टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में एक ट्रांजिशन फेज से गुजर रही है. नए पेसर्स टीम में आए हैं. स्पिनर्स टीम में आए हैं. यहां तक कि कई यंग बैटर्स भी पिछले दो साल में टीम में आए हैं. कप्तान एक साल पहले बदला है. 3 दिग्गज प्लेयर्स रिटायर हो चुके हैं. जसप्रीत बुमराह की फिटनेस बड़ी समस्या रही है. लेकिन, एक सवाल जो सबसे जरूरी था शायद उसका जवाब अब मिल सकता है. सवाल ये कि इतने सालों से घर पर डोमिनेट करने वाला इंडियन स्पिन अटैक को कब अपना उत्तराधिकारी मिलेगा?
गेंद हवा में घूमी और खेल खत्म! मानव सुथार ने दिखाई 'क्लासिकल' स्पिन की झलक
Ind vs SL Galle Test : टीम इंडिया के यंग स्पिन ऑलराउंडर Manav Suthar गॉल टेस्ट में जीत के स्टार परफॉर्मर रहे. उन्होंने दोनों इनिंग्स मिलाकर 10 विकेट चटकाए. ये अपने आप में रिकॉर्ड है. उनके एक्शन को देख लोगों को टीम इंडिया के क्लासिकल स्पिन एरा की याद आ गई.

शायद इस सवाल का कुछ हद तक जवाब गॉल में मिल गया है. हालांकि, अभी ये दावा करना जल्दबाजी होगी. लेकिन, जिस तरह मानव सुथार ने गॉल में बॉलिंग की. इंडियन टीम मैनेजमेंट को जरूर राहत मिली होगी. साथ ही उन करोड़ों इंडियन फैन्स को भी, जो टीम इंडिया के क्लासिकल स्पिन डोमिनेशन को याद किया करते थे.
मानव एलीट लिस्ट में शामिलमानव ने गॉल की दोनों इनिंग्स मिलाकर 10 विकेट झटके. देश के बाहर ये कारनामा करने वाले वो महज 7वें बॉलर हैं. इस लिस्ट में जितने भी नाम हैं, वो टीम इंडिया के क्लासिकल स्पिन डोमिनेशन वाले दौर का भी हिस्सा रहे हैं. रविचंद्रन अश्विन, बिशन सिंह बेदी, इरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह. ये सिर्फ 6 स्पिनर्स के नाम नहीं हैं. ये वो स्पिनर्स हैं, जिनका डंका पूरी दुनिया में बजता था. मानव ने इस ऐतिहासिक लिस्ट में शुमार होने के लिए महज दो मैच लिए हैं.
गॉल के उनके आंकड़े कहानी का सिर्फ एक ही हिस्सा बताते हैं. वहीं, सुथार की बॉलिंग का तरीका इस किस्से के दूसरे हिस्से को पूरा करता है. मानव ने जिस कंट्रोल से बॉलिंग की. हवा का इस्तेमाल करके ड्रिफ्ट पैदा किया. अपने एक्शन में बदलाव किए बिना पेस वैरी की और लगातार एक ही टिप्पा पर बॉल डालते रहे. ये उनकी क्लास को बयां कर रहा था.
उनमें विकेट्स झटकने की हड़बड़ी नहीं थी. वो सिर्फ प्रेशर बनाने पर फोकस्ड थे. बैटर्स की गलतियों का इंतजार करते थे और आउट करने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे थे. टीम इंडिया के क्लासिकल स्पिन का यही तो आर्ट था. ये गॉल में काफी कारगर भी साबित हुआ.
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वैरिएशंस ने सबको चौंका दियाउनसे पहले, टीम इंडिया ने अक्षर पटेल को आजमाया था. लेकिन, अनोखे एंगल और बॉल के कम टर्न होने की वजह से वो अपनी जगह को रिटेन नहीं कर पाए. लेकिन, सुथार का केस अलग नज़र आ रहा है. उनका राउंड-आर्म एक्शन और ओवरस्पिन पर जोर उन्हें गेंद को टर्न कराने के साथ-साथ डिप और बाउंस हासिल करने में भी मदद करता है. आर्म बॉल पर निर्भर रहने के बजाय, सुथार की स्टॉक डिलीवरी ही अनिश्चितता पैदा करती है. यही तो क्लासिकल स्पिन है.
ये बात गॉल में पहली ही गेंद से साफ हो गई थी. पहली इनिंग्स में सुथार ने जिस बॉल पर दिनेश चांदीमल का विकेट झटका. वो बॉल गेंद ड्रिफ्ट हुई, टर्न हुई और तेजी से उछली. चांदीमल ने बल्ला लगाया और गेंद विकेटकीपर पंत के पास चली गई. दूसरी पारी में उनके स्पेल ने उनकी वैरिएशंस को दिखाया.
पथुम सूरियाबंदारा LBW आउट हुए. लाहिरू उदारा गली में लपके गए. सोनल दिनुशा लेग स्लिप पर कैच आउट हुए. लाहिरू कुमारा का कैच विकेटकीपर पंत ने पकड़ा. प्रभात जयसूर्या और केशरा नुवंथा बोल्ड हो गए. छह विकेट. आउट करने के पांच अलग-अलग तरीके. यह वैरिएशंस कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह उनका टैलेंट है.
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केएल राहुल ने सुथार को लेकर क्या कहा?टीम के उपकप्तान केएल राहुल ने भी सुथार की खूब तारीफ की. उन्होंने बताया कि मानव की बॉलिंग की क्या खासियत रही. उनके मुताबिक, मानव बिना एक्शन बदले पेस वैरी कर सकते हैं. इसके कारण बैटर्स को उनको समझना बहुत मुश्किल हो जाता है. राहुल ने कहा,
वो एक ही एक्शन और एक ही एंगल से वैरिएशंस करते हैं. वो अपनी आर्म स्पीड बदले बिना ही गेंद को धीमा या तेज फेंक सकते हैं.
सुथार ने गॉल की परिस्थितियों का भी समझदारी से इस्तेमाल किया. राहुल ने बताया कि वो हवा का फायदा उठाकर गेंद को ड्रिफ्ट कराते थे. फिर उसे सीधा या अंदर की ओर लाते थे. राहुल ने आगे कहा,
जब एक तरफ से हवा चल रही थी, तो उन्होंने उस ड्रिफ्ट का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया. वहां से गेंद सीधी हुई या अंदर आई. वो भारत में भी हमेशा ऐसा ही करते रहे हैं.
सुथार एक ही टिप्पे पर बॉल डालते रहते हैं. साथ ही स्पीड में थोड़े-थोड़े बदलाव करते हैं. इससे बैटर्स को यह अंदाजा नहीं लग पाता कि अगली गेंद कैसी होगी.
10 गेंदों में झटके 4 विकेटमानव सुथार ने दूसरी इनिंग्स में 6 विकेट झटके. कमाल की बात ये है कि इनमें से 4 विकेट्स उन्होंने महज 10 बॉल के अंतराल में झटक लिया. छठा विकेट गिरने के बाद श्रीलंका की 43 रनों की पार्टनरशिप हो गई थी. सुथार इसके बाद श्रीलंकाई बैटर्स पर कहर बनकर बरपे. पहले एक ही ओवर में उन्होंने सेट सोनल दिनुशा, प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा को आउट किया. फिर अपने अगले ओवर में नुवान्था का विकेट झटककर मैच भारत की झोली में डाल दी. ये सिर्फ टर्न के कारण नहीं हुआ. इसका मतलब साफ है कि वो ये एंटीसिपेट कर ले रहे थे कि बैटर अब क्या करने वाला है.
हालांकि, सिर्फ मैच में अच्छे प्रदर्शन को देख कोई भी दावा करना जल्दबाजी होगी. लेकिन, ये भी सच है कि सुथार के 10 विकेट लेने के कारनामे ने टीम इंडिया में एक नया भरोसा जरूर जगा दिया है. भरोसा ये कि वो मुश्किल पिचों पर अपनी बॉलिंग से मैच का रुख पलट सकते हैं. सुथार के इस स्पैल ने पूरे देश को क्लासिकल स्पिन की याद जरूर दिला दी है.
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