वडोदरा में 25 अक्टूबर को इंडियन विमेंस टीम का भौकाल रहा. टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को दूसरे ODI में बुरी तरह धो डाला. इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली. मुकाबले में टीम इंडिया की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur Century) ने रिकॉर्ड सेंचुरी लगाई. लेकिन, एक प्लेयर जिसने सबसे ज्यादा इंप्रेस किया. वो थीं ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma Century). उन्होंने भी नाबाद 106 रन बनाए.
3450 दिन बाद दीप्ति ने ठोका ODI शतक! अंतिम बार 19 साल की उम्र में लगाई थी सेंचुरी
IndW vs ZimW : टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को दूसरे ODI में हराकर सीरीज जीत ली है. इस दौरान Deepti Sharma ने 9 साल 5 महीने बाद अपना दूसरा ODI शतक जड़ा. वो 106 रन बनाकर नाबाद रहीं. उनके अलावा, पूर्व कप्तान Harmanpreet Kaur ने भी सेंचुरी ठोकी.

ये उनके ODI करियर का दूसरा शतक है. मजे की बात ये है कि इस शतक के लिए दीप्ति को पूरे 9 साल और 5 महीने का इंतजार करना पड़ा. भारतीय ऑलराउंडर का ये शतक पूरे 3450 दिन बाद आया है. इससे पहले, उन्होंने 15 मई 2017 को अपनी पहली ODI सेंचुरी लगाई थी. तब साउथ अफ्रीका के पोचेफस्ट्रूम में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 188 रनों की कमाल की पारी खेली थी.
गैप के मामले में टॉप पर हैं कैपदीप्ति की इन दो ODI सेंचुरी के बीच एक लंबा गैप है. इस फॉर्मेट के इतिहास में किसी भी बैटर के लिए ये दूसरा सबसे बड़ा अंतर है. इस मामले में नंबर वन पर साउथ अफ्रीका की मारिजाने कैप हैं. उनके पहले और दूसरे ODI शतक के बीच 3867 दिनों का अंतर था. कैप ने ये शतक 2013 और 2023 में जड़े थे. वहीं, विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें, तो टेस्ट और ODI मिलाकर भी दीप्ति दूसरे नंबर पर आती हैं. क्योंकि मौली हाइड ने अपने दो टेस्ट शतकों (1935 और 1949) के बीच 5,117 दिनों का लंबा इंतजार किया था.
दीप्ति ने अपना पहला वनडे शतक बहुत ही छोटी उम्र में ठोक दिया था. तब वो महज 19 साल की थीं. पूनम राउत के साथ ओपनिंग करते हुए उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 160 गेंदों में 188 रन बनाए थे. उस पारी में उनके बल्ले से 27 चौके और दो छक्के निकले थे. दोनों के बीच तब 320 रनों की रिकॉर्ड ओपनिंग पार्टनरशिप हुई थी. भारत ने बोर्ड पर 358 रन लगाए थे और 249 रनों से मैच जीत लिया था.
दबाव में दीप्ति की ताबड़तोड़ बैटिंगअब वापस आते हैं रविवार के मैच पर. यहां दीप्ति ने एक और यादगार पारी खेली. लेकिन इस बार भूमिका अलग थी. वो लोअर-मिडल ऑर्डर में बैटिंग करने उतरी थीं. भारत के शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए थे. इसके बाद, कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने मोर्चा संभाला. दोनों ने मिलकर 153 रनों की बेहद अहम साझेदारी की. कप्तान हरमनप्रीत ने भी इस मैच में शानदार शतक जमाया. इस पार्टनरशिप के दम पर भारत एक मजबूत स्थिति में पहुंच गया.
दीप्ति शुरुआत से ही आक्रामक दिखीं. उन्होंने कमाल का स्वीप शॉट खेलकर चौका जड़ा और सिर्फ 37 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. इसके बाद भी जिम्बाब्वे के बॉलर्स की शामत जारी रही. खासकर स्पिनर्स के खिलाफ दीप्ति के स्वीप शॉट्स ने खूब कहर बरपाया. उन्होंने ऑफ साइड में भी बढ़िया गैप तलाशे और रन बनाने के लिए अपने पैरों का शानदार इस्तेमाल किया.
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पारी का आखिरी ओवर चल रहा था. सामने तेंडाई मकुशा बॉलिंग कर रही थीं. दीप्ति ने गेंद को स्वीप कर बाउंड्री पार कराया और 83 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया. शतक पूरा होते ही उन्होंने खुशी से हवा में बाहें उठा दीं. डगआउट में बैठी साथी खिलाड़ियों ने भी खड़े होकर तालियां बजाईं और उनका स्वागत किया. दीप्ति 86 गेंदों में 15 बाउंड्री की मदद से 106 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटीं.
ये शतक कई मायनों में ऐतिहासिक रहा. दीप्ति अब नंबर 6 या उससे नीचे बैटिंग करते हुए ODI सेंचुरी लगाने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. उन्होंने ऋचा घोष के 94 रनों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है. दीप्ति और हरमनप्रीत के इन शानदार शतकों की बदौलत भारत ने 6 विकेट के नुकसान पर 328 रनों का पहाड़ सा स्कोर खड़ा कर दिया.
मैच में क्या हुआ?टीम इंडिया ने मैच और सीरीज दोनों अपनी मुट्ठी में कर लिए. जबरदस्त बैटिंग के बाद भारतीय बॉलर्स का भी जलवा रहा. वैष्णवी शर्मा ने टीम में शानदार वापसी की. उन्होंने बेहतरीन बॉलिंग करते हुए चार अहम विकेट चटकाए. इसमें बवेड बिजा और मिशेल मवुंगा के बड़े विकेट भी शामिल थे. 329 रनों के भारी-भरकम टारगेट का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम लगातार दबाव में दिखी.
हालांकि, उनकी शुरुआत ठीक-ठाक रही. मोडेस्टर मुपाचिकवा क्रीज पर कुछ हद तक सेट लग रही थीं. लेकिन उनके आउट होने के बाद टीम संघर्ष करती नजर आई. विकेट लगातार गिरते रहे और टारगेट दूर होता गया. आखिरकार पूरी जिम्बाब्वे की टीम 207 रनों पर ढेर हो गई. भारत ने एकतरफा अंदाज में ये मुकाबला जीत लिया. अब सीरीज का आखिरी मुकाबला 28 अक्टूबर को वडोदरा में ही खेला जाएगा.
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