तमाम बाधाओं को पार कर कॉमनवेल्थ गेम्स 2022(Commonwealth Games 2022) के लिए बर्मिंघम पहुंचे भारत के तेजस्विन शंकर(Tejaswin Shankar) ने कमाल कर दिखाया है. शंकर ने बुधवार, 3 अगस्त को मेंस हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. शंकर CWG की हाई जंप में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं. इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स में इन एथलेटिक्स में मिला यह पहला मेडल है.
CWG 2022 : कोर्ट में लड़ाई लड़कर 3 दिन पहले बर्मिंघम पहुंचे इस एथलीट ने धागा खोलकर रख दिया!
शंकर ने बुधवार, 3 अगस्त को मेंस हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा.


नेशनल रिकॉर्ड होल्डर शंकर ने 2.22 मीटर की कूद लगाकर मेडल हासिल किया. भारतीय एथलीट ने 2.22 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया. बहामास के डोनाल्ड थॉमस और इंग्लैंड के जोएल क्लार्क ने भी 2.22 मीटर की दूरी तय की, लेकिन उन्हें ऐसा करने के लिए एक से ज्यादा प्रयास किया. जबकि शंकर ने अपने पहले ही अटेम्प्ट में यह मुकाम हासिल किया, जिस वजह से उन्हें यह मेडल मिला.
ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने के बाद तेजस्विनी ने अपने प्रदर्शन को लेकर खुशी जाहिर हुए सबका शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा,
# तेजस्विन ने लड़ी लंबी लड़ाई“मैं बहुत खुश हूं कि मैंने मेडल हासिल किया और एथलेटिक्स में भारत को पहला मेडल दिलाया. मैं उन सभी का शुक्रिया का अदा करता हूं जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मुझे मौका दिया. यहां ब्रॉन्ज हासिल करना एक सपने के सच होने जैसा है और मुझे खुशी है कि अपने साथ कुछ घर वापस लेकर जाऊंगा.”
तेजस्विन शंकर के लिए हालांकि ये सफर इतना आसान नहीं रहा. तेजस्विन को शुरुआत में कॉमनवेल्थ गेम्स के लिये चुनी गये भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल नहीं किया गया था. एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा निर्धारित एलिजिबिलिटी स्टैंडर्ड हासिल करने के बावजूद उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई थी. अमेरिका में प्रैक्टिस कर रहे तेजस्विन शंकर को भारतीय टीम से इसलिए बाहर कर दिया था, क्योंकि उन्होंने भारत की नेशनल इंटर स्टेट मीट में भाग नहीं लिया था. इसके बाद उन्होंने इस फैसले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
लगभग एक महीने की लंबी लड़ाई के बाद उनको जीत मिली और दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर तेजस्विन को राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने की मंजूरी मिल गई. तेजस्विन को भारतीय स्क्वॉड में घायल एथलीट अरोकिया राजीव के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया. हालांकि, इसके बाद भी उनके लिए मुश्किलें कम नहीं हुई. कॉमनवेल्थ गेम्स के ऑर्गेनाइजर्स ने तेजस्विन को इस इवेंट देर से भारतीय दल में शामिल किए जाने से मना कर दिया. हालांकि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अनुरोध पर राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने तेजस्विन बर्मिंघम खेलों में भाग लेने की अनुमति दे दी. तेजस्विन अपने इवेंट से महज़ तीन दिन पहले ही बर्मिंघम पहुंचे और उन्होंने मेडल जीत एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के शुरुआती फैसले को गलत साबित कर दिया.
2.22 मीटर की कूद लगाने वाले तेजस्विन अपने पर्सनल बेस्ट से थोड़ा पीछे रह गए. 23 साल के तेजस्विन शंकर का सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2.27 मीटर और पर्सनल बेस्ट 2.29 मीटर है. इस इवेंट में न्यूजीलैंड के हामिश केर को गोल्ड और ऑस्ट्रेलिया के ब्रेंडन स्टार्क को सिल्वर मेडल मिला.
बैडमिंटन में गोल्ड जीतने से कैसे चूक गया भारत?




















