सिर्फ 6 महीने में 23 लोगों को मौत की सजा सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर का तबादला फैमिली कोर्ट में हो गया है. अधिकारियों ने रविवार, 25 अक्टूबर को बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें मुजफ्फरनगर फैमिली कोर्ट में भेजा गया है. वो यहां अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश (Additional Principal Judge) के पद पर काम करेंगे. जज रवि कुमार दिवाकर ने इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच 11 मामलों में 23 लोगों को मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद हत्या और गंभीर अपराधों से जुड़े 97 केसों को उनकी अदालत से ट्रांसफर कर दिया गया था. इस पर जज रवि दिवाकर ने नाराजगी भी जताई थी.
6 महीने में 23 को मौत की सजा देने वाले जज का तबादला, अब फैमिली कोर्ट में तैनाती
अप्रैल से सितंबर के बीच 11 मामलों में 23 लोगों को मौत की सजा सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर का इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर मुजफ्फरनगर फैमिली कोर्ट में तबादला कर दिया गया है.

17 सितंबर को जज रवि कुमार दिवाकर ने एक मामले की सुनवाई के दौरान 35 पन्नों के फैसले में अपना दर्द जाहिर किया था. इसके तकरीबन आधे भाग में उन्होंने अपने साथ हुए कथित ‘अन्याय’ के बारे में टिप्पणी की और कहा कि जो मामले उनसे वापस लिए गए थे, उनमें हत्या के गंभीर आरोपों वाले ऐसे केस थे जिनकी सुनवाई आधी हो चुकी थी. बिना कोई कारण बताए और जिला जज के रिटायर होने से सिर्फ 13 दिन पहले उन्हें वापस ले लिया गया. रवि दिवाकर ने सवाल उठाया कि जज का काम न्याय करना है और अगर उसी जज के साथ अन्याय हो तो वह कहां जाएगा?
कौन हैं रवि कुमार दिवाकर?46 साल के जज रवि कुमार दिवाकर अपने कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं. वह लखनऊ के रहने वाले हैं. उन्होंने 2009 में आजमगढ़ में एडिशनल सिविल जज के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. इसके बाद मई 2015 में उन्हें सुल्तानपुर में सिविल जज बनाया गया. लगभग पांच महीने बाद वह ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर प्रमोट हुए. उनके पास BCom और LLM की डिग्री है. जज दिवाकर नवंबर 2025 से मुजफ्फरनगर में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के तौर पर काम कर रहे थे.
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