जयपुर से एक दिल तोड़ने वाली घटना सामने आई है. एक मां अपने बेटे की मौत के बाद पूरी तरह टूट चुकी है. बार-बार एक ही बात कह रही है कि 'मेरा बेटा वापस ला दो.' वहीं पिता स्तब्ध हैं. शायद उनके आंसू सूख चुके हैं. पर आंखों में दर्द साफ दिख रहा है. वो सवाल कर रहे हैं कि अगर प्रिंस को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो क्या उसकी जान बच सकती थी? दरअसल प्रिंस घर से हंसता खेलता स्कूल गया था लेकिन फिर परिवार उसकी लाश लेकर लौटे.
जयपुर में दर्दनाक हादसा: स्कूल कैंटीन से पेटीज खरीदकर खाई, कुछ ही देर में छात्र की मौत
जयपुर के झोटवाड़ा स्थित स्कूल में 17 साल के प्रिंस सोनी की पेटीज खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई. परिवार ने स्कूल पर अस्पताल पहुंचाने में देरी का आरोप लगाया है. बताया जा रहा है कि प्रिंस ने स्कूल की कैंटीन से पेटीज खरीदा था.

मामला जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराण प्रताप स्कूल का है. यहां 12 अगस्त को हमेशा की तरह 17 साल का प्रिंस सोनी स्कूल आया था. प्रिंस ने लंच में स्कूल कैंटीन से खरीदकर पेटीज खाई. पेटीज खाने के बाद प्रिंस की तबियत बिगड़ने लगी.वह बेहोश होकर गिर पड़ा. उसे स्कूल के एक कमरे में ले जाया गया. इसका एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें प्रिंस को लोग सहारा देकर ले जाते हुए दिख रहे हैं. साथ ही, कुछ लोग उसे हवा करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. इसके बाद प्रिंस को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
परिवार ने क्या बताया?आजतक ने प्रिंस के परिवार से बात की है. मां निर्मला के मुताबिक जब वो घर से निकला, तब पूरी तरह स्वस्थ था. प्रिंस रोज की तरह सुबह उठा और स्कूल जाने की तैयारी की. उस दिन उसने अपनी पसंद का दलिया बनवाया था. दूध के साथ दलिया खाने के बाद करीब 7:30 बजे वह स्कूल के लिए निकला.
सुबह 11 बजे के करीब लंच ब्रेक हुआ. प्रिंस अपने दोस्त यश शर्मा के साथ कैंटीन पहुंचा. दोनों ने कैंटीन से पेटीज ली और खाने लगे. यश के मुताबिक प्रिंस ने आधी पेटीज खाकर छोड़ दी. इसके बाद वह पानी पीने चला गया. लेकिन कुछ ही देर में प्रिंस की हालत बिगड़ने लगी. यश के मुताबिक पेटीज से बदबू आ रही थी. वही खाकर प्रिंस की तबियत बिगड़ी और वो बेहोश हो गया. प्रिंस का परिवार भी पेटीज को लेकर सवाल उठा रहा है.
अस्पताल ले जाने में देरी का आरोपप्रिंस के बेहोश होने और उसे उठाकर ले जाने का वीडियो भी सामने आया है. ये एक सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें प्रिंस की तबीयत बिगड़ने के बाद शिक्षक उसे सहारा देकर ले जा रहे हैं. वहां पर लोगों को प्रिंस को रजिस्टर से हवा करते हुए भी देखा गया है. परिवार का आरोप है कि जब प्रिंस बेहोश हो गया था, तब उसे तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए था.प्रिंस के पिता अमित सोनी के मुताबिक, सुबह करीब 11:14 बजे स्कूल से पहला फोन आया. उन्हें बताया गया कि प्रिंस की तबीयत खराब है.
इसके बाद एक के बाद एक कई बार फोन आया. पिता का कहना है कि आखिरी कॉल में बताया गया कि उनका बेटा बेहोश हो गया है और वह कार लेकर तुरंत स्कूल पहुंचें. अमित सोनी उस समय अपनी दुकान पर थे. स्कूल उनसे काफी दूर था. इसलिए उन्होंने तुरंत पत्नी और एक परिचित को स्कूल भेजा. लेकिन परिवार का आरोप है कि जब तक वे स्कूल पहुंचे, तब तक प्रिंस को अस्पताल नहीं ले जाया गया था. उसे स्कूल में ही लिटा कर रखा गया था.
इस घटना के बाद परिवार स्कूल मैनेजमेंट पर आरोप लगा रहा है. परिवार का यही कहना है कि अगर उनके बच्चे की तबियत खराब थी, तो उसे अस्पताल ले जाना चाहिए था. न कि स्कूल में लिटा कर रखना चाहिए था. इस मामले में संयुक्त अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन ने कहा कि इस मामले में स्कूल कैंटीन की भूमिका की गंभीरता से जांच होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि स्कूल में कैंटीन चलाने की परमिशन, फूड लाइसेंस, खाने की क्वालिटी और सुरक्षा मानकों की जांच की जाए.
(यह भी पढ़ें: स्कूल हॉस्टल में सांप ने कई बच्चियों को काटा, अब तक 3 की मौत)
इस मामले में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है. मामले की जानकारी लेते हुए डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि परिजनों ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया है. इसी के आधार पर मामला दर्ज किया गया है. अब तक मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है. पोस्टमार्टम के बाद ही असली कारण पता चल सकेगा.
वीडियो: जयपुर में रिसॉर्ट गिरने से 3 की मौत, 10 से ज्यादा घायल












