचों की सीरीज में श्रीलंका को 2-1 से हराया. जबकि, 2017 में भारत ने 3 मैचों की सीरीज में श्रीलंका को उसके ही घर में 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया था.
भारत की टीम 9 साल बाद श्रीलंका की धरती पर टेस्ट सीरीज खेलेने वाली है. इस बार टेस्ट सीरीज में सीन अलग होगा. भारतीय टीम के पास अनुभवी प्लेयर्स की कमी है. टीम में सिर्फ तीन प्लेयर ऐसे हैं, जो श्रीलंका में पहले टेस्ट मैच खेले हैं. केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के पास श्रीलंका में टेस्ट खेलने का एक्सपीरिएंस हैं. बाकी सभी प्लेयर पहली बार श्रीलंका में खेलेंगे.
श्रीलंका के इन प्लेयर्स से मिलेगी चुनौतीश्रीलंका की टेस्ट टीम में ऐसे कई प्लेयर हैं, जो भारत के लिए सिरदर्द बन सकते हैं. पिछले कुछ समय से टीम इंडिया की कमजोर कड़ी स्पिनर्स को नहीं खेल पाना रही है. बीते साल साउथ अफ्रीका के औसत स्पिनर्स के खिलाफ भारतीय बैटर्स अपने घर में ढेर हो गए थे. श्रीलंका के स्पिनर फॉर्मे में हैं. ऐसे में वे टीम इंडिया के लिए चैलेंजिंग साबित होंगे.
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भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा लेफ्ट आर्म स्पिनर प्रभात जयसूर्या हैं. उन्होंने, WTC 2025-2027 के साइकिल में काफी इम्पैस्ट डाला है. वह इस साइकिल में अब तक 3 टेस्ट में 9 विकेट ले चुके हैं. उनकी बेस्ट परफॉर्मेंस 56 रन पर 5 विकेट आउट करना है. वह अपनी वैरिएशन से इंडियन बॉलर्स को चकमा दे सकते हैं.
मीडियम पेसर रमेश रत्नायके भी फॉर्म मे हैं. उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की इस साइकिल में 3 टेस्ट में 10 विकेट चटकाए हैं. इसके अलावा, भारतीय बैटर्स को असिथा फर्नांडों से भी सतर्क रहना होगा. फर्नांडो WTC 2025-2027 के साइकिल में श्रीलंका के टॉप परफॉर्मर हैं. उन्होंने 4 टेस्ट में 15 विकेट चटकाए हैं.
बल्लेबाजों की बात करें, तो पथुम निसांका, दिनेश चांडीमल और कमिंदु मेंडिस शानदार फॉर्म में हैं. पथुम निसांका ने WTC 2025-2027 में 3 मैचों में 374 रन बनाए हैं. दिनेश चांडीमल 4 टेस्ट में 322 रन स्कोर कर चुकेहैं.जबकि, कमिंदु मेंडिस ने 4 टेस्ट में 269 रन बनाए हैं.
कुल मिलाकर श्रीलंका के इन सभी प्लेयर्स ने अगर मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन किया, तो वे 18 साल बाद भारत के खिलाफ अपनी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीत सकते हैं.
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