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क्रिस गेल की वो पारी, जिसका रिकॉर्ड सात सालों से कोई नहीं तोड़ पाया है

उस दिन बेंगलुरू में एक तूफान आया था.

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क्रिस गेल उस इनिंग्स से पहले वाली रात में एक मिनट के लिए भी नहीं सो पाए थे.
फ्लैशबैक देखिए. एरोन फिंच. फिलहाल लिमिटेड ओवर्स की क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया का कैप्टन. मगर उस बरस तीसरे और आखिरी बरस को जी रही पुणे वॉरियर्स टीम का कैप्टन. आईपीएल में. कप्तान बांह चढ़ा रहा था. आठवें ओवर के लिए. सात ओवर में 80 रन बन चुके थे. बॉलर किस्मत को ओखली में कुटते देख रहे थे. फिंच ने आठवें के लिए युवराज सिंह की तरफ देखा.
युवी युवी युवी, ओह बॉय, यू कान्ट बी देयर अगेन. लेकिन 2011 के वर्ल्ड कप को दो बरस बीत चुके थे. युवराज ने नजर घुमा ली. और तब फिंच खुद बॉलिंग को आए.

1,6,6,4,6,6

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योग, 29. और इस योग को साधने वाला योगी, क्रिस्टोफर हेनरी गेल. क्रिस गेल.

टीजर देखा, फिल्म कैसी थी?
ये टीजर था. पूरी फिल्म में क्या था?

आईपीएल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर - 175.

आईपीएल की सबसे तेज सेंचुरी - 30 गेंद.

आईपीएल की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के - 17.

आईपीएल में किसी टीम का सबसे ज्यादा स्कोर - 263 रन.

ये उस दिन की कहानी है. क्रिस गेल के क्रिकेट के लप्पेबाजी संस्करण के मिथक में एक अध्याय जुड़ने की भी कहानी.

पहला अध्याय शुरू होता है
दिन शुरू हुआ तो उसके हिस्से नाम आया मंगलवार. अंकों में कहें तो 23 अप्रैल, 2013. जगह, बेंगलुरू का मंगलम चिन्नास्वामी स्टेडियम. 70 के दशक के आखिर में बीसीसीआई के प्रेसिडेंट रहे मंगलम चिन्नास्वामी मुदलियार के नाम पर.
फिंच ने उस ओवर से पहले तीन ओवर फेंके थे. दो विकेट भी लिए. लेकिन उस ओवर के बाद आईपीएल में दोबारा बॉलिंग नहीं की.
फिंच ने उस ओवर से पहले तीन ओवर फेंके थे. दो विकेट भी लिए. लेकिन उस ओवर के बाद आईपीएल में दोबारा बॉलिंग नहीं की.

 पुणे वॉरियर्स लगातार तीसरे सीजन में खराब खेल रही थी. तभी आया ये मैच नंबर 31. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ. पुणे की टीम ने टॉस जीत कोहली की सेना को पहले खेलने का न्योता दिया. ओपनिंग के लिए उतरे दिलशान और गेल.
पहले ओवर में भुवनेश्वर कुमार ने गेल को बांधकर रखा. लेकिन कब तक? दूसरा ओवर ईश्वर पांडे लेकर आए. ओवर की पहली दो गेंदों को गेल ने ऑफ साइड में बाउंड्री के पार भेज दिया. और तभी बारिश आ गई. आधे घंटे के लिए मैच रुक गया.
फुहार और फिर गरज-बरस 
बारिश के दौरान गेल अपने हमवतन रवि रामपॉल से कह रहे थे, 
"ये पिच बहुत ही प्यारी है. हमें मैच जीतने के लिए कम-से-कम 180 तो बनाने ही होंगे." 
गेल को मालूम नहीं था कि जितने रन उन्होंने टीम के लिए सोच रखे हैं, लगभग उतने ही वो खुद बना डालेंगे.
गेल टीम के लिए 180 का टारगेट सोच रहे थे. लेकिन अकेले ही कमाल कर बैठे.
गेल टीम के लिए 180 का टारगेट सोच रहे थे. लेकिन अकेले ही कमाल कर बैठे.

बारिश रुकी, फिर गेल बरसे. 17 गेंदों में पचासा ठोंका. आलम ये था कि जब बैंगलोर के 80 रन हुए, गेल 67 रन बना चुके थे. आठवां ओवर फेंकने के लिए कप्तान ऐरॉन फिंच को खुद आना पड़ा. फिंच के लिए राहत की एकमात्र बात ये थी कि सामने दिलशान थे. लेकिन ये समीकरण भी अगली ही गेंद पर बदल गया. दिलशान के सिंगल लेने के बाद गेल सामने क्रीज़ पर थे और फिंच के कोटे की कम से कम 5 गेंदें बची हुई थीं. इन पांच गेंदों में 4 छक्के और मात्र 1 चौका आया. ओवर में कुल 29 रन.
एरोन फिंच लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान हैं. वे इस साल के आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की तरफ से खेलते दिखाई देंगे.
एरोन फिंच लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान हैं. वे इस साल के आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की तरफ से खेलते दिखाई देंगे.

फिंच ने इस ओवर के बाद आज तक आईपीएल में एक भी गेंद नहीं फेंकी है. मज़ेदार बात ये है कि फिंच इस साल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की तरफ़ से ही खेलेंगे.
हम रहिते कहां हैं!
इस पूरी बैटिंग के दौरान पुणे वॉरियर्स का एक सिपहसलार गेल के ताप से बचा हुआ था. भुवनेश्वर कुमार. भुवी ने अपने कोटे के 4 ओवर फेंके और मात्र 23 रन दिए. ये अपने आप में एक उपलब्धि से कम कुछ भी नहीं है.
इनिंग्स ख़तम होने के बाद भुवनेश्वर ने कहा था,
"जब गेल इस तरह की बैटिंग करते हैं, कोई भी गेंदबाज बॉलिंग नहीं करना चाहता."
इनिंग्स बस आधे पर ही पहुंची थी कि मालूम पड़ा क्रिस गेल ने सेंचुरी मार दी है. नौवें ओवर की पांचवीं गेंद नो बॉल हुई. दिलशान ने सिंगल लेकर फ़्री हिट क्रिस गेल को दे दी जो कि हर बॉल को फ़्री हिट की मार्फ़त खेल रहे थे. गेल का स्कोर था 96 रन. डिंडा ने भी अकल लगायी और यॉर्कर के लिए गए. गेल यॉर्कर गेंदों पर पस्त होते रहे हैं. 
अशोक डिंडा की गेंद पर गेल ने अपना शतक पूरा किया था.
अशोक डिंडा की गेंद पर गेल ने अपना शतक पूरा किया था.

चूंकि ये नो बॉल थी इसलिए कम से कम रन खाने से तो बचा ही जा सकता था. डिंडा यहीं पर ग़लती कर बैठे. अब कफ़ारा क्या होगा? डिंडा का दांव उल्टा तब पड़ गया जब यॉर्कर फ़ुल टॉस में बदल गई. गेंद चिन्नास्वामी की छत पर जा टकराई. गेंद के साथ-साथ छत का एक टुकड़ा भी नीचे गिरा. अंपायर्स दोनों हाथ उठाने के आदी हो चुके थे. शम्सुद्दीन ने वही किया.
इसके बाद एक जानी-पहचानी तस्वीर देखने को मिली. ज़मीन पर घुटने टिकाए, चेहरे पर बेशुमार शांति लपेटे हुए आसन में रत साधु. गेल के एक हाथ में बल्ला और दूसरे में हेलमेट था. वो शांति जो तूफान के बाद आती है. चिन्नास्वामी में आवारा शोर था. जिसका बेस गेल ने पहले से ही बढ़ा रखा था.
नतीजा क्या निकला?
आईपीएल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड आज भी यूनिवर्सल बॉस के नाम पर है. जब बेंगलुरू के ओवर्स खत्म हुए, टीम का स्कोर 5 विकेट गंवाकर 263 रन था. गेल 66 गेंदों पर 175 रन बनाकर नाबाद लौटे. 13 चौके और 17 छक्कों की मदद से. IPL में सबसे बड़ी पारी खेलने का ब्रेंडन मैकुलम का रिकॉर्ड वहीं पर ढेर हो गया था. मैकुलम ने आईपीएल के पहले सीजन के पहले मैच में अकेले 158 रन मारे थे. गेल का 175 रनों का रिकॉर्ड सात बरस से अटूट बना हुआ है. कोई इसके आस-पास भी नहीं पहुंच पाया है.
डिविलियर्स ने भी बहती गंगा में हाथ धोए. उनका स्ट्राइक रेट क्रिस गेल से बहुत आगे था.
डिविलियर्स ने भी बहती गंगा में हाथ धोए. उनका स्ट्राइक रेट क्रिस गेल से बहुत आगे था.

तो फिर मैच का नतीजा क्या रहा. पुणे की टीम 133 रन बना पाई. बेंगलुरू 130 रन से जीत गया. बॉलर्स वाली लिस्ट में भी क्रिस गेल चौधरी थे. पांच रन देकर दो विकेट लिए थे उन्होंने.
गेल की पारी स्ट्राइक रेट के लिहाज से उस मैच की बेस्ट पारी नहीं थी. ये काम उनके टीममेट एबी डिविलियर्स ने किया. गेल 265 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे थे, डिविलियर्स 380 के स्ट्राइक रेट से. और यहां टी 20 के कम से कम 30 रन वाले पैमाने को भी अप्लाई कर रहे हैं. एबी ने 8 गेंद में 31 रन ठोंके.
अंदर की बात
एक अंदर की बात बताता हूं. इस मैच के एक रात पहले गेल को नींद नहीं आई. उन्हें वैसे भी कम नींद की समस्या थी. गेल रात भर अपने कमरे में प्लेस्टेशन पर गेम खेलते रहे. सुबह 7 बजे सोने गए और इसलिए मैच डे की प्रैक्टिस भी मिस की. मगर जब मैच हुआ तो कुछ भी मिसिंग नहीं था.
क्रिस गेल ने अपनी आत्मकथा में इस घटना का ज़िक्र किया है.
Chris Gayle ने अपनी आत्मकथा में इस घटना का ज़िक्र किया है.

इस पारी के बारे में क्रिस गेल, आत्मकथा ‘सिक्स मशीन: आई डोंट लाइक क्रिकेट.. आई लव इट’ में लिखते हैं,
“उस दिन मैं आसानी से 200 रन बना सकता था. बहुत ही आसानी से. क्योंकि आप सेट बैट्समैन को स्ट्राइक पर रखने की कोशिश करते हैं. लेकिन जो भी नया बैट्समैन आया, उसने लंबे-लंबे शॉट्स लगाने की कोशिश की और मुझे स्ट्राइक मिली ही नहीं.”
शुक्रगुज़ार
मैच के बाद प्रजेंटेशन सेरेमनी में गेल के सेनानायक विराट कोहली ने कहा,
“मेरे पास शब्द नहीं है. इस मैच को देख रहे हर एक व्यक्ति को शुक्रगुज़ार होना चाहिए कि उन्हें ऐसा लाजवाब बैटिंग का गवाह बनने का मौका मिला.”
सच में. वो बैटिंग ऐसी ही थी.


66 गेंदों पर 175 रन पीटने वाले क्रिस गेल को किस बात की कसक थी?

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