Source- BCCIइस मैच में हरियाणा रणजी टीम का एक खिलाड़ी भी खेलने उतरा. जयंत यादव नाम था. उस रोज़ उसका वन डे में डेब्यू था. इस मैच के लिए उसे हार्दिक पंड्या की जगह टीम में लिया गया था. दाहिने हाथ के इस ऑफ स्पिनर को सहवाग ने वनडे टीम की कैप पहनाई..

लेकिन जयंत यादव चाह रहे थे . उनकी पीठ पर एक नहीं दो मांओं के नाम हों. इसके पीछे एक कहानी है. जयंत की जैविक मां का नाम लक्ष्मी था. और यही नाम उनकी शर्ट पर लिखा गया था. एक प्लेन क्रैश में 17 साल पहले उनकी मौत हो गई थी. उनकी दूसरी मां ज्योति यादव ने उनको पाला है. उन्होंने ही जयंत को हमेशा संभाला, सपोर्ट किया, आगे बढ़ाया. टीम की जर्सी में लक्ष्मी का नाम था, वो चाहते थे ज्योति का भी नाम हो. वो आज जहां भी हैं, अपनी अचीवमेंट्स के पीछे ज्योति का हाथ भी उतना ही मानते हैं.
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मैच के बाद जयंत ने कहा वो चाहते थे. उनकी दोनों मांओं का नाम उनकी टी-शर्ट पर हो लेकिन कुछ कारणों से ऐसा नहीं हुआ. लेकिन भले आपका नाम शर्ट पर न लिखा हो लेकिन आप मेरे दिल में रहती हैं.
26 साल के इस खिलाड़ी ने अपने डेब्यू मैच में 24 गेंदें फेंकी, 8 रन दिए और एक विकेट झटका. 42 फर्स्ट क्लास मैचों में उनके नाम 117 विकेट हैं.











